{"_id":"68dfbe075fb72382c90c63e1","slug":"flowers-rain-happily-the-celestial-flags-are-blown-meerut-news-c-14-1-mrt1002-992645-2025-10-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Meerut News: बारषहिं सुमन हरषि सुर बाजहिं गगन निसान...","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Meerut News: बारषहिं सुमन हरषि सुर बाजहिं गगन निसान...
विज्ञापन
- छावनी रामलीला में श्रीराम के राजतिलक और सीता की अग्नि परीक्षा का हुआ मंचन
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। छावनी रामलीला में श्रीराम के राजतिलक का मंचन किया गया। इसके बाद सीता की अग्नि परीक्षा का भी भावपूर्ण मंचन हुआ। पुरोहित नंद नंदकिशोर शर्मा और हरिश चंद जोशी ने पूजन किया। विभीषण राजतिलक की लीला भी लाइट और साउंड के माध्यम से दिखाई गई। रुद्राक्ष कला मंच के कलाकारों ने अपने शानदार अभिनय से सभी को प्रभावित किया।
मंचन के दौरान बारषहिं सुमन हरषि सुर बाजहिं गगन निसान, गावहिं किंनर सुरबधू नाचहिं चढ़ीं बिमान...दोहे का गायन किया गया। इसका अर्थ है- देवता हर्षित होकर फूल बरसाने लगे। आकाश में डंके बजने लगे। किन्नर गाने लगे। विमानों पर चढ़ीं अप्सराएं नाचने लगीं। श्रीराम जी के अयोध्या पहुंचने पर राजतिलक हुआ। वहीं, भरत मिलाप और बजरंग बली ने सीना चीरकर श्रीराम के दर्शन कराए। अयोध्या में हर तरफ खुशी दिखाई गई।
वहीं, समर बिजय रघुबीर के चरित जे सुनहिं सुजान, बिजय बिवेक बिभूति नित तिन्हहि देहिं भगवान... दोहे का भी गायन किया गया। इसका अर्थ है-जो सुजान लोग श्रीरघुवीर की समर विजय संबंधी लीला को सुनते हैं, उनको भगवान नित्य विजय, विवेक और विभूमि देते हैं। रामलीला कमेटी के महामंत्री गणेश अग्रवाल ने लीला के अंतिम दिन सभी सहयोगियों का आभार प्रकट किया। इस अवसर पर अनिल जैन, विवेक रस्तौगी, नीरज मित्तल, सूरज गुप्ता, पवन गर्ग, विजय गोयल, नितिन बालाजी, सुमित गोयल, आशीष बंसल, देवेंद्र गोयल, अंकित गुप्ता, पारस गोयल रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। छावनी रामलीला में श्रीराम के राजतिलक का मंचन किया गया। इसके बाद सीता की अग्नि परीक्षा का भी भावपूर्ण मंचन हुआ। पुरोहित नंद नंदकिशोर शर्मा और हरिश चंद जोशी ने पूजन किया। विभीषण राजतिलक की लीला भी लाइट और साउंड के माध्यम से दिखाई गई। रुद्राक्ष कला मंच के कलाकारों ने अपने शानदार अभिनय से सभी को प्रभावित किया।
मंचन के दौरान बारषहिं सुमन हरषि सुर बाजहिं गगन निसान, गावहिं किंनर सुरबधू नाचहिं चढ़ीं बिमान...दोहे का गायन किया गया। इसका अर्थ है- देवता हर्षित होकर फूल बरसाने लगे। आकाश में डंके बजने लगे। किन्नर गाने लगे। विमानों पर चढ़ीं अप्सराएं नाचने लगीं। श्रीराम जी के अयोध्या पहुंचने पर राजतिलक हुआ। वहीं, भरत मिलाप और बजरंग बली ने सीना चीरकर श्रीराम के दर्शन कराए। अयोध्या में हर तरफ खुशी दिखाई गई।
विज्ञापन
वहीं, समर बिजय रघुबीर के चरित जे सुनहिं सुजान, बिजय बिवेक बिभूति नित तिन्हहि देहिं भगवान... दोहे का भी गायन किया गया। इसका अर्थ है-जो सुजान लोग श्रीरघुवीर की समर विजय संबंधी लीला को सुनते हैं, उनको भगवान नित्य विजय, विवेक और विभूमि देते हैं। रामलीला कमेटी के महामंत्री गणेश अग्रवाल ने लीला के अंतिम दिन सभी सहयोगियों का आभार प्रकट किया। इस अवसर पर अनिल जैन, विवेक रस्तौगी, नीरज मित्तल, सूरज गुप्ता, पवन गर्ग, विजय गोयल, नितिन बालाजी, सुमित गोयल, आशीष बंसल, देवेंद्र गोयल, अंकित गुप्ता, पारस गोयल रहे।
विज्ञापन