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नैक मूल्यांकन नहीं तो अब कॉलेज को नहीं मिलेगी ग्रांट

Wed, 08 Jan 2020 02:45 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 08 Jan 2020 02:45 AM IST
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Get a NAC assessment ... otherwise the college's affiliation will go
मेरठ। सीसीएसयू से संबद्ध कोई भी कॉलेज अब बिना नैक मूल्यांकन के नहीं चल पाएगा। जिन कॉलेजों को नैक निरीक्षण कराए पांच साल हो गए हैं, उन सभी को नैक मूल्यांकन प्रक्रिया शुरू कराने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। इस संबंध में उप मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक में भी स्पष्ट किया जा चुका है कि जो नैक नहीं कराएंगे उनको नए कोर्स या उनकी संबद्धता का विस्तार भी नहीं किया जाएगा।
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यूजीसी ने 2022 तक देश के सभी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों को राष्ट्रीय मूल्यांकन व प्रत्यायन परिषद (नैक) एक्रिडेशन लेना अनिवार्य कर रखा है। राजभवन ने इसको लेकर सभी विवि को निर्देश जारी किए थे कि जिन कॉलेजों का नैक नहीं होगा उनकी संबद्धता समाप्त करें। इसके बाद विवि कॉलेजों को बार-बार निर्देश जारी कर उनकी नैक ग्रेडिंग की स्थिति मांग चुका है लेकिन गिनती के कॉलेज छोड़कर किसी ने भी जवाब नहीं दिया। ये स्थिति भी तब है जबकि सीसीएसयू से संबद्ध एडेड और राजकीय कॉलेजों की संख्या 68 और सेल्फ फाइनेंस कॉलेजों की संख्या एक हजार से अधिक है।
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प्रदेश के विवि-कॉलेजों की स्थिति खराब
उत्तर प्रदेश की बात करें तो यहां पर 19 राज्य विश्वविद्यालयों में से सिर्फ आठ ही नैक से मूल्यांकित हैं। जिनमें से ए ग्रेड केवल एक ही विश्वविद्यालय को मिला है। निजी विश्वविद्यालयों की बात करें तो उनकी संख्या 27 है। इनमें से आठ नैक मूल्यांकित हैं। मंगलवार को विवि ने प्रशासन ने भी कॉलेजों को पत्र भेजकर स्पष्ट कहा है कि जिन कॉलेजों में नैक हुए पांच साल बीत चुके हैं वह नैक मूल्यांकन की प्रक्रिया शुरू कराएं। इसके अलावा जिन कॉलेजों में नैक हुआ ही नहीं है, वे तत्काल नैक प्रक्रिया शुरू करें। अन्यथा इन कॉलेजों के बारे में शासन को रिपोर्ट भेजी जाएगी।
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कॉलेज का निरीक्षण करने के बाद दिया जाता है ग्रेडिंग
नैक संस्था की जिम्मेदारी देशभर के विश्वविद्यालयों, उच्च शिक्षण संस्थानों, निजी संस्थानों में गुणवत्ता को परखकर ग्रेड देना है। इसके लिए शिक्षण संस्थान अपने स्तर से प्राथमिक तैयारियां पूरी करने के बाद नैक ग्रेडिंग के लिए आवेदन करते हैं। इसके बाद नैक की ओर से टीम संस्थान का निरीक्षण करती है। निरीक्षण के दौरान कॉलेज में शिक्षण सुविधाएं, रिजल्ट, इन्फ्रास्ट्रक्चर, माहौल सहित हर जरूरी बात की जानकारी ली जाती है। इस आधार पर नैक की टीम अपनी रिपोर्ट जमा करती है। सीजीपीए दिया जाता है, जिसके आधार पर ग्रेड जारी होता है।
सीजीपीए के आधार पर मिलता है ग्रेड
3.51-4.00 - ए प्लस प्लस
3.26-3.50 - ए प्लस
3.01-3.25 - ए
2.76-3.00 - बीए प्लस प्लस
2.51-2.75 - बीए प्लस
2.01-2.50 - बी
1.51-2.00 - सी
-----1.50 - डी
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