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नहर में फंसे बंदर के बच्चे को रेस्क्यू कर निकाला
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नहर में फंसे बंदर के बच्चे को रेस्क्यू कर निकाला
मुरादनगर। गंगनहर प्राचीन शनि मंदिर गंगा घाट पर नहर में पानी में फंसे बंदर के बच्चे को मंदिर समिति के गोताखोरों की मदद से पुलिस कड़ी मशक्कत के बाद रेस्क्यू कर बाहर निकाला। नहर में बीचों बीच लगी भगवान शिव की मूर्ति के पिलर को पकड़ बंदर बैठा हुआ था। पुलिस व गोताखोरों द्वारा बंदर बचाने के कार्य की सराहना हो रही है।
गंगनहर प्राचीन शनि मंदिर गंगा घाट के महंत मुकेश गोस्वामी ने बताया कि घाट पर गंगनहर के बीचों बीच भगवान शिव की मूर्ति लगी है, मूर्ति के नीचे हनुमान जी की मूर्ति है। शनिवार रात एक बंदर का बच्चा किसी तरह नहर में गिर गया और नहर में बीचों बीच लगी भगवान शिव की मूर्ति के नीचे लगी हनुमान जी की मूर्ति के पास पहुंच गया। रविवार सुबह करीब नौ बजे गंगनहर पुलिस चौकी पर तैनात हेड कांस्टेबल प्रमोद कुमार घाट पर पहुंचे। उन्होंने मंदिर समिति के गोताखोरों से बंदर को बचाने को कहा। मंदिर के महंत मुकेश गोस्वामी, गोताखोर व हेड कांस्टेबल नाव में बैठकर बंदर के पास पहुंचे। उन्होंने कड़ी मशक्कत के बाद बंदर को नहर से बाहर निकाला।
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मुरादनगर। गंगनहर प्राचीन शनि मंदिर गंगा घाट पर नहर में पानी में फंसे बंदर के बच्चे को मंदिर समिति के गोताखोरों की मदद से पुलिस कड़ी मशक्कत के बाद रेस्क्यू कर बाहर निकाला। नहर में बीचों बीच लगी भगवान शिव की मूर्ति के पिलर को पकड़ बंदर बैठा हुआ था। पुलिस व गोताखोरों द्वारा बंदर बचाने के कार्य की सराहना हो रही है।
गंगनहर प्राचीन शनि मंदिर गंगा घाट के महंत मुकेश गोस्वामी ने बताया कि घाट पर गंगनहर के बीचों बीच भगवान शिव की मूर्ति लगी है, मूर्ति के नीचे हनुमान जी की मूर्ति है। शनिवार रात एक बंदर का बच्चा किसी तरह नहर में गिर गया और नहर में बीचों बीच लगी भगवान शिव की मूर्ति के नीचे लगी हनुमान जी की मूर्ति के पास पहुंच गया। रविवार सुबह करीब नौ बजे गंगनहर पुलिस चौकी पर तैनात हेड कांस्टेबल प्रमोद कुमार घाट पर पहुंचे। उन्होंने मंदिर समिति के गोताखोरों से बंदर को बचाने को कहा। मंदिर के महंत मुकेश गोस्वामी, गोताखोर व हेड कांस्टेबल नाव में बैठकर बंदर के पास पहुंचे। उन्होंने कड़ी मशक्कत के बाद बंदर को नहर से बाहर निकाला।
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