रैपिड रेल का निर्माण पकड़ रहा रफ़्तार, गुलधर में पिलर को जोड़कर पहला सुपर स्ट्रक्चर तैयार
रैपिड रेल के माध्यम से दिल्ली से मेरठ का सफर महज एक घंटे में वर्ष-2025 तक पूरा कराने का एनसीआरटीसी का दावा सच होता दिख रहा है। पहले चरण में साहिबाबाद से दुहाई तक पिलर खड़े हो रहे हैं। वहीं, इन पिलर पर स्ट्रक्चर का निर्माण भी शुरू हो गया है। बुधवार को गुलधर के पास पिलर नंबर पी-382 से पी-383 के बीच पहले सेगमेंट की लांचिंग का कार्य पूरा हो गया। जिससे दो पिलर के बीच अब सुपर स्ट्रक्चर दिखाई देने लगा है।
एनसीआरटीसी के मैनेजिंग डायरेक्टर विनय कुमार सिंह की मौजूदगी में पहले सेगमेंट स्पैन को नीचा करने का कार्य पूरा हुआ। पिलर नंबर पी382-पी383 के बीच 34 मीटर के इस पहले स्पैन में कुल 12 सेगमेंट थे। अब पिलर को जोड़कर सुपर स्ट्रक्चर बनाने का कार्य गाजियाबाद की तरफ बढ़ता चला जाएगा।
वहीं, एनसीआरटीसी ने साहिबाबाद और गाजियाबाद के बीच पी31 पी32 के बीच सेगमेंट की लिफ्टिंग का कार्य भी शुरू कर दिया है। एनसीआरटीसी के एमडी विनय कुमार सिंह ने साहिबाबाद के निकट चल रहे सेगमेंट लिफ्टिंग के कार्य के साथ पूरे कॉरिडोर में चल रहे निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। मोदीनगर और शताब्दी नगर में फाउंडेशन का काम भी शुरू हो गया है।
सुरक्षा उपायों के लिए पुस्तिका लांच
श्रमिकों की सुरक्षा और स्थानीय निवासियों की सुविधा के लिए एमडी द्वारा आरआरटीएस परियोजना के निर्माण के दौरान अपनाए गए विभिन्न आवश्यक सुरक्षा उपायों पर एक पुस्तिका भी जारी की गई। जिससे निर्माण के समय बरती जा रही सावधानियों को श्रमिकों को आसानी से बताया जा सके। कार्य के दौरान जनता को कोई परेशानी या यातायात प्रभावित न हो, इसके लिए एनसीआरटीसी सभी सुरक्षा उपाय अपना रही है।
सड़क किनारे आ रहे मकानों को हटाया जाएगा
रैपिड रेल के दूसरे चरण में शताब्दीनगर से दुहाई तक कार्य में तेजी लाने के लिए सड़क चौड़ीकरण, पेड़ों की कटाई, यूनिपोल हटाने का कार्य किया जा रहा है। मोहिउद्दीनपुर के पास मेरठ से दिल्ली की साइड कुछ मकान सड़क के किनारे हैं, जिन्हें हटाया जाना है।
एनसीआरटीसी ने इन मकानों को सड़क किनारे से हटाने के लिए पीडब्लूडी को नोटिस भेजा है। इन्हें बरसात के बाद हटाने की प्रक्रिया शुरू होगी। मुआवजे की प्रकिया को भी एनसीआरटीसी जल्द पूरा करेगा। इस स्थान से रैपिड रेल का एलीवेटेड ट्रैक गुजारेगा।