GST बना सिर दर्द, व्यापारी कैसे करें व्यापार, 16 माह बाद भी समस्याएं अपार
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वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) लागू हुए करीब 16 माह हो चुके हैं, मगर अभी भी जीएसटी पूरी तरह से आबाद नहीं हो सका है। हालात यह हैं कि अभी भी रिटर्न फाइल करने के दौरान जीएसटी पोर्टल हांफने लगता है, जिस कारण सैकड़ों व्यापारियों को पेनाल्टी देनी पड़ती है। इसी तरह व्यापारियों का करोड़ों रुपये रिफंड अटका हुआ है। ईवे बिल नहीं होने पर टैक्स के अलावा 100 प्रतिशत पेनाल्टी लेने से भी व्यापारी खफा हैं। वह चाहते हैं कि ऐेसी स्थिति में उन्हें सिर्फ टैक्स देना पड़े।
व्यापारी बताते हैं कि जीएसटी रिटर्न दाखिल करने वालों की भीड़ विभाग के दफ्तरों में अब उस तरह से देखने को नहीं मिलती है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि सब कुछ दुरुस्त हो गया। दरअसल ऑनलाइन सिस्टम की वजह से डीलरों को घर बैठे रिटर्न भरना होता है ऐसे में विभागीय कार्यालय में व्यापारियों की भीड़ तो नहीं है, लेकिन समस्या पहले से कम भी नहीं हुई है। जैसे जैसे 20 तारीख नजदीक आती है जीएसटी पोर्टल का नेटवर्क खराब हो जाता है। पता ही नहीं चलता कि सर्वर कब वापस आएगा, और आएगा भी या नहीं।
इस समस्या से निजात दिलाने की मांग भी उठाई गई है, मगर पूरी तरह से व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ है। सही तरीके से पोर्टल नहीं चल पाता, जिस कारण शहर के हजारों व्यापारी रिटर्न दाखिल करने से रह जाते हैं और फिर पेनाल्टी भरते हैं।
महीने के शुरू में तो पोर्टल ठीक चलता है, लेकिन 20 तारीख के आसपास दूसरा रिटर्न भरने के समय सर्वर सही से कार्य नहीं करता है। - रजनीश कौशल, महामंत्री, केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन
सही कार्य नहीं करता सर्वर
पोर्टल की यह समस्या खासकर आखिरी दिनों में व्यापारियों, वकीलों और चार्टर्ड अकाउंटेंटों के लिए सिरदर्द बनी हुई है। - भारत जी. भूषण, महासचिव, टैक्सेश एकेडमी एंड वेलफेयर फोरम एसोसिएशन
लोड बढ़ने से परेशानी
रिटर्न भरने के आखिरी दिनों में सर्वर पर लोड काफी बढ़ जाता है, जिस कारण रिटर्न फाइल करने में परेशानी होती है। - मनोज अग्रवाल, दवा व्यापारी
लगातार हो रहा सुधार
जीएसटी रिटर्न फाइल करने में पहले के मुकाबले काफी सुधार हुआ है, इसके अलावा व्यापारियों की जो भी समस्याएं वह विभाग तक पहुंचाएं तो उनका निस्तारण कराया जाएगा। - वीएन सिन्हा, असिस्टेंट कमिश्नर, वाणिज्य कर विभाग
वर्णक्रम के हिसाब से भरवाएं जाएं रिटर्न
रिटर्न फाइल करने के लिए जीएसटी काउंसिल को चाहिए वह वर्णक्रम (एल्फाबेट) के हिसाब से भरवाएं जाएं, ताकि रिटर्न भरने में दिक्कत न आएं। अभी काफी समस्या बनी हुई है। रिटर्न की आखिरी तारीख आते-आते सरवर बैठ जाता है। करोड़ों रिफंड अटका है, इसके अलावा ईवे बिल नहीं होने पर टैक्स के अलावा 100 प्रतिशत पेनाल्टी वसूली जा रही है, इस व्यवस्था में भी बदलाव होना चाहिए। - नवीन गुप्ता, संयुक्त व्यापार संघ अध्यक्ष
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