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ट्रेन की चपेट में आने से दो छात्राओं की मौत
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ट्रेन की चपेट में आने से दो छात्राओं की मौत
मोदीनगर। दिल्ली-मेरठ रेलवे ट्रैक पर मोदीनगर की विश्वकर्मा कॉलोनी के पास शुक्रवार शाम ट्रेन की चपेट में आकर दो छात्राओं की मौत हो गई। छात्राएं बाजार से सामान लेकर लौट रही थीं। इस बीच रेलवे ट्रैक पार करते समय हादसा हो गया। परिजनों के आग्रह पर जीआरपी ने पंचनामा भरकर शव उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिए।
मूलरूप से हमीरपुर जिला के देवली गांव निवासी निवासी जयपाल सिंह कृष्णानगर कॉलोनी में किराए पर रहते हैं। उनकी पुत्री शिवानी (19) बीएससी द्वितीय वर्ष की छात्रा थी। नंदनगरी निवासी अरुण कुमार की पुत्री प्रिया (17) इंटर की छात्रा थी। दोनों छात्राएं बस स्टैंड स्थित एक कंप्यूटर सेंटर पर कोचिंग करती थीं। दोनों की दोस्ती हो गई थी। शुक्रवार शाम शिवानी और प्रिया दोनों खरीदारी करने के लिए बाजार गई थीं। देर शाम रेलवे ट्रैक से होते हुए वह घर लौट रही थीं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार छात्राएं विश्वकर्मा कॉलोनी के पास ट्रैक पार करने लगीं, तभी मेरठ की ओर से आ रही एक मालगाड़ी से बचने के लिए वह अप लाइन के पास खड़ी हो गईं। इसी दौरान अप लाइन पर एक एक्सप्रेस ट्रेन आ गई। एक्सप्रेस की चपेट में आने से मौके पर ही मौत हो गई। घटनास्थल पर जुटी भीड़ ने पहचान कर परिजनों को मामले की सूचना दी। छात्राओं की मौत की जानकारी मिलते ही दोनों के परिवारों में हाहाकार मच गया। मौके पर पहुंची जीआरपी ने मामले की जांच पड़ताल की। जीआरपी मोदीनगर के चौकी प्रभारी बाबूराम सिंह ने बताया कि दोनों छात्राओं के परिजनों ने पीएम कराने से इंकार कर दिया। परिजनों के आग्रह पर पंचनामा भरकर दोनों छात्राओं के शव उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिए गए।
डीजे के शोर में दब गई हॉर्न की आवाज
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कॉलोनी में एक कार्यक्रम चल रहा था। तेज आवाज में डीजे बज रहा था। डीजे की आवाज की वजह से ट्रेन के हॉर्न की आवाज नहीं आई। हॉर्न नहीं सुनने के कारण छात्राओं ने अपलाइन पर ध्यान नहीं दिया।
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होनहार थीं छात्राएं
परिजनों के अनुसार शिवानी और प्रिया होनहार छात्राएं थीं। दोनों की मौत की सूचना उनके परिजनों को मिली तो कोहराम मच गया। बताया गया कि शिवानी शिक्षिका और प्रिया कंप्यूटर इंजीनियर बनना चाहती थी।
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मोदीनगर। दिल्ली-मेरठ रेलवे ट्रैक पर मोदीनगर की विश्वकर्मा कॉलोनी के पास शुक्रवार शाम ट्रेन की चपेट में आकर दो छात्राओं की मौत हो गई। छात्राएं बाजार से सामान लेकर लौट रही थीं। इस बीच रेलवे ट्रैक पार करते समय हादसा हो गया। परिजनों के आग्रह पर जीआरपी ने पंचनामा भरकर शव उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिए।
मूलरूप से हमीरपुर जिला के देवली गांव निवासी निवासी जयपाल सिंह कृष्णानगर कॉलोनी में किराए पर रहते हैं। उनकी पुत्री शिवानी (19) बीएससी द्वितीय वर्ष की छात्रा थी। नंदनगरी निवासी अरुण कुमार की पुत्री प्रिया (17) इंटर की छात्रा थी। दोनों छात्राएं बस स्टैंड स्थित एक कंप्यूटर सेंटर पर कोचिंग करती थीं। दोनों की दोस्ती हो गई थी। शुक्रवार शाम शिवानी और प्रिया दोनों खरीदारी करने के लिए बाजार गई थीं। देर शाम रेलवे ट्रैक से होते हुए वह घर लौट रही थीं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार छात्राएं विश्वकर्मा कॉलोनी के पास ट्रैक पार करने लगीं, तभी मेरठ की ओर से आ रही एक मालगाड़ी से बचने के लिए वह अप लाइन के पास खड़ी हो गईं। इसी दौरान अप लाइन पर एक एक्सप्रेस ट्रेन आ गई। एक्सप्रेस की चपेट में आने से मौके पर ही मौत हो गई। घटनास्थल पर जुटी भीड़ ने पहचान कर परिजनों को मामले की सूचना दी। छात्राओं की मौत की जानकारी मिलते ही दोनों के परिवारों में हाहाकार मच गया। मौके पर पहुंची जीआरपी ने मामले की जांच पड़ताल की। जीआरपी मोदीनगर के चौकी प्रभारी बाबूराम सिंह ने बताया कि दोनों छात्राओं के परिजनों ने पीएम कराने से इंकार कर दिया। परिजनों के आग्रह पर पंचनामा भरकर दोनों छात्राओं के शव उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिए गए।
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डीजे के शोर में दब गई हॉर्न की आवाज
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कॉलोनी में एक कार्यक्रम चल रहा था। तेज आवाज में डीजे बज रहा था। डीजे की आवाज की वजह से ट्रेन के हॉर्न की आवाज नहीं आई। हॉर्न नहीं सुनने के कारण छात्राओं ने अपलाइन पर ध्यान नहीं दिया।
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होनहार थीं छात्राएं
परिजनों के अनुसार शिवानी और प्रिया होनहार छात्राएं थीं। दोनों की मौत की सूचना उनके परिजनों को मिली तो कोहराम मच गया। बताया गया कि शिवानी शिक्षिका और प्रिया कंप्यूटर इंजीनियर बनना चाहती थी।