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लालच देकर कराते है सेना के जवानों पर हमला, बेरोजगार युवकों ने खोला कश्मीर का हर राज

Fri, 22 Jun 2018 11:30 AM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, सहारनपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, सहारनपुर Updated Fri, 22 Jun 2018 11:30 AM IST
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Greedy boys of Uttar Pradesh made violence in Kashmir
फाइल फोटो

कश्मीर में सेना के जवानों पर होने वाली पत्थरबाजी को लेकर एक बड़ा खुलासा हुआ है। कश्मीर से लौटे बेरोजगार युवकों ने बताया कि काम देने के लालच में पत्थरबाजी के लिए दबाव बनाया जा रहा था।

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पश्चिमी उत्तर प्रदेश के युवाओं के कश्मीर में सेना पर पत्थरबाजी में शामिल होने का मामला सामने आने के बाद पुलिस सक्रिय हो गई है। सहारनपुर और बागपत पुलिस ने कश्मीर से लौटे युवकों से पूछताछ शुरू कर दी है। हालांकि इन्होंने पत्थरबाजी में शामिल होने से इंकार किया है, लेकिन दबाव बनाकर पत्थरबाजी के लिए भेजे जाने की बात कही है। इससे इतना तो साफ हो ही रहा है कि वहां दूसरे राज्यों के युवकों को भी पत्थरबाजों के साथ भेजा जा रहा था।
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पुलिस कारीगरों को कश्मीर ले जाने वाले युवकों की तलाश कर रही है। पिलाना क्षेत्र से एक युवक को पुलिस ने पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। बड़ौत निवासी नसीम, बालैनी थाना क्षेत्र के डौलचा का शमीम सिलाई के कारीगर हैं। ये सहारनपुर के युवकों के साथ पुलवामा के लस्सीपुरा स्थित कंपनी में सिलाई की नौकरी करने गए थे। 
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नसीम का कहना था कि लस्सीपुरा में कुछ लोगों ने सेना के ऊपर पत्थर फेंकने के लिए दबाव बनाने की जानकारी उन्होंने संबंधित थाने और फैक्ट्री मालिक को भी दी थी। किसी तरह वहां से भाग निकले। बड़ौत पहुंचकर पुलिस को उन्हें कश्मीर ले जाने वाले युवकों के नाम बताए हैं। एक युवक लोनी और दूसरा सिंघावली अहीर थाना क्षेत्र  का रहने वाला बताया।

पढ़ें : पत्थरबाजी को लेकर बड़ा खुलासा, यूपी से कश्मीर जाते हैं लड़के

सहारनपुर का युवक ले गया था बड़ौत का ठेकेदार

Greedy boys of Uttar Pradesh made violence in Kashmir
फाइल फोटो

कश्मीर में पत्थरबाजी करने मामले में जिन संदिग्ध युवकों के नाम सामने आए है, उनमें दो पंकज और बबलू गांव जुडी के रहने वाले हैं।  पंकज के घरवालों ने बताया कि पंकज और बबलू छह दिन पहले ही गांव में आए है। उनके साथ वहां क्या घटना हुई, इसकी जानकारी उन्हें नहीं है। बबलू के पिता नाथीराम ने बताया कि बबलू पर पिछले दिनों कर्ज हो गया था, उसे बड़ौत का एक ठेकेदार ने जम्मू कश्मीर के पुलवामा में स्थित एक सिलाई फैक्ट्री में 20 हजार रुपये प्रतिमाह की नौकरी दिलाने की बात कही थी। पंकज और बबलू उसकी बातों में आ गए। तीन माह पहले वह वहां गए थे। बबलू घर आया तो उसने सिर्फ  यह बताया है कि वहां हमसे पत्थरबाजी करने की बात कही थी जिससे हमने इनकार कर दिया था।

लश्कर ए तैयबा से जुड़ा था मुजफ्फरनगर का युवक 
पिछले साल भी कश्मीर के आतंकियों का वेस्ट यूपी से लिंक सामने आया था। जुलाई 2017 में अनंतनाग में लश्कर ए तैयबा के आतंकियों के साथ हुई मुठभेड़ के बाद मुस्तफाबाद मुजफ्फरनगर निवासी संदीप शर्मा उर्फ आदिल को गिरफ्तार किया गया था। संदीप वेल्डर की नौकरी करने कश्मीर गया था और धर्म परिवर्तन कर एक मुस्लिम महिला से शादी कर ली थी। वह लश्कर ए तैयबा से जुड़ गया था।

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