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किसानों ने कहा- समय से नहीं मिल रही गन्ना पर्ची, खेत खाली न होने से पिछड़ रही गेहूं की बुवाई

Wed, 23 Dec 2020 12:38 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 23 Dec 2020 12:38 AM IST
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Farmers said - sugarcane slip is not available in time, sowing of wheat falling behind due to non-empty field
किसानों ने कहा- समय से नहीं मिल रही गन्ना पर्ची, खेत खाली न होने से पिछड़ रही गेहूं की बुवाई
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खरखौदा। किसानों को मानक के अनुसार कम पर्ची मिलने के कारण गन्ने की फसल अभी खेतों में खड़ी है। इस कारण समय पर गेहूं की फसल की बुआई नहीं हो पा रही है। उधर मिल प्रबंधन 456 दिन के पेराई सत्र में 30 प्रतिशत गन्ना खरीदने का दावा कर रहा है।
क्षेत्र का अधिकतम गन्ना रकबा मोहिउद्दीनपुर सोसाइटी के अंतर्गत आता है। मोहिउद्दीनपुर सोसाइटी ही नंगलामल शुगर मिल, सिंभावली शुगर मिल व ब्रजनाथपुर शुगर मिल को गन्ना देती है। पेराई सत्र शुरू होने से पहले जब गन्ने के रकबे का सर्वे किया गया था तो मिल द्वारा रकबा करीब 21 हजार हेक्टेयर आंका गया था। मिल प्रबंधन का 180 दिन का पेराई सत्र है। इसमें मिल को करीब एक करोड़ क्विंटल गन्ना खरीदना है।
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उधर, सत्र के 45 दिन में मिल प्रबंधन करीब 28 लाख कुंतल गन्ना खरीदने का दावा कर रहा है। प्रबंधन का कहना है कि वह मानक से अधिक गन्ना खरीद रहा है। वहीं किसानों का आरोप है कि मिल प्रबंधन समय से इंडेंट जारी नहीं कर रहा है। किसानों के ऑनलाइन मिलने वाले कैलेंडर में पर्चियां पहले किसी खाने में दिखाई गई थी, लेकिन बाद में पर्चियों को दूसरे खानों में भेजा जा रहा है। इस कारण अभी तक गन्ने की पेड़ी की फसल खेतों में खड़ी है। समय से खेत खाली न होने के कारण किसान गेहूं की बुआई नहीं कर पा रहे हैं।
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