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Meerut News: शुभकामना अस्पताल के दो पार्टनर समेत चार आरोपियों को भेजा जेल
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शुभकामना अस्पताल में मेडिकल इंश्योरेंस पॉलिसी के नाम पर धोखाधड़ी करने के मामले में नौचंदी पुलिस ने चार आरोपियों अस्पताल के पार्टनर शास्त्रीनगर निवासी इमरान, शामली निवासी अमित, गंगानगर निवासी संदीप और कंकरखेड़ा श्रद्धापुरी फेस एक निवासी अवि बाना को कोर्ट में पेश किया। जहां से उनको जेल भेज दिया गया है।
सीओ सिविल लाइन अभिषेक तिवारी ने बताया कि मंगलपांडे नगर स्थित बजाज जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड कार्यालय के रीजनल हेड सुधीर मिश्रा ने नौचंदी थाने में शुभकामना अस्पताल के संचालक मीनू चौधरी, मोहम्मद अख्तर, डाॅ. रचना और डाॅ. अनिल लोधी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप लगाया था कि इन सभी ने राजीव अरोड़ा, कपिल जैन, नेहा नाम के मरीजों के नाम से फर्जी मेडिकल बिल तैयार कर बीमा कंपनी से 2,70,000 रुपये का क्लेम लिया था। जबकि इस नाम के मरीज अस्पताल में भर्ती ही नहीं हुए।
एसओजी टीम और नौचंदी पुलिस की जांच में सामने आया कि धोखाधड़ी इमरान, अमित, संदीप और अवि बाना ने की है। अवि बाना और संदीप को दस महीने पहले ही अस्पताल से निकाल दिया था। पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। जिसके बाद कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया। सीओ सिविल लाइन ने बताया कि साक्ष्य और जुटाए जा रहे है। जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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कंपनी बिना जांच पड़ताल के क्लेम पास कर रही है। यह गलती कंपनी के अधिकारियों और कर्मचारियों की है। कंपनी को अपने कर्मचारियों के खिलाफ भी कार्रवाई करनी चाहिए। जब फिजिशियन डाक्टर सर्जरी नहीं कर सकता तो कंपनी ने मरीज की सर्जरी की फाइल का क्लेम क्यों पास कर दिया। कंपनी की भूमिका पूरी तरह से संदिग्ध है। हमारे अस्पताल में सभी कार्य नियम अनुसार होते है। - मीनू चौधरी, संचालक शुभकामना अस्पताल
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सीओ सिविल लाइन अभिषेक तिवारी ने बताया कि मंगलपांडे नगर स्थित बजाज जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड कार्यालय के रीजनल हेड सुधीर मिश्रा ने नौचंदी थाने में शुभकामना अस्पताल के संचालक मीनू चौधरी, मोहम्मद अख्तर, डाॅ. रचना और डाॅ. अनिल लोधी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप लगाया था कि इन सभी ने राजीव अरोड़ा, कपिल जैन, नेहा नाम के मरीजों के नाम से फर्जी मेडिकल बिल तैयार कर बीमा कंपनी से 2,70,000 रुपये का क्लेम लिया था। जबकि इस नाम के मरीज अस्पताल में भर्ती ही नहीं हुए।
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एसओजी टीम और नौचंदी पुलिस की जांच में सामने आया कि धोखाधड़ी इमरान, अमित, संदीप और अवि बाना ने की है। अवि बाना और संदीप को दस महीने पहले ही अस्पताल से निकाल दिया था। पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। जिसके बाद कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया। सीओ सिविल लाइन ने बताया कि साक्ष्य और जुटाए जा रहे है। जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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कंपनी बिना जांच पड़ताल के क्लेम पास कर रही है। यह गलती कंपनी के अधिकारियों और कर्मचारियों की है। कंपनी को अपने कर्मचारियों के खिलाफ भी कार्रवाई करनी चाहिए। जब फिजिशियन डाक्टर सर्जरी नहीं कर सकता तो कंपनी ने मरीज की सर्जरी की फाइल का क्लेम क्यों पास कर दिया। कंपनी की भूमिका पूरी तरह से संदिग्ध है। हमारे अस्पताल में सभी कार्य नियम अनुसार होते है। - मीनू चौधरी, संचालक शुभकामना अस्पताल