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Meerut News: डेढ़ हजार औद्योगिक इकाइयों का 80 करोड़ का माल बेकार
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मेरठ। बारिश के कारण स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, उद्योगपुरम, परतापुर, सरस्वती औद्योगिक क्षेत्र में 1500 से अधिक औद्योगिक इकाइयों को 80 करोड़ से अधिक का नुकसान हुआ है। कई उद्योग अभी सुचारु रूप से नहीं चल पाए हैं। खेल, प्रकाशन, दवा, केमिकल, वुड, पेंट सभी उद्योग प्रभावित हुए हैं।
शहर में बारिश के कारण सर्वाधिक स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स क्षेत्र प्रभावित हुआ है। क्रिकेट बैट और ग्लव्स बनाने वाली कंपनी पीआर के संचालक सुमनेश अग्रवाल ने बताया कि 150 छोटे बड़े उद्योगों को नुकसान हुआ है। पूरी फैक्टरी में पानी भर गया था। इसे पंप की मदद से निकाला गया। कच्चे माल में चमड़ा, रेक्सीन, रुई, इंग्लिश विलो के बल्ले के साथ ही तैयार माल भी खराब हो गया। अभी तक नुकसान का सही आकलन नहीं हो पाया है। आईआईए के कोषाध्यक्ष राजीव अग्रवाल ने बताया कि आईआईए के ऑडिटोरियम में पानी भर गया। दीवार टूटने के कारण अभी भी जलभराव है। सरस्वती औद्योगिक क्षेत्र में 250 से अधिक उद्योगों को नुकसान हुआ है। आरएस पैकेजिंग, बंसल पैकेजिंग, अल्फा पैकेजिंग का करोड़ों का नुकसान हुआ है। राजीव अग्रवाल ने बताया कि प्रकाशन से जुडे विद्या वालों का सात करोड़ का नुकसान हुआ है।
मेडिकल कॉलेज क्षेत्र केटीआर एवं मेटको के संचालक आयुष महाजन ने बताया कि पूरी फैक्टरी में जलभराव के कारण टेबल टेनिस बनाने में प्रयोग होने वाले लकड़ी के बोर्ड खराब हो गए। परातपुर इंडस्टि्रयल एसोसिएशन के अध्यक्ष निपुन जैन ने बताया कि परातपुर और उद्योगपुरम क्षेत्र 350 उद्योगों को नुकसान हुआ है।
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चार साल से नहीं बना नाला
साल 2000 में स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के पानी की निकासी के लिए नाला निर्माण किया गया। आईआईए के चेयरमैन सुमनेश अग्रवाल ने बताया कि समय के साथ कॉलोनी बनती गई और माधवपुरम, साइंपुरम, बागपत रोड, नई बस्ती और टीपीनगर के नाले भी इस नाले से जोड़ दिए गए। चार साल से गोपाल गोशाला से परतापुर आईटीआई तक एक और नाला निर्माण की मांग की जा रही है। 2022 में नगर निगम से 8 करोड़ का प्रस्ताव सरकार को भेजा, लेकिन वह मांग पूरी नहीं हुई।
आरआरटीएस ने नहीं सही नहीं बनाया नाला शॉप्रिक्स मॉल से आगे नाला बिजली बंबे के नीचे से होकर जाता है। राजीव अग्रवाल ने बताया कि आरआरटीएस के द्वारा नाले का सही ढंग से निर्माण नहीं हुआ है। ऐसे में पानी बैक मार रहा है। वर्तमान में भी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और आसपास के औद्योगिक क्षेत्र में जलभराव की स्थिति जस की तस है।
नाले में आता है डेरियों का गोबर
अमर उजाला उपरिगामी सेतु के बराबर में बने नाले में देवलोक कॉलोनी क्षेत्र की तरफ से गोबर बहाया जाता है। यह पानी भी नाले को चोक कर रहा है।
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शहर में बारिश के कारण सर्वाधिक स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स क्षेत्र प्रभावित हुआ है। क्रिकेट बैट और ग्लव्स बनाने वाली कंपनी पीआर के संचालक सुमनेश अग्रवाल ने बताया कि 150 छोटे बड़े उद्योगों को नुकसान हुआ है। पूरी फैक्टरी में पानी भर गया था। इसे पंप की मदद से निकाला गया। कच्चे माल में चमड़ा, रेक्सीन, रुई, इंग्लिश विलो के बल्ले के साथ ही तैयार माल भी खराब हो गया। अभी तक नुकसान का सही आकलन नहीं हो पाया है। आईआईए के कोषाध्यक्ष राजीव अग्रवाल ने बताया कि आईआईए के ऑडिटोरियम में पानी भर गया। दीवार टूटने के कारण अभी भी जलभराव है। सरस्वती औद्योगिक क्षेत्र में 250 से अधिक उद्योगों को नुकसान हुआ है। आरएस पैकेजिंग, बंसल पैकेजिंग, अल्फा पैकेजिंग का करोड़ों का नुकसान हुआ है। राजीव अग्रवाल ने बताया कि प्रकाशन से जुडे विद्या वालों का सात करोड़ का नुकसान हुआ है।
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मेडिकल कॉलेज क्षेत्र केटीआर एवं मेटको के संचालक आयुष महाजन ने बताया कि पूरी फैक्टरी में जलभराव के कारण टेबल टेनिस बनाने में प्रयोग होने वाले लकड़ी के बोर्ड खराब हो गए। परातपुर इंडस्टि्रयल एसोसिएशन के अध्यक्ष निपुन जैन ने बताया कि परातपुर और उद्योगपुरम क्षेत्र 350 उद्योगों को नुकसान हुआ है।
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चार साल से नहीं बना नाला
साल 2000 में स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के पानी की निकासी के लिए नाला निर्माण किया गया। आईआईए के चेयरमैन सुमनेश अग्रवाल ने बताया कि समय के साथ कॉलोनी बनती गई और माधवपुरम, साइंपुरम, बागपत रोड, नई बस्ती और टीपीनगर के नाले भी इस नाले से जोड़ दिए गए। चार साल से गोपाल गोशाला से परतापुर आईटीआई तक एक और नाला निर्माण की मांग की जा रही है। 2022 में नगर निगम से 8 करोड़ का प्रस्ताव सरकार को भेजा, लेकिन वह मांग पूरी नहीं हुई।
आरआरटीएस ने नहीं सही नहीं बनाया नाला शॉप्रिक्स मॉल से आगे नाला बिजली बंबे के नीचे से होकर जाता है। राजीव अग्रवाल ने बताया कि आरआरटीएस के द्वारा नाले का सही ढंग से निर्माण नहीं हुआ है। ऐसे में पानी बैक मार रहा है। वर्तमान में भी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और आसपास के औद्योगिक क्षेत्र में जलभराव की स्थिति जस की तस है।
नाले में आता है डेरियों का गोबर
अमर उजाला उपरिगामी सेतु के बराबर में बने नाले में देवलोक कॉलोनी क्षेत्र की तरफ से गोबर बहाया जाता है। यह पानी भी नाले को चोक कर रहा है।