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Guru Purnima 2020: पांच जुलाई को गुरु पूजा का पर्व, पढ़िए क्यों मनाई जाती है गुरु पूर्णिमा

Fri, 03 Jul 2020 06:04 PM IST
मेरठ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: मेरठ ब्यूरो Updated Fri, 03 Jul 2020 06:04 PM IST
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guru purnima 2020: Guru Purnima is a festival to show respect to the Guru
फाइल फोटो - फोटो : सोशल मीडिया

आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को गुरु के प्रति आदर सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त कर गुरु पूर्णिमा के रूप में मनाते हैं। भारतीय संस्कृति में गुरु को देव तुल्य माना गया है। गुरु को ब्रह्मा, विष्णु और महेश के समान पूज्य माना गया है। इस साल यह पर्व पांच जुलाई को मनाया जाएगा।

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गुरु पूर्णिमा पर्व देश में युगों-युगों से मनाया जा रहा है। इस दिन बहुत से लोग अपने गुरु स्थान, दिवंगत गुरु अथवा ब्रह्मलीन संतों की समाधि पर जाकर उनकी विधिवत पूजा करते हैं। जिस किसी के अपने गुरु या कोई आध्यात्मिक गुरु नहीं हैं वे अपने शिक्षक आदि को वंदन कर उपहार भेंटकर आशीर्वाद लेते हैं।
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महर्षि वेदव्यास को समर्पित है पर्व
वेद, उपनिषद और पुराणों का प्रचलन करने वाले महर्षि वेदव्यास जी को समस्त मानव जाति का गुरु माना जाता है। महर्षि वेदव्यास जी का जन्म आषाढ़ पूर्णिमा को करीब तीन हजार ईसा पूर्व में हुआ था। उनके सम्मान में ही हर वर्ष गुरु पूर्णिमा मनाई जाती है।
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शिव है सबसे पहले गुरु
पुराणों के अनुसार भगवान शिव सबसे पहले गुरु माने जाते हैं। आचार्य संजय त्रिपाठी ने बताया शनि और परशुराम जी इनके दो शिष्य हैं। शिव ने ही धरती पर सबसे पहले सभ्यता और धर्म का प्रचार-प्रसार किया था। इसीलिए उन्हें आदिदेव और आदि गुरु भी कहा जाता है। शिव को आदिनाथ भी कहा जाता है।

बड़ों का सम्मान करें
इस दिन केवल गुरु ही नहीं अपितु परिवार में जो भी बड़ा है अर्थात माता-पिता, दादा-दादी को भी गुरु तुल्य ही पूजना चाहिए। प्रथम ज्ञान हर व्यक्ति को माता-पिता या परिवार के वरिष्ठजनों से प्राप्त होता है। पंडित चंडी प्रसाद जी ने बताया कि गुरु आत्मा-परमात्मा के मध्य का संबंध होता है। गुरु से जुड़कर ही जीव अपनी समस्त प्रकार की जिज्ञासाओं को शांत करने में सक्षम हो पाता है। वास्तव में तो हम जो भी कुछ किसी व्यक्ति से सीखते हैं वहीं हमारा गुरु तुल्य हो जाता है। हमें ऐसे सत्पात्र का भी सम्मान अवश्य करना चाहिए जिनसे हमने कुछ भी ज्ञानवर्द्धक जानकारी प्राप्त की है।

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