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मेरठ: सामुदायिक रसोई पर खर्च हो गए पांच करोड़, प्रभारी मंत्री तक पहुंचीं शिकायतें
Tue, 07 Jul 2020 01:59 AM IST
मेरठ ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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Published by: मेरठ ब्यूरो
Updated Tue, 07 Jul 2020 01:59 AM IST
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Community Kitchen
- फोटो : Amar Ujala
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मेरठ जिले में तीन अप्रैल से शुरू हुईं सामुदायिक रसोइयों पर पांच करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। प्रशासन ने बिल तैयार कर शासन को भेज दिया है। अभी तक शासन से धनराशि नही मिल पाई है। ऐसे में ठेकेदार भी मजदूरों का भुगतान नहीं कर पा रहे हैं। 62 दिनों तक चलीं सामुदायिक रसोई में खाने के लाखों पैकेट तैयार हुए।
लॉकडाउन के दौरान घर-घर जाकर सुबह-शाम खाने के पैकेट बांटने की व्यवस्था की गई थी। करीब 23 लाख 55 हजार 560 भोजन के पैकेट 62 दिनों में बांटे गए। जरूरतमंदों तक खाना पहुंचाने के लिए सेक्टर मजिस्ट्रेट की ड्यूटी लगाई गई थी। सुबह 10 बजे तक और शाम 6 बजे तक खाना पहुंचाने का समय तय किया गया था।
सामुदायिक रसोई का विवादों से भी नाता रहा। भाजपा के नेताओं ने सवाल खड़े कर बिना टेंडर के ठेका देने और करोड़ों के भुगतान करने की शिकायत उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य से की थी। इसके बाद प्रशासन ने टेंडर निकालकर सामुदायिक रसोई चलाई। वहीं टेंडर फाइनल होने के करीब 15 दिन रसोई को बंद कर दिया गया।
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लॉकडाउन के दौरान घर-घर जाकर सुबह-शाम खाने के पैकेट बांटने की व्यवस्था की गई थी। करीब 23 लाख 55 हजार 560 भोजन के पैकेट 62 दिनों में बांटे गए। जरूरतमंदों तक खाना पहुंचाने के लिए सेक्टर मजिस्ट्रेट की ड्यूटी लगाई गई थी। सुबह 10 बजे तक और शाम 6 बजे तक खाना पहुंचाने का समय तय किया गया था।
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सामुदायिक रसोई का विवादों से भी नाता रहा। भाजपा के नेताओं ने सवाल खड़े कर बिना टेंडर के ठेका देने और करोड़ों के भुगतान करने की शिकायत उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य से की थी। इसके बाद प्रशासन ने टेंडर निकालकर सामुदायिक रसोई चलाई। वहीं टेंडर फाइनल होने के करीब 15 दिन रसोई को बंद कर दिया गया।
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प्रभारी मंत्री तक पहुंचीं शिकायतें
जनप्रतिनिधियों ने सामुदायिक रसोई में हो रही गड़बड़ियों को प्रभारी मंत्री श्रीकांत शर्मा तक पहुंचाया। प्रभारी मंत्री ने भी डीएम अनिल ढींगरा को जांच के निर्देश दिए थे, लेकिन किसी पर कोई कार्रवाई नही की गई। इसके बाद खाना बांटने के लिए सुबह और शाम सांसद और विधायकों के घर खाना पहुंचाया जाने लगा। उससे भी सांसद और विधायक नाखुश रहे।
ये है कुल भोजन पैकेटों की संख्या
अतिथि भवन - 660685
बैजल भवन - 540375
पांडव नगर - 377500
ओलीविया - 447100
ऑलसेंट - 262900
टाउन हॉल, नगर निगम- 28800
जागृति विहार (आवास विकास) - 38200
हमने शासन को पांच करोड़ का बिल बनाकर भेज दिया है। वहां से धनराशि आने के बाद भुगतान किया जाएगा। - ईशा दुहन, सीडीओ
जनप्रतिनिधियों ने सामुदायिक रसोई में हो रही गड़बड़ियों को प्रभारी मंत्री श्रीकांत शर्मा तक पहुंचाया। प्रभारी मंत्री ने भी डीएम अनिल ढींगरा को जांच के निर्देश दिए थे, लेकिन किसी पर कोई कार्रवाई नही की गई। इसके बाद खाना बांटने के लिए सुबह और शाम सांसद और विधायकों के घर खाना पहुंचाया जाने लगा। उससे भी सांसद और विधायक नाखुश रहे।
ये है कुल भोजन पैकेटों की संख्या
अतिथि भवन - 660685
बैजल भवन - 540375
पांडव नगर - 377500
ओलीविया - 447100
ऑलसेंट - 262900
टाउन हॉल, नगर निगम- 28800
जागृति विहार (आवास विकास) - 38200
हमने शासन को पांच करोड़ का बिल बनाकर भेज दिया है। वहां से धनराशि आने के बाद भुगतान किया जाएगा। - ईशा दुहन, सीडीओ