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भोजपुर में किसान को अगवा कर हत्या
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भोजपुर में किसान को अगवा कर हत्या
मोदीनगर। भोजपुर थानांतर्गत फरीदनगर कस्बे में खेत पर गए किसान मेहराजुद्दीन की अगवा कर हत्या कर दी गई। मेहराजुद्दीन का शव शनिवार सवेरे अपने खेत से कुछ दूर पहले मुंह व हाथ पैर बंधा मिला। मृतक के छोटे भाई ने पांच को नामजद करते हुए हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने पूछताछ के लिए कुछ लोगों को हिरासत में ले लिया है।
फरीदनगर स्थित नाक वाली मस्जिद मोहल्ला निवासी मेहराजुद्दीन उर्फ मुन्ना (50) किसान थे। वह अविवाहित थे और अपने छोटे भाई सिराजुद्दीन के पास रहकर सब्जी की खेती करते थे और झोपड़ी डालकर खेत पर ही रहते थे। शुक्रवार रात वह खाना खाने के बाद खेत पर चले गए। खेती बाड़ी में सहयोग के लिए उन्होंने कुछ नौकर भी रखे हुए थे। देर रात नौकरों ने मेहराजुद्दीन के परिजनों को उनके अगवा होने की सूचना दी।
परिजनों मेहराजुद्दीन की तलाश शुरू की। सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। शनिवार की सुबह ज्वार के एक खेत के पास मुंह व हाथ पैर बंधा मेहराजुद्दीन का शव बरामद हुआ। मृतक के गले पर भी चोट के निशान मिले। जानकारी के बाद पुलिस व फोरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंच कर छानबीन की। मेहराजुद्दीन के शव के आसपास खून के कुछ निशान मिले तथा वहां की फसल तहस नहस मिली। समझा जा रहा है कि मेहराजुद्दीन ने मरने से पहले हत्यारों से संघर्ष किया होगा। थानाध्यक्ष प्रभात दीक्षित ने बताया कि मेहराजुद्दीन वर्ष 2004 में हत्या के मामले में जेल गया था। करीब तीन साल पहले ही वह जेल से छूटकर आया था। इसके बाद उसने गांव में ही खेती बाड़ी शुरू कर दी।
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मोदीनगर। भोजपुर थानांतर्गत फरीदनगर कस्बे में खेत पर गए किसान मेहराजुद्दीन की अगवा कर हत्या कर दी गई। मेहराजुद्दीन का शव शनिवार सवेरे अपने खेत से कुछ दूर पहले मुंह व हाथ पैर बंधा मिला। मृतक के छोटे भाई ने पांच को नामजद करते हुए हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने पूछताछ के लिए कुछ लोगों को हिरासत में ले लिया है।
फरीदनगर स्थित नाक वाली मस्जिद मोहल्ला निवासी मेहराजुद्दीन उर्फ मुन्ना (50) किसान थे। वह अविवाहित थे और अपने छोटे भाई सिराजुद्दीन के पास रहकर सब्जी की खेती करते थे और झोपड़ी डालकर खेत पर ही रहते थे। शुक्रवार रात वह खाना खाने के बाद खेत पर चले गए। खेती बाड़ी में सहयोग के लिए उन्होंने कुछ नौकर भी रखे हुए थे। देर रात नौकरों ने मेहराजुद्दीन के परिजनों को उनके अगवा होने की सूचना दी।
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परिजनों मेहराजुद्दीन की तलाश शुरू की। सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। शनिवार की सुबह ज्वार के एक खेत के पास मुंह व हाथ पैर बंधा मेहराजुद्दीन का शव बरामद हुआ। मृतक के गले पर भी चोट के निशान मिले। जानकारी के बाद पुलिस व फोरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंच कर छानबीन की। मेहराजुद्दीन के शव के आसपास खून के कुछ निशान मिले तथा वहां की फसल तहस नहस मिली। समझा जा रहा है कि मेहराजुद्दीन ने मरने से पहले हत्यारों से संघर्ष किया होगा। थानाध्यक्ष प्रभात दीक्षित ने बताया कि मेहराजुद्दीन वर्ष 2004 में हत्या के मामले में जेल गया था। करीब तीन साल पहले ही वह जेल से छूटकर आया था। इसके बाद उसने गांव में ही खेती बाड़ी शुरू कर दी।
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