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किसानों को नौ लाख क्विंटल अतिरिक्त सट्टे का लाभ दिया
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किसानों को नौ लाख क्विंटल अतिरिक्त सट्टे का लाभ दिया
हस्तिनापुर। शुगर मिलों की पेराई क्षमता के अनुसार किसानों के गन्ना सट्टे में बदलाव करते हुए उन्हें अतिरिक्त सट्टे का लाभ दिया गया है। सहकारी गन्ना समिति मवाना ने चीनी मिलों व किसानों के सट्टे में अंतर को देखते हुए छह चीनी मिलों के लगभग 57 हजार किसानों को 9 लाख क्विंटल अतिरिक्त सट्टे का लाभ दिया है, जिसकी अतिरिक्त बॉन्डिंग किसानों के बांड पर कर दी गई है।
सहकारी समिति मवाना के माध्यम से मेरठ और मुजफ्फरनगर परिक्षेत्र में मौजूद छह चीनी मिलों को गन्ना सप्लाई होता है, जिनमें मवाना चीनी मिल, दौराला, खतौली, नगलामल, सिंभावली, टिकौला चीनी मिल शामिल हैं, जिनसे काफी किसान जुड़े हुए हैं। सहकारी समिति के विशेष सचिव प्रदीप शर्मा ने बताया कि चीनी मिलों के बेसिक कोटे व किसानों के बेसिक कोटे में अंतर को देखते हुए शासन के निर्देश पर गन्ना विभाग ने मवाना सहकारी समिति से 57 हजार किसानों को 9 लाख क्विंटल अतिरिक्त सट्टे का लाभ दिया है, जिसकी अतिरिक्त बॉन्डिंग किसानों के बांड पर कर दी गई है। जिससे छोटे गन्ना किसान अपना गन्ना समय से चीनी मिल में आपूर्ति कर सकेंगे।
गन्ना माफिया पर कसी नकेल
सहकारी गन्ना समिति मवाना के विशेष सचिव प्रदीप शर्मा ने बताया कि कुछ किसानों द्वारा गत वर्षों में असंवैधानिक रूप से गन्ने की सप्लाई की जा रही थी, जिसकी शिकायत लगातार उन्हें मिल रही थी। ऐसे किसानों पर कार्रवाई करते हुए उनके हजारों बांड बंद किए गए। समिति द्वारा ऐसे किसानों को चिह्नित किया जा रहा है, जिनके पास जमीन नहीं है या जो मृतक व्यक्तियों के नाम पर गन्ना सप्लाई कर रहे हैं।
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पांच हजार बांड हुए बंद
समिति में गन्ना माफिया द्वारा असंवैधानिक रूप से चलाए जा रहे लगभग पांच हजार बांड गत दो वर्षों में जांच के बाद पूर्ण रूप से बंद कर दिए गए हैं। यह अभियान जारी है। फर्जी तरीके से गन्ने की खरीदारी करने वाले गन्ना माफिया पर निश्चित रूप से कार्रवाई की जा रही है। -प्रदीप शर्मा, विशेष सचिव, सहकारी समिति मवाना
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हस्तिनापुर। शुगर मिलों की पेराई क्षमता के अनुसार किसानों के गन्ना सट्टे में बदलाव करते हुए उन्हें अतिरिक्त सट्टे का लाभ दिया गया है। सहकारी गन्ना समिति मवाना ने चीनी मिलों व किसानों के सट्टे में अंतर को देखते हुए छह चीनी मिलों के लगभग 57 हजार किसानों को 9 लाख क्विंटल अतिरिक्त सट्टे का लाभ दिया है, जिसकी अतिरिक्त बॉन्डिंग किसानों के बांड पर कर दी गई है।
सहकारी समिति मवाना के माध्यम से मेरठ और मुजफ्फरनगर परिक्षेत्र में मौजूद छह चीनी मिलों को गन्ना सप्लाई होता है, जिनमें मवाना चीनी मिल, दौराला, खतौली, नगलामल, सिंभावली, टिकौला चीनी मिल शामिल हैं, जिनसे काफी किसान जुड़े हुए हैं। सहकारी समिति के विशेष सचिव प्रदीप शर्मा ने बताया कि चीनी मिलों के बेसिक कोटे व किसानों के बेसिक कोटे में अंतर को देखते हुए शासन के निर्देश पर गन्ना विभाग ने मवाना सहकारी समिति से 57 हजार किसानों को 9 लाख क्विंटल अतिरिक्त सट्टे का लाभ दिया है, जिसकी अतिरिक्त बॉन्डिंग किसानों के बांड पर कर दी गई है। जिससे छोटे गन्ना किसान अपना गन्ना समय से चीनी मिल में आपूर्ति कर सकेंगे।
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गन्ना माफिया पर कसी नकेल
सहकारी गन्ना समिति मवाना के विशेष सचिव प्रदीप शर्मा ने बताया कि कुछ किसानों द्वारा गत वर्षों में असंवैधानिक रूप से गन्ने की सप्लाई की जा रही थी, जिसकी शिकायत लगातार उन्हें मिल रही थी। ऐसे किसानों पर कार्रवाई करते हुए उनके हजारों बांड बंद किए गए। समिति द्वारा ऐसे किसानों को चिह्नित किया जा रहा है, जिनके पास जमीन नहीं है या जो मृतक व्यक्तियों के नाम पर गन्ना सप्लाई कर रहे हैं।
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पांच हजार बांड हुए बंद
समिति में गन्ना माफिया द्वारा असंवैधानिक रूप से चलाए जा रहे लगभग पांच हजार बांड गत दो वर्षों में जांच के बाद पूर्ण रूप से बंद कर दिए गए हैं। यह अभियान जारी है। फर्जी तरीके से गन्ने की खरीदारी करने वाले गन्ना माफिया पर निश्चित रूप से कार्रवाई की जा रही है। -प्रदीप शर्मा, विशेष सचिव, सहकारी समिति मवाना