आत्महत्या : पति के ऑफिस जाते ही फांसी के फंदे पर झूली शिक्षिका, मरने से पहले सुसाइड नोट में बयां किया दर्द
अनुप्रिया ने सुसाइड नोट में लिखा कि मैं अपने जीते हुए तो सच्चाई साबित नहीं कर सकती, जब किसी रिश्ते में विश्वास नहीं, तो वो रिश्ता नहीं, बोझ बन जाता है -
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कंकरखेड़ा के एक निजी स्कूल की शिक्षिका अपने पति देव आशीष, तीन साल के बेटे कान्हा और सास के साथ रहती थी। मंगलवार को अनुप्रिया के पति काम पर चले गए। घर पर केवल सास थी।
पति के काम पर जाने के तुरंत बाद अनुप्रिया अपने कमरे में पहुंची और फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। काफी देर बाद भी जब अनुप्रिया कमरे से बाहर नहीं आई तो सास उसके कमरे में पहुंची। अनुप्रिया का शव लटका देख उसके होश उड़ गए। शोर मचाने पर पड़ोसी घर पर पहुंचे और पुलिस को जानकारी दी।
थाना प्रभारी तपेश्वर सागर ने घटना की जानकारी ली और शव को नीचे उतारकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पुलिस को अनुप्रिया के कमरे से एक सुसाइड नोट मिला। इसमें उसने रिश्ते में विश्वास न होने, किसी चोरी के न करने और बेटे के भविष्य की चिंता का जिक्र किया है। मायके पक्ष के लोगों ने ससुराल में उत्पीड़न की बात कही है। इसके आधार पर पति को हिरासत में लिया गया है। उससे पूछताछ की जा रही है।
बस मुझे कान्हा की चिंता है, मेरे जाने के बाद उसका क्या होगा
अनुप्रिया ने आत्महत्या करने से पहले सुसाइड नोट लिखा। इसमें अनुप्रिया ने लिखा कि मैं अपने जीते हुए तो सच्चाई साबित नहीं कर सकती और हर बार ये सुनना कि मैंने अपनी बेटी को मारा। अब और सुनना मुश्किल है।
लिखा कि जब किसी रिश्ते में विश्वास नहीं तो वो रिश्ता नहीं, बोझ बन जाता है। बस मुझे कान्हा की चिंता है कि मेरे जाने के बाद उसका क्या होगा, पर शायद एक दिन वो भी समझ जाएगा कि उसकी मम्मी चोर नहीं थी। मैने कभी भी अपने घर में चोरी नहीं की और यह शायद मैं कभी भी साबित नहीं कर पाऊंगी। इसलिए मैं सबसे माफी मांगती हूं। आई एम सॉरी।