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Meerut News: मेरठ आरटीओ कार्यालय में नहीं, दूसरे जनपदों में होगी भारी वाहनों की फिटनेस
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मेरठ। मेरठ में कॉमर्शियल भारी वाहनों जैसे ट्रक, बस, स्कूल बस और मिनी ट्रक की फिटनेस जांच अब आरटीओ कार्यालय में बंद हो गई है। इस सुविधा के लिए अब वाहन मालिकों को बिजनौर स्थित प्राइवेट वाहन फिटनेस सेंटर का रुख करना पड़ रहा है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने केंद्रीय मोटर वाहन नियमावली, 1989 के नियम 62 में संशोधन करते हुए, 1 अप्रैल 2025 से सभी परिवहन वाहनों की फिटनेस जांच केवल स्वचालित परीक्षण स्टेशनों पर ही करने का निर्णय लिया है। इसी क्रम में, उप्र के कुछ जिलों में ऐसे प्राइवेट वाहन फिटनेस सेंटर खोले गए हैं। मेरठ में भी एक सेंटर स्थापित करने की प्रक्रिया चली, लेकिन अभी तक उसे शासन से संचालन की स्वीकृति नहीं मिली है, जिसके कारण यह सुविधा स्थानीय स्तर पर उपलब्ध नहीं हो पाई है।
फिटनेस का कार्य प्राइवेट सेंटरों पर स्थानांतरित
सभी कॉमर्शियल माल और यात्री वाहनों के लिए फिटनेस प्रमाण पत्र अनिवार्य है। पहले यह कार्य प्रदेश के प्रत्येक आरटीओ कार्यालय में राजस्व निरीक्षक (आरआई) द्वारा किया जाता था। सरकार ने इस प्रक्रिया में बदलाव करते हुए, 1 जनवरी 2026 से उप्र के सभी आरटीओ कार्यालय परिसरों में वाहन फिटनेस का कार्य बंद कर इसे प्राइवेट सेंटरों पर स्थानांतरित कर दिया है। मेरठ में भी यही व्यवस्था लागू हो गई है, जिससे आरटीओ कार्यालय परिसर इस कार्य से खाली हो गया है। यह बदलाव विभागीय अधिकारियों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। सूत्रों के अनुसार, विभाग के अधिकारी वाहन फिटनेस का कार्य आरटीओ कार्यालय में ही जारी रखने की अनुमति के लिए शासन स्तर पर प्रयास कर रहे हैं।
सोमवार को आरटीओ में हुई फिटनेस, छोटे वाहनों को राहत
सरकार द्वारा प्राइवेट सेंटरों को फिटनेस का कार्य सौंपने के बावजूद, मेरठ आरटीओ कार्यालय में सोमवार को भी कुछ वाहनों की फिटनेस की गई। इस संबंध में आरआई विंध्याचल गुप्ता ने बताया कि केवल उन्हीं भारी वाहनों की फिटनेस कार्यालय परिसर में की गई, जिनकी फीस पहले ही जमा हो चुकी थी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि फिलहाल छोटे वाहनों की फिटनेस की सुविधा मेरठ आरटीओ कार्यालय में जारी रहेगी। अन्य वाहनों के लिए भी शासन स्तर पर कोई नया निर्णय होने की संभावना जताई जा रही है, जिससे वाहन मालिकों को राहत मिल सके। इस बदलाव से वाहन फिटनेस की प्रक्रिया में एक बड़ा परिवर्तन आया है, जिसका असर वाहन मालिकों और विभागीय कार्यप्रणाली पर पड़ रहा है।
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फिटनेस का कार्य प्राइवेट सेंटरों पर स्थानांतरित
सभी कॉमर्शियल माल और यात्री वाहनों के लिए फिटनेस प्रमाण पत्र अनिवार्य है। पहले यह कार्य प्रदेश के प्रत्येक आरटीओ कार्यालय में राजस्व निरीक्षक (आरआई) द्वारा किया जाता था। सरकार ने इस प्रक्रिया में बदलाव करते हुए, 1 जनवरी 2026 से उप्र के सभी आरटीओ कार्यालय परिसरों में वाहन फिटनेस का कार्य बंद कर इसे प्राइवेट सेंटरों पर स्थानांतरित कर दिया है। मेरठ में भी यही व्यवस्था लागू हो गई है, जिससे आरटीओ कार्यालय परिसर इस कार्य से खाली हो गया है। यह बदलाव विभागीय अधिकारियों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। सूत्रों के अनुसार, विभाग के अधिकारी वाहन फिटनेस का कार्य आरटीओ कार्यालय में ही जारी रखने की अनुमति के लिए शासन स्तर पर प्रयास कर रहे हैं।
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सोमवार को आरटीओ में हुई फिटनेस, छोटे वाहनों को राहत
सरकार द्वारा प्राइवेट सेंटरों को फिटनेस का कार्य सौंपने के बावजूद, मेरठ आरटीओ कार्यालय में सोमवार को भी कुछ वाहनों की फिटनेस की गई। इस संबंध में आरआई विंध्याचल गुप्ता ने बताया कि केवल उन्हीं भारी वाहनों की फिटनेस कार्यालय परिसर में की गई, जिनकी फीस पहले ही जमा हो चुकी थी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि फिलहाल छोटे वाहनों की फिटनेस की सुविधा मेरठ आरटीओ कार्यालय में जारी रहेगी। अन्य वाहनों के लिए भी शासन स्तर पर कोई नया निर्णय होने की संभावना जताई जा रही है, जिससे वाहन मालिकों को राहत मिल सके। इस बदलाव से वाहन फिटनेस की प्रक्रिया में एक बड़ा परिवर्तन आया है, जिसका असर वाहन मालिकों और विभागीय कार्यप्रणाली पर पड़ रहा है।
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