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गंगा एक्सप्रेसवे : 32 गांवों में से सिर्फ 16 का सर्वे
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मेरठ। देश के सबसे लंबे मेरठ से प्रयागराज तक गंगा एक्सप्रेसवे की प्रगति काफी धीमी है। मुख्यमंत्री इस प्रोजेक्ट का शिलान्यास अक्टूबर-2020 में करने के लिए कह चुके हैं, लेकिन अभी तक गांवों का सर्वे भी नहीं किया गया है। वहीं, जिन गांवों में सर्वे हुआ है वहां एलाइनमेंट में गड़बड़ी के मामले सामने आ रहे हैं। उधर, कमिश्नर की अध्यक्षता में हुई निर्माण कार्यों की बैठक में गंगा एक्सप्रेसवे की भी समीक्षा की गई।
जानकारी के मुताबिक मेरठ के 32 गांवों से गुजरने वाले 628 किमी लंबे गंगा एक्सप्रेसवे के लिए अभी सिर्फ 16 गांवों में ही सर्वे किया गया है। मुख्यमंत्री का ड्रीम प्रोजेक्ट होने के चलते इस पर खास ध्यान दिया जा रहा है। इसके लिए एलाइनमेंट तैयार कर रही एलएन मालवीय कंसलटेंट कंपनी से भी संपर्क किया गया। कमिश्नर अनीता सी मेश्राम की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में हापुड़ और बुलंदशहर जिले के सभी गांवों का सर्वे किए जाने की जानकारी दी गई। वहीं कंसलटेंट का कहना है कि मेरठ के गांवों का सर्वे कोरोना के चलते बाधित हुआ है।
इन जिलों से गुजरेगा एक्सप्रेसवे
उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने एक्सप्रेसवे के निर्माण में मेरठ के 32 गांवों की सूची फाइनल की थी। यह एक्सप्रेसवे प्रयागराज, ज्योतिबा फूलेनगर, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, फर्रुखाबाद, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़, हापुड़ होकर मेरठ तक पहुंचेगा।
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ये किया जाना है कार्य
सर्वे टीम एक्सप्रेसवे परियोजना में आने वाले गांव, भूमि और खेतों का ब्योरा तैयार कर अधिग्रहण का प्रस्ताव तैयार करेगी। इसके बाद एक्सप्रेसवे के लिए प्रस्तावित भूमि किसानों से खरीदी जाएगी। इसके लिए नक्शों की प्रतियां भी सरकार को दी जाएंगी। सर्वे के साथ परियोजना से प्रभावित होने वाले किसानों का ब्योरा जुटाया जाएगा। हाल ही में बिजौली गांव में लगे निशान पर भी किसानों ने आपत्ति जताई थी। ये मामला भी लखनऊ पहुंच गया है।
ये गांव है शामिल
बहादुरपुर, शौलाना, इटायरा, सैदपुर हुसनेपुर, चूड़ियाला, नंगला पाटू, खेड़ा बलरामपुर, खानपुर, खंदावली, चंदसारा, धनोटा, यूसुफाबाद, भगवानपुर, बिजौली, खरखौदा, गोविंदपुर, नित्यानंदपुर, कौल, मिल्का मेहदिया, छतरी, खड़खड़ी, बधौली, खासपुर, अतराड़ा, अजराड़ा, रजपुरा, अटौला, असरा, शाफियाबाद लौटी, मुंडाली, जसौरी, धीरखेड़ा।
यह है गंगा एक्सप्रेसवे
प्रयागराज से मेरठ
कुल लंबाई - 628 किलोमीटर
कुल लागत - 35 हजार 952 करोड़ रुपये
कुल लेन - चार
शिलान्यास - वर्ष 2020
निर्माण पूरा करने का लक्ष्य - वर्ष 2024
वर्जन
अभी मेरठ के गांवों का सर्वे बचा है। इसके लिए कंसलटेंट से बात की जा रही है।-ईशा दुहन, मुख्य विकास अधिकारी
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जानकारी के मुताबिक मेरठ के 32 गांवों से गुजरने वाले 628 किमी लंबे गंगा एक्सप्रेसवे के लिए अभी सिर्फ 16 गांवों में ही सर्वे किया गया है। मुख्यमंत्री का ड्रीम प्रोजेक्ट होने के चलते इस पर खास ध्यान दिया जा रहा है। इसके लिए एलाइनमेंट तैयार कर रही एलएन मालवीय कंसलटेंट कंपनी से भी संपर्क किया गया। कमिश्नर अनीता सी मेश्राम की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में हापुड़ और बुलंदशहर जिले के सभी गांवों का सर्वे किए जाने की जानकारी दी गई। वहीं कंसलटेंट का कहना है कि मेरठ के गांवों का सर्वे कोरोना के चलते बाधित हुआ है।
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इन जिलों से गुजरेगा एक्सप्रेसवे
उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने एक्सप्रेसवे के निर्माण में मेरठ के 32 गांवों की सूची फाइनल की थी। यह एक्सप्रेसवे प्रयागराज, ज्योतिबा फूलेनगर, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, फर्रुखाबाद, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़, हापुड़ होकर मेरठ तक पहुंचेगा।
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ये किया जाना है कार्य
सर्वे टीम एक्सप्रेसवे परियोजना में आने वाले गांव, भूमि और खेतों का ब्योरा तैयार कर अधिग्रहण का प्रस्ताव तैयार करेगी। इसके बाद एक्सप्रेसवे के लिए प्रस्तावित भूमि किसानों से खरीदी जाएगी। इसके लिए नक्शों की प्रतियां भी सरकार को दी जाएंगी। सर्वे के साथ परियोजना से प्रभावित होने वाले किसानों का ब्योरा जुटाया जाएगा। हाल ही में बिजौली गांव में लगे निशान पर भी किसानों ने आपत्ति जताई थी। ये मामला भी लखनऊ पहुंच गया है।
ये गांव है शामिल
बहादुरपुर, शौलाना, इटायरा, सैदपुर हुसनेपुर, चूड़ियाला, नंगला पाटू, खेड़ा बलरामपुर, खानपुर, खंदावली, चंदसारा, धनोटा, यूसुफाबाद, भगवानपुर, बिजौली, खरखौदा, गोविंदपुर, नित्यानंदपुर, कौल, मिल्का मेहदिया, छतरी, खड़खड़ी, बधौली, खासपुर, अतराड़ा, अजराड़ा, रजपुरा, अटौला, असरा, शाफियाबाद लौटी, मुंडाली, जसौरी, धीरखेड़ा।
यह है गंगा एक्सप्रेसवे
प्रयागराज से मेरठ
कुल लंबाई - 628 किलोमीटर
कुल लागत - 35 हजार 952 करोड़ रुपये
कुल लेन - चार
शिलान्यास - वर्ष 2020
निर्माण पूरा करने का लक्ष्य - वर्ष 2024
वर्जन
अभी मेरठ के गांवों का सर्वे बचा है। इसके लिए कंसलटेंट से बात की जा रही है।-ईशा दुहन, मुख्य विकास अधिकारी