हस्तिनापुर। प्राचीन ऐतिहासिक नगरी के पास बहने वाली पतित पावनी गंगा के घाटों पर मंगलवार को मकर संक्रांति पर हजारों श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई। सुबह से लोग मखदूमपुर घाट और फतेहपुर प्रेम घाट पर पहुंचने लगे।
घाट पर पहुंचे श्रद्धालुओं ने स्नान के बाद भगवान सूर्य की आराधना की। ज्योतिषाचार्य डॉ. विभोर भारद्वाज के मुताबिक इस दिन गंगा में डुबकी लगाने से श्रद्धालुओं को मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है। वहीं नगर के मोहल्ला राजा दरवाजा स्थित त्यागी धर्मशाला में आर्य समाज के तत्वाधान में मकर संक्रांति पर अग्निहोत्र यज्ञ किया गया। इसमें ब्रह्मा स्वामी विजेयननद और यज्ञमान पुष्पेंद्र आर्य व वेदपाठ महेंद्र आचार्य और सोनू ने किया। स्वामी विजेयानंद ने कहा कि मकर संक्रांति का त्योहार ऐतिहासिक भौगोलिक परिस्थितियों से प्रेरित है। ऐसे शुभ अवसर पर सृष्टि के विकास का आधार यज्ञ है। यज्ञ ही मुक्ति का साधन है। यज्ञ करना सबसे उत्तम तप है। इससे मनुष्य तपस्वी बनकर अपने वैदिक लक्ष्यों की पूर्ति कर सकता है। ज्ञान इंद्रियों और वैज्ञानियों को यज्ञ सुशोभित करना चाहिए। राजेश आर्य, विवेक आर्य, हिमांशु आर्य, अभिषेक आर्य, रणबीर आर्य, प्रमोद आर्य आदि उपस्थित रहे।