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रैन बसेरों में नहीं जलते मिले अलाव
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रैन बसेरों में नहीं जलते मिले अलाव
मेरठ। गरीब मजदूर आदि के लिए बनाए गए रैन बसेरों में अलाव जलते नहीं मिले हैं। शौचालय की टंकी खराब होने के चलते पानी भी नहीं आ रहा। इससे यहां रुकने वाले लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
बारिश के चलते ठंड बढ़ने पर अमर उजाला ने शुक्रवार रात शहर के रेन बसेरों का हाल जाना। टीम सबसे पहले टाऊन हाल स्थित रेन बसेरे में पहुंची। यहां पर 12 बेड का इंतजाम किया है। बेड पर बिस्तर और कंबल मिले। यहां तैनात चौकीदार ने बताया कि अभी रजाई नहीं पहुंची हैं। यहां आराम कर रहे लोगों ने भी बताया कि बिना रजाई के काफी दिक्कत हो रही है। इसके बाद टीम बच्चा पार्क स्थित रेन बसेरे पर पहुंची। यहां रजाई और गद्दे का इंतजाम तो ठीक मिला, लेकिन पानी की आपूर्ति बाधित थी। लोगों ने बताया कि शौचालय में पानी की आपूर्ति नहीं हो रही है। सीवर लाइन की खोदाई होने के चलते पानी की आपूर्ति में दिक्कत हो रही है। इसके बाद टीम सूरजकुंड स्थित रेन बसेरे पर पहुंची तो यहां ताला लटका मिला।
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मेरठ। गरीब मजदूर आदि के लिए बनाए गए रैन बसेरों में अलाव जलते नहीं मिले हैं। शौचालय की टंकी खराब होने के चलते पानी भी नहीं आ रहा। इससे यहां रुकने वाले लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
बारिश के चलते ठंड बढ़ने पर अमर उजाला ने शुक्रवार रात शहर के रेन बसेरों का हाल जाना। टीम सबसे पहले टाऊन हाल स्थित रेन बसेरे में पहुंची। यहां पर 12 बेड का इंतजाम किया है। बेड पर बिस्तर और कंबल मिले। यहां तैनात चौकीदार ने बताया कि अभी रजाई नहीं पहुंची हैं। यहां आराम कर रहे लोगों ने भी बताया कि बिना रजाई के काफी दिक्कत हो रही है। इसके बाद टीम बच्चा पार्क स्थित रेन बसेरे पर पहुंची। यहां रजाई और गद्दे का इंतजाम तो ठीक मिला, लेकिन पानी की आपूर्ति बाधित थी। लोगों ने बताया कि शौचालय में पानी की आपूर्ति नहीं हो रही है। सीवर लाइन की खोदाई होने के चलते पानी की आपूर्ति में दिक्कत हो रही है। इसके बाद टीम सूरजकुंड स्थित रेन बसेरे पर पहुंची तो यहां ताला लटका मिला।
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