फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   golden jubilee program 1965-indo-pak-war in meerut

बहुत याद आए 1965 के शहीद

Sun, 30 Aug 2015 01:45 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ Updated Sun, 30 Aug 2015 01:45 AM IST
विज्ञापन
golden jubilee program 1965-indo-pak-war in meerut
19 पंजाब बटालियन 1965 भारत-पाक युद्ध की स्वर्ण जयंती मना रही है। शनिवार को शहीदों की याद में कुलवंत सिंह स्टेडियम में सैन्य सम्मेलन आयोजित किया गया। इसमें युद्ध की घटनाओं और चित्रों पर आधारित पुस्तक ‘फर्स्ट डे कवर’ का विमोचन लेफ्टिनेंट जनरल आरआर निमभोरकर ने किया। शहीदों को नम आंखों से श्रद्धांजलि दी गई।
विज्ञापन


आरआर निमभोरकर ने कहा कि 19 पंजाब बटालियन ने 1965 युद्ध में कई जगह दुश्मन पर विजय हासिल कर तिरंगा फहराया था। एक अप्रैल 1964 को बटालियन स्थापित हुई और इसके बाद अपनी पहली फील्ड तैनाती के दौरान ही बटालियन ने कार्यक्षमता और युद्ध कौशल से दुश्मन को मात दी। उन्होंने कहा कि देश युद्ध की जयंती मना रहा है, ऐसे में हमें उन शहीदों को याद कर उनके दिखाए मार्ग पर ही चलना चाहिए।
विज्ञापन


युद्ध के गवाह रहे पूर्व मेजर परमेंद्र ने शहीदों को नमन किया। उन्होंने कहा कि युद्ध के दौरान हमारी जीत का एक ही मंत्र था। वह था ’अनेकता में एकता’। हमारी बटालियन में पूरे देश से लोग थे, लेकिन सभी का उद्देश्य एकता के साथ देश के लिए जंग लड़ना और जीतना था। बटालियन को युद्ध सम्मान हाजीपीर और थियेटर सम्मान -जे एंड के 1965 से नवाजा जा चुका है।
विज्ञापन
विज्ञापन


पुस्तक में है 1965 की यादें
पुस्तक में युद्ध के सभी पहलुओं को बारीकी से दर्शाया गया है। उस नक्शे को दर्शाया गया है, जहां बटालियन ने युद्ध के दौरान तिरंगा फहराया था। वहीं कार्यक्रम में शहीद मेजर रणबीर से जुड़ी यादों की प्रदर्शनी भी लगाई गई।


विनम्र स्वभाव के थे ब्रिगेडियर
युद्ध के दौरान कमांडिंग ऑफिसर (सीओ) रहे पूर्व ब्रिगेडियर संपूर्ण सिंह के बेटे सरबजीत सिंह ने कहा कि पिता विनम्र स्वाभाव के थे। उन्होंने युद्ध की घटनाओं को बताया है। उनमें नेतृत्व क्षमता थी। वह सभी कार्यों को आसानी से कर लिया करते थे। युद्ध के दौरान वह लेफ्टिनेंट कर्नल पद पर थे। इसी पद पर रहते हुए उन्हें महावीर चक्र और वीर चक्र से सम्मानित किया गया। बाद में वह ब्रिगेडियर बन गए थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed