सिपाही गोपीचंद हत्याकांड : दोहराया क्राइम सीन, गुमराह करता रहा तांत्रिक बाबा, जल्द सामने आएगा हत्या का असली सच
सिपाही गोपीचंद हत्याकांड : पुलिस ने हत्यारोपी तांत्रिक बाबा को गंगा किनारे ले जाकर क्राइम सीन दोहराया। हालांकि बाबा पुलिस को गुमराह करता रहा।
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दिल्ली पुलिस के हेड कांस्टेबल गोपीचंद हत्याकांड के मामले में आरोपी तांत्रिक को पुलिस ने दो दिन के रिमांड पर लिया है। बृहस्पतिवार को पुलिस आरोपी तांत्रिक गणपत को लेकर हस्तिनापुर के सिरजेपुर आश्रम पहुंची। वहां पुलिस ने गोपीचंद हत्याकांड का क्राइम सीन दोहराया। बताया गया कि शुक्रवार को भी पुलिस तांत्रिक बाबा को लेकर गंगा किनारे पहुंची।
आरोपी तांत्रिक से पूछा गया कि हत्याकांड को किस समय और किस तरीके से अंजाम दिया गया। गले पर कितने वार किए गए और फिर शव को कैसे गंगा के किनारे तक लाकर पानी में फेंका गया। तांत्रिक ने बताया कि उसने गोपीचंद को पूरे विश्वास में ले रखा था कि मुर्गे की बलि देते ही उसकी इच्छा पूरी हो जाएगी। मुर्गे की बलि देने के बाद गोपीचंद के गले पर दाव से वार कर दिया था। गोपीचंद ने उठकर भागने की भी कोशिश की थी, लेकिन तभी तांत्रिक ने दूसरा वार कर दिया था। इसके बाद उसने कुछ देर बाद ही दम तोड़ दिया था।
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पुलिस किया गुमराह, नहीं मिला शव
गोपीचंद के शव की तलाश के दौरान आरोपी तांत्रिक ने पुलिस को कई बार गुमराह किया। गंगा घाट के किनारे पहुंचने के बाद उसने बार-बार बयान बदले। कभी वह कहता कि फला स्थान पर शव फेंका था तो थोड़ी देर बाद दूसरे स्थान का नाम ले देता था। पुलिस ने शाम तक अभियान चलाया, लेकिन शव का कोई पता नहीं चल सका। शुक्रवार को भी गढ़ से लेकर मखदूमपुर तक तलाशी अभियान चलाया जाएगा।
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यह था मामला
सरधना के गांव पोहल्ली निवासी हेड कांस्टेबल गोपीचंद दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की सुरक्षा में तैनात था। 26 मार्च को हस्तिनापुर में तांत्रिक गणपत ने उसकी हत्या कर दी थी, लेकिन अभी तक शव बरामद नहीं हो सका।