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माछरा सीएचसी पर खामियां दूर करने के निर्देश
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माछरा। सीएचसी का सोमवार को अपर निदेशक स्वास्थ्य डॉ. रेनू गुप्ता ने आकस्मिक निरीक्षण किया। जिसमें उन्होंने सीएचसी प्रभारी को खामियां को दूर करने का निर्देश दिए। वहीं, सीएचसी प्रभारी डॉ. आलोक नायक को मरीजों को उपचार दिए जाने का निर्देश दिया।
अपर निदेशक स्वास्थ्य मेरठ मंडल डॉ. रेनू गुप्ता सुबह करीब साढे दस बजे सीएचसी माछरा पहुंची और निरीक्षण किया। उन्होंने लेबर रूम का निरीक्षण किया। वहां प्रसव के बाद गंदगी की सफाई करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जिस महिला को प्रसव हुआ है उसके लिए पीपीआईयूसीडी लगाया जाना चाहिए। जिससे महिलाओं को बच्चे पैदा करने में अधिक समय मिल सकें। उधर, एडी स्वास्थ्य डॉ. रेनू गुप्ता ने बताया कि माछरा सीएचसी में सात पद डाक्टरों के हैं। जिसमें केवल दो ही तैनात हैं तथा फार्मेसिस्ट के तीन पद हैं। जिनमें केवल दो पर ही तैनाती है। यहां पर कोई स्वास्थ्य कर्मचारी तैनात नहीं है। लैब में कोई भी टेक्निशियन नहीं है। सीएचसी माछरा पर कोई भी महिला चिकित्साधिकारी तैनात नहीं है। वार्ड ब्वॉय तैनात नहीं है तथा महिला वार्ड में आया तैनात नहीं है। जबकि दो होनी चाहिए थीं, लेकिन एक भी नहीं है। ईसीजी की दो मशीन रखी हैं, लेकिन उन्हें चलाने के लिए टेक्निशियन नहीं होने से वे रखी हुई है। अपर निदेशक डॉ. रेनू गुप्ता का बताया कि लेबर रूम मे जहां महिला का प्रसव होता है वहां कोई भी सफाई कर्मचारी तैनात नहीं है। जिसमें लेबर रूम की सफाई अन्य कर्मचारियों से कराई जा रही है, लेकिन व्यवस्था नहीं है। अस्पताल में आपातकालीन की कोई व्यवस्था नहीं है जबकि सीएचसी प्रभारी डॉ. आलोक नायक अपने स्तर से ही आपातकालीन की सुविधा दे रहे हैं। उधर, दवा लेने वाले मरीजों ने बताया कि दवा सही तरीके से मिल रही है। उधर, जच्चा ने बताया कि उन्हें दवा व खानपान की व्यवस्था भी मिल रही है। जिससे उन्हें पूर्ण लाभ मिल रहा है। उधर, स्वास्थ्य विभाग की अपर निदेशक डॉ. रेनू गुप्ता ने कहा कि जो सीएचसी माछरा पर कमियां हैं उन्हें शीघ्र दूर कराया जाएगा।
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अपर निदेशक स्वास्थ्य मेरठ मंडल डॉ. रेनू गुप्ता सुबह करीब साढे दस बजे सीएचसी माछरा पहुंची और निरीक्षण किया। उन्होंने लेबर रूम का निरीक्षण किया। वहां प्रसव के बाद गंदगी की सफाई करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जिस महिला को प्रसव हुआ है उसके लिए पीपीआईयूसीडी लगाया जाना चाहिए। जिससे महिलाओं को बच्चे पैदा करने में अधिक समय मिल सकें। उधर, एडी स्वास्थ्य डॉ. रेनू गुप्ता ने बताया कि माछरा सीएचसी में सात पद डाक्टरों के हैं। जिसमें केवल दो ही तैनात हैं तथा फार्मेसिस्ट के तीन पद हैं। जिनमें केवल दो पर ही तैनाती है। यहां पर कोई स्वास्थ्य कर्मचारी तैनात नहीं है। लैब में कोई भी टेक्निशियन नहीं है। सीएचसी माछरा पर कोई भी महिला चिकित्साधिकारी तैनात नहीं है। वार्ड ब्वॉय तैनात नहीं है तथा महिला वार्ड में आया तैनात नहीं है। जबकि दो होनी चाहिए थीं, लेकिन एक भी नहीं है। ईसीजी की दो मशीन रखी हैं, लेकिन उन्हें चलाने के लिए टेक्निशियन नहीं होने से वे रखी हुई है। अपर निदेशक डॉ. रेनू गुप्ता का बताया कि लेबर रूम मे जहां महिला का प्रसव होता है वहां कोई भी सफाई कर्मचारी तैनात नहीं है। जिसमें लेबर रूम की सफाई अन्य कर्मचारियों से कराई जा रही है, लेकिन व्यवस्था नहीं है। अस्पताल में आपातकालीन की कोई व्यवस्था नहीं है जबकि सीएचसी प्रभारी डॉ. आलोक नायक अपने स्तर से ही आपातकालीन की सुविधा दे रहे हैं। उधर, दवा लेने वाले मरीजों ने बताया कि दवा सही तरीके से मिल रही है। उधर, जच्चा ने बताया कि उन्हें दवा व खानपान की व्यवस्था भी मिल रही है। जिससे उन्हें पूर्ण लाभ मिल रहा है। उधर, स्वास्थ्य विभाग की अपर निदेशक डॉ. रेनू गुप्ता ने कहा कि जो सीएचसी माछरा पर कमियां हैं उन्हें शीघ्र दूर कराया जाएगा।
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