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घोटाले की तपन से झुलस गईं मधुमक्खी

Mon, 30 May 2016 02:33 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Mon, 30 May 2016 02:33 AM IST
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रुपयों का लोगो - फोटो : अमर उजाला
 कृषि विवि के बघरा कृषि विज्ञान केंद्र के अधिकारियों ने केंद्र सरकार की योजना ‘आर्य’ में घपला कर दिया। मधुमक्खी पालन के लिए किसानों को दिए गए उपकरण चार से पांच गुना अधिक कीमत के खरीदे गए, जबकि इनकी क्वालिटी बेहद खराब है। किसानों ने केंद्रीय राज्यमंत्री से शिकायत की। मंत्री ने राजभवन और कुलपति को पत्र लिखकर पूरे मामले से अवगत कराया। करीब सात लाख के उपकरण खरीदे में गड़बड़ी की गई है।
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यह प्रोजेक्ट केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री डॉ. संजीव बालियान ने कृषि विज्ञान केंद्र बघरा (मुजफ्फरनगर) को दिया था। प्रोजेक्ट केवीके प्रभारी डॉ. पीके सिंह की देखरेख में यह शुरू किया गया। प्रोजेक्ट के माध्यम से बेरोजगार युवाओं को मधुमक्खी पालन, डेयरी पालन, शूकर पालन आदि से जोड़ा गया।
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वैज्ञानिकों ने कुटबा और कुटबी गांव के युवाओं को प्रशिक्षित किया और उन्हें उपकरण मुहैया कराए। 21 किसानों को बी बॉक्स, वेइंग मशीन, पेकिंग के सामान समेत 20 उपकरण दिए गए। इन उपकरणों की क्वालिटी बेहद खराब थी। कृषि विज्ञान केंद्र के अधिकारियों और टेंडर में शामिल अधिकारियों ने मिलीभगत से ऐसी फर्म को टेंडर दिया जिसने 4 से 5 हजार रुपये के सामान को चार से पांच गुना महंगा दिया। शिकायत का संज्ञान लेते हुए राज्यमंत्री ने वीसी को कार्रवाई के लिए पत्र लिखा है। कुलपति डॉ. गया प्रसाद ने जांच के लिए कमेटी का गठन कर दिया है।
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तकनीकी समिति ने पास किया टेंडर
कृषि विवि की तकनीकी समिति ने यह टेंडर पास किया है। समिति के सदस्य भी जांच के घेरे में हैं। नियमानुसार समिति को पूरी जांच पड़ताल के बाद ही टेंडर की प्रक्रिया को आगे बढ़ाना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया।


जांच टीम को भी मिली खामियां
कुलपति ने जांच कमेटी का अध्यक्ष डॉ. एसके सचान, सदस्य डॉ. बीआर सिंह, कमल खिलाड़ी, एसएन पांडेय को बनाया। कमेटी दो दिन पहले किसानों के पास गई थी। वहां पर उपकरण भी देखे और पूरे मामले की जांच की। विवि के सूत्रों का कहना है कि कमेटी को काफी कमियां मिली हैं। उपकरण बेहद खराब हैं। मामले में केवीके के अधिकारी और विवि के कुछ अधिकारियों पर कार्रवाई तय है। कमेटी जल्द ही कुलपति को रिपोर्ट देगी।

 
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