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नीलम ने एचजेएस में पाई शानदार सफलता
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नीलम ने एचजेएस में पाई शानदार सफलता
मुजफ्फरनगर। बघरा क्षेत्र के गांव करवाड़ा की बहू नीलम ढाका ने एचजेएस (उच्च न्यायिक सेवा परीक्षा) में शानदार सफलता पाई है। ओबीसी में होने के बावजूद उन्होंने सामान्य वर्ग में 21वीं रैंक हासिल की। वर्तमान में वह गाजियाबाद में रह रही हैं जबकि पति मुजफ्फरनगर में एनेस्थीसिया के डाक्टर हैं।
नीलम ढाका ने 2007 में एलएलबी करने के बाद 2010 में सीसीएस यूनिवर्सिटी कैंपस से एलएलएम टॉप का गोल्ड मेडल हासिल किया था। उन्होंने 2008 में बिजनौर में वकालत शुरू कर दी थी। बाद में गाजियाबाद चली गईं। 2015 से सुप्रीम कोर्ट में प्रैक्टिस करने लगी। वर्तमान में नीलम दो बेटों के साथ गाजियाबाद के वसुंधरा के सेक्टर पांच में रह रही हैं जबकि पति विवेक चौधरी मुजफ्फरनगर के मोहल्ला द्वारिकापुरी में रहते हैं। विवेक चौधरी एनेस्थीसिया के डाक्टर हैं और मूल रूप से बघरा के गांव करवाड़ा के रहने वाले हैं। नीलम का मायका मूल रूप से बागपत के गांव ढ़िकौली का है, लेकिन वहां से रामपुर जनपद चले गए थे। उनकी शानदार सफलता से परिवार में खुशी का माहौल है। डा. विवेक चौधरी ने बताया कि परिवार और प्रैक्टिस की जिम्मेदारी संभालते हुए नीलम ने परीक्षा के लिए तैयारी की और शानदार सफलता हासिल की। उनका बड़ा बेटा मॉस कम्यूनिकेशन का कोर्स कर रहा है, जबकि छोटा हाईस्कूल में है।
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मुजफ्फरनगर। बघरा क्षेत्र के गांव करवाड़ा की बहू नीलम ढाका ने एचजेएस (उच्च न्यायिक सेवा परीक्षा) में शानदार सफलता पाई है। ओबीसी में होने के बावजूद उन्होंने सामान्य वर्ग में 21वीं रैंक हासिल की। वर्तमान में वह गाजियाबाद में रह रही हैं जबकि पति मुजफ्फरनगर में एनेस्थीसिया के डाक्टर हैं।
नीलम ढाका ने 2007 में एलएलबी करने के बाद 2010 में सीसीएस यूनिवर्सिटी कैंपस से एलएलएम टॉप का गोल्ड मेडल हासिल किया था। उन्होंने 2008 में बिजनौर में वकालत शुरू कर दी थी। बाद में गाजियाबाद चली गईं। 2015 से सुप्रीम कोर्ट में प्रैक्टिस करने लगी। वर्तमान में नीलम दो बेटों के साथ गाजियाबाद के वसुंधरा के सेक्टर पांच में रह रही हैं जबकि पति विवेक चौधरी मुजफ्फरनगर के मोहल्ला द्वारिकापुरी में रहते हैं। विवेक चौधरी एनेस्थीसिया के डाक्टर हैं और मूल रूप से बघरा के गांव करवाड़ा के रहने वाले हैं। नीलम का मायका मूल रूप से बागपत के गांव ढ़िकौली का है, लेकिन वहां से रामपुर जनपद चले गए थे। उनकी शानदार सफलता से परिवार में खुशी का माहौल है। डा. विवेक चौधरी ने बताया कि परिवार और प्रैक्टिस की जिम्मेदारी संभालते हुए नीलम ने परीक्षा के लिए तैयारी की और शानदार सफलता हासिल की। उनका बड़ा बेटा मॉस कम्यूनिकेशन का कोर्स कर रहा है, जबकि छोटा हाईस्कूल में है।
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