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Meerut News: किसानों ने अधिगृहित भमि की मूल्य कम बताया
Mon, 19 Jan 2026 08:58 PM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
Updated Mon, 19 Jan 2026 08:58 PM IST
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खरखौदा में शिविर के दौरान किसानों की समस्या सुनते अधिकारी (सोशल मीडिया)
प्रशासन और यूपीडा के अधिकारियों ने सुनी गंगा एक्सप्रेसवे के प्रभावित किसानों की समस्या
संवाद न्यूज एजेंसी
खरखौदा। गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे विकसित होने वाले औद्योगिक गलियारे के पहले चरण से प्रभावित किसानों की समस्याओं को सुनने के लिए शिविर का आयोजन किया गया। कई किसानों ने अधिग्रहित की गई भूमि का मूल्य कम बताया। इस दौरान भूमि अर्जन अधिकारी नरेंद्र सिंह ने किसानों की समस्याएं सुनकर उनका समाधान करने की सभी जानकारियां दी।
एसडीएम डॉ दीक्षा जोशी व यूपीडि के भूमि अर्जन अधिकारी नरेंद्र सिंह सहित अन्य कई अधिकारियों की टीम पहले क्षेत्र के गांव बिजौली में पहुंची। अधिकारियों ने पहले चरण के प्रभावित गांव बिजौली व खरखौदा निवासी किसानों की समस्याएं सुनी। गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे विकसित औद्योगिक गलियारे के पहले चरण के लिए गांव बिजौली व कस्बा खरखौदा के किसानों की सरकारी भूमि सहित करीब 213 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहित थी। जिसमें किसने की करीब 202 हेक्टेयर भूमि थी, लेकिन गांव बिजौली के करीब 12 किसान व कस्बा खरखौदा के करीब 11 किसान ऐसे हैं जिनकी भूमिका अभी तक भी बैनामा नहीं हुआ है। किसी किसान का पारिवारिक विवाद है तो किसी किसान का बंटवारे को लेकर विवाद न्यायालय में विचाराधीन है। उसी के निस्तारण को लेकर सोमवार को इस जनसुनवाई का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में अधिकारियों ने बताया कि यदि कोई किसान घोषित मूल्य से संतुष्ट नहीं है तो वह अपनी समस्याएं एडीएम के सामने रख सकते हैं। इस दौरान नायब तहसीलदार सतीश कुमार, कानूनगो संजीव कुमार, लेखपाल वतन वीर, गुरु वचन सिंह, नगर पंचायत अध्यक्ष मनीष त्यागी, भास्कर त्यागी, आशीष त्यागी व हाफिज अब्दुल हक सहित कई लोग मौजूद रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
खरखौदा। गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे विकसित होने वाले औद्योगिक गलियारे के पहले चरण से प्रभावित किसानों की समस्याओं को सुनने के लिए शिविर का आयोजन किया गया। कई किसानों ने अधिग्रहित की गई भूमि का मूल्य कम बताया। इस दौरान भूमि अर्जन अधिकारी नरेंद्र सिंह ने किसानों की समस्याएं सुनकर उनका समाधान करने की सभी जानकारियां दी।
एसडीएम डॉ दीक्षा जोशी व यूपीडि के भूमि अर्जन अधिकारी नरेंद्र सिंह सहित अन्य कई अधिकारियों की टीम पहले क्षेत्र के गांव बिजौली में पहुंची। अधिकारियों ने पहले चरण के प्रभावित गांव बिजौली व खरखौदा निवासी किसानों की समस्याएं सुनी। गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे विकसित औद्योगिक गलियारे के पहले चरण के लिए गांव बिजौली व कस्बा खरखौदा के किसानों की सरकारी भूमि सहित करीब 213 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहित थी। जिसमें किसने की करीब 202 हेक्टेयर भूमि थी, लेकिन गांव बिजौली के करीब 12 किसान व कस्बा खरखौदा के करीब 11 किसान ऐसे हैं जिनकी भूमिका अभी तक भी बैनामा नहीं हुआ है। किसी किसान का पारिवारिक विवाद है तो किसी किसान का बंटवारे को लेकर विवाद न्यायालय में विचाराधीन है। उसी के निस्तारण को लेकर सोमवार को इस जनसुनवाई का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में अधिकारियों ने बताया कि यदि कोई किसान घोषित मूल्य से संतुष्ट नहीं है तो वह अपनी समस्याएं एडीएम के सामने रख सकते हैं। इस दौरान नायब तहसीलदार सतीश कुमार, कानूनगो संजीव कुमार, लेखपाल वतन वीर, गुरु वचन सिंह, नगर पंचायत अध्यक्ष मनीष त्यागी, भास्कर त्यागी, आशीष त्यागी व हाफिज अब्दुल हक सहित कई लोग मौजूद रहे।
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