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आंदोलन के बाद किसानों को मिलेंगे 150 करोड़, फाइल हुई तैयार

Sat, 23 Sep 2017 12:04 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ अमित मुदगल, मेरठ
अमर उजाला ब्यूरो/ अमित मुदगल, मेरठ Updated Sat, 23 Sep 2017 12:04 PM IST
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Farmers will get 150 million after the agitation, file is ready
किसानों को मिलेंगे 150 करोड़

मेरठ में लंबी लड़ाई, आंदोलन और लगातार किए गए किसानों के संघर्ष के बाद तीन योजनाओं के किसानों को दिए जाने वाले प्रतिकर का आकलन लगभग तैयार है। हालांकि इस हिसाब में एमडीए अधिकारियों के पसीने छूट गए पर अब किसानों को दिये जाने वाले 150 करोड़ रुपये का हिसाब तैयार है। जिन किसानों का मुआवजा कुल ढाई लाख से कम बन रहा है तो उन्हें तो नगद ही देना होगा। बाकी के लिए भूखंड देने के लिए फाइल को अलग-अलग अंतिम रूप दिया जा रहा है।

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यह है पूरा प्रकरण
1987 में  शताब्दीनगर, लोहियानगर, गंगानगर तथा वेदव्यासपुरी योजना लांच की गई थी। किसानों की जमीन का अधिग्रहण किया गया। सभी किसानों को मुआवजा भी लगभग एक समान दिया गया। वर्ष 2011 में शताब्दीनगर के किसानों ने आंदोलन किया तो 690 रुपये प्रति वर्ग मीटर की हिसाब से उन्हें प्रतिकर दे दिया गया। इस पर बाकी तीनों योजनाओं के किसानों ने भी आंदोलन का बिगुल बजा दिया। दो साल पहले बोर्ड बैठक में उनका भी प्रतिकर इसी आधार पर तय हो गया पर शर्त यह लगी कि इन किसानों को प्रतिकर के बदले भूखंड दिए जाएंगे। तब से अब तक यह समझौता लागू ही नहीं हुआ था। अब मंडलायुक्त डॉ. प्रभात कुमार ने इसे सख्ती से लागू कराने को कहा तो एमडीए ने हिसाब किताब लगभग तैयार कर लिया है।

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इस रेट से तय हुआ है प्रतिकर

Farmers will get 150 million after the agitation, file is ready
किसानों को मिलेगा मुआवजा

जो गणना की गई है उसके मुताबिक पिछली किसानों को दी गई रकम तथा उसका ब्याज काटकर भुगतान किया जाएगा। किसानों ने वर्ष 2003 वर्ष 2007 तक प्रतिकर उठाया। एमडीए 31 मार्च 2011 तक चक्रवृद्घि ब्याज दर नौ प्रतिशत के हिसाब से काट रहा है। यानी जिसने बाद में पैसा लिया उसका ब्याज कम कट रहा है। लोहियानगर और वेदव्यासपुरी से पहले दिया गया 165 रुपये के साथ ब्याज काटा जा रहा है और गंगानगर में 210 और ब्याज कट रहा है। इस हिसाब से वेदव्यासपुरी के किसानों को अब लगभग 275 रुपये प्रति वर्ग मीटर, लोहियानगर का लगभग 250 तथा गंगानगर का 170 से लगभग 275 रुपये प्रति वर्ग मीटर तक रेट बन रहा है। दरअसल एमडीए द्वार दिए गए अवार्ड का अंतर 36 रुपये 55 पैसे एक तथा 504 रुपये दूसरी बार का अंतर दिया। कुल 540 प्रति वर्ग मीटर में से दी गई रकम काटकर यह पैसा बन रहा है। ऐसे में लगभग 150 करोड़ रुपये का हिसाब बना है।

कब्जे में है जमीन तो होगा समायोजन
किसानों के कब्जे में काफी जमीन है, जिसका एमडीए समायोजन कर रहा है। अहम बात यह है कि उस जमीन का रेट भी एमडीए 31 मार्च 2011 की दर से ही लगा रहा है जिससे किसानों को काफी लाभ होगा। गंगानगर में यदि किसी किसान को जमीन ही रखनी है तो लगभग 7280 रुपये वर्ग मीटर, लोहियानगर में 6500 रुपये तथा वेदव्यापुरी में 8000 रुपये की दर से जमीन उसी किसान को छोड़ दी जाएगी। यदि किसी किसान ने तय रेट से ज्यादा जमीन कब्जा रखी है तो उसे उसका पैसा जमा करना होगा पर यह पैसा नई दर से जमा करना होगा। किसान के मुआवजे को अंतिम रूप तभी दिया जाएगा जब या तो किसान जमीन छोड़ देगा या यदि समायोजित करनी है तो उसके दस्तावेज जमा करेगा।

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