Meerut: तीन दिन से अंधेरे में चार गांव, रिश्वत लेते जेई गिरफ्तार, किसानों ने एमडी-डीएम से की कार्रवाई की मांग
मेरठ के खरखौदा क्षेत्र के चार गांवों में 60 घंटे से अधिक समय तक बिजली आपूर्ति ठप रही। इसी बीच अतराड़ा विद्युत उपकेंद्र के जेई को रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया। किसानों ने एमडी और डीएम से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की।
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मेरठ के खरखौदा क्षेत्र के चार गांवों में 60 घंटे से अधिक समय तक बिजली आपूर्ति ठप रहने से ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। अतराड़ा, अजराड़ा, बवनपुरा और खासपुर गांव रविवार सुबह से मंगलवार देर शाम तक अंधेरे में रहे।
बिजली संकट के बीच अतराड़ा विद्युत उपकेंद्र पर तैनात अवर अभियंता को कथित रूप से रिश्वत लेते गिरफ्तार किए जाने के बाद किसानों ने विद्युत निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। भाकियू लोकशक्ति के नेतृत्व में किसानों ने मेरठ पहुंचकर प्रबंध निदेशक और जिलाधिकारी से शिकायत कर दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
60 घंटे से बिजली गुल, नलकूप और पेयजल व्यवस्था ठप
अतराड़ा विद्युत उपकेंद्र से जुड़े चार गांवों में रविवार सुबह करीब नौ बजे बिजली आपूर्ति ठप हुई थी। मंगलवार देर शाम तक भी आपूर्ति पूरी तरह बहाल नहीं हो सकी। लगातार बिजली गुल रहने से ग्रामीणों का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित रहा।
किसानों के नलकूप बंद होने से सिंचाई का काम रुक गया। पशुओं के लिए हरे चारे और पेयजल का संकट खड़ा हो गया। भीषण गर्मी में घरों में पंखे और पानी की व्यवस्था प्रभावित रही। मोबाइल चार्ज करने तक के लिए ग्रामीणों को परेशानी उठानी पड़ी।
बिजली संकट को लेकर सोमवार को ग्रामीणों ने अतराड़ा विद्युत उपकेंद्र पर प्रदर्शन किया था। अधिकारियों ने जल्द आपूर्ति बहाल करने का आश्वासन दिया, लेकिन मंगलवार देर शाम तक स्थिति में सुधार नहीं हुआ।
इसी बीच सोमवार देर शाम हापुड़ की भ्रष्टाचार निरोधक टीम ने अतराड़ा विद्युत उपकेंद्र पर तैनात अवर अभियंता को कथित रूप से रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। टीम आरोपी जेई को अपने साथ ले गई। गिरफ्तारी की जानकारी के बाद ग्रामीणों में आक्रोश और बढ़ गया।
मंगलवार को चारों गांवों के किसान भाकियू लोकशक्ति के जिलाध्यक्ष अजय त्यागी के नेतृत्व में मेरठ पहुंचे। किसानों ने विद्युत निगम के प्रबंध निदेशक और जिलाधिकारी से मुलाकात कर शिकायत पत्र सौंपा।
किसानों ने आरोप लगाया कि अतराड़ा विद्युत उपकेंद्र के अधिकारी उपभोक्ताओं की शिकायतों की लगातार अनदेखी कर रहे हैं। उनका आरोप है कि अवर अभियंता और उपखंड अधिकारी समस्याओं के समाधान के बजाय अवैध वसूली में रुचि रखते हैं। किसानों ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
बिजली व्यवस्था नहीं सुधरी तो बड़े आंदोलन की चेतावनी
भाकियू लोकशक्ति के जिलाध्यक्ष अजय त्यागी ने कहा कि यदि अधिकारी समय रहते अपनी जिम्मेदारी निभाते तो चार गांवों के लोगों को तीन दिन तक अंधेरे में नहीं रहना पड़ता। उन्होंने उपभोक्ताओं का उत्पीड़न बंद कराने और दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द बिजली व्यवस्था पूरी तरह सुचारु नहीं हुई और भ्रष्टाचार में लिप्त अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं की गई तो चारों गांवों के किसान विद्युत निगम कार्यालय पर बड़ा आंदोलन करेंगे।