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Meerut News: सोनागिर के मंदिरों में सदा सोना बरसता है
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श्री चंद्र प्रभु दिगंबर जैन मंदिर सूर्या पैलेस में सिद्धचक्र महामंडल विधान
संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। दिल्ली रोड स्थित श्री चंद्र प्रभु दिगंबर जैन मंदिर सूर्या पैलेस में आयोजित सिद्धचक्र महामंडल विधान के तीसरे दिन की पूजा का शुभारंभ भगवान चंद्रप्रभु के अभिषेक एवं विशेष पूजन अर्चन के साथ हुआ।
इस अवसर पर संगीतकार दीपेश ने अपनी भक्तिमय प्रस्तुतियों से श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। उन्होंने सोनागिर के मंदिरों में सोना बरसता है सदा भजन प्रस्तुत किया। जिस पर श्रद्धालु भक्ति रस में सराबोर हो गए।
सौधर्म इंद्र नवीन जैन ने सभी इंद्रगण के साथ मंडल पर 128 अर्घ्य समर्पित किए। विधानाचार्य पंडित प्रमोद शास्त्री ने भगवान नेमिनाथ के वैराग्य की कथा का वर्णन किया। उन्होंने बताया कि पशुओं की पीड़ा देखकर भगवान नेमिनाथ के मन में वैराग्य उत्पन्न हुआ। उन्होंने संसार का त्याग कर मोक्षमार्ग अपनाया। इसी प्रसंग के कारण श्रावण मास में शुभ मांगलिक कार्य नहीं किए जाते हैं। कार्यक्रम में विरेंद्र कुमार जैन, प्रदीप जैन, राकेश जैन, विशाल जैन, सीमा जैन, सुधा जैन, मुकेश जैन रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। दिल्ली रोड स्थित श्री चंद्र प्रभु दिगंबर जैन मंदिर सूर्या पैलेस में आयोजित सिद्धचक्र महामंडल विधान के तीसरे दिन की पूजा का शुभारंभ भगवान चंद्रप्रभु के अभिषेक एवं विशेष पूजन अर्चन के साथ हुआ।
इस अवसर पर संगीतकार दीपेश ने अपनी भक्तिमय प्रस्तुतियों से श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। उन्होंने सोनागिर के मंदिरों में सोना बरसता है सदा भजन प्रस्तुत किया। जिस पर श्रद्धालु भक्ति रस में सराबोर हो गए।
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सौधर्म इंद्र नवीन जैन ने सभी इंद्रगण के साथ मंडल पर 128 अर्घ्य समर्पित किए। विधानाचार्य पंडित प्रमोद शास्त्री ने भगवान नेमिनाथ के वैराग्य की कथा का वर्णन किया। उन्होंने बताया कि पशुओं की पीड़ा देखकर भगवान नेमिनाथ के मन में वैराग्य उत्पन्न हुआ। उन्होंने संसार का त्याग कर मोक्षमार्ग अपनाया। इसी प्रसंग के कारण श्रावण मास में शुभ मांगलिक कार्य नहीं किए जाते हैं। कार्यक्रम में विरेंद्र कुमार जैन, प्रदीप जैन, राकेश जैन, विशाल जैन, सीमा जैन, सुधा जैन, मुकेश जैन रहे।
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