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Meerut News: ऊर्जा भवन पहुंचे किसान, सभागार में प्रवेश न मिलने पर धरने पर बैठे, घंटों चला हंगामा
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बिजली समस्याओं को लेकर 6 घंटे चली पंचायत में हुई कहासुनी, किसानों ने डाला डेरा, भटठी चढ़ाई
रात 1 बजे तक चलता रहा बातचीत का दौर, नहीं बनी सहमति
संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। बिजली समस्याओं पर मासिक पंचायत करने बुधवार को ऊर्जा भवन पहुंचे किसानों को सभागार में प्रवेश से रोक दिया गया। इस पर कार्यकर्ताओं ने जमकर हंगामा किया। इसके बाद एमडी कार्यालय के अंदर ही धरने पर बैठ गए। इस दौरान बिजली विभाग के कुछ अधिकारियों ने अभद्रता की तो कार्यकर्ता अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए। शाम को भट्ठी चढ़ा दी। धरने की सूचना पर एडीएम सिटी ब्रिजेश कुमार, सीओ सिविल लाइन अरविंद चौरसिया समेत तमाम अधिकारी मौके पर पहुंचे और किसानों व बिजली अधिकारियों के साथ वार्ता की। अपनी मांगों को लेकर किसान रात 1 बजे तक भी धरने में डटे रहे। और अधिकारी समझाने में जुटे रहे।
भारतीय किसान यूनियन के मंडल अध्यक्ष गुड्डू प्रधान के नेतृत्व में बुधवार दोपहर 12 बजे मेरठ, हापुड़, बागपत आदि जिलों के किसान ऊर्जा भवन पहुंचे। बिजली समस्याओं को लेकर पंचायत हुई। गुड्डू प्रधान ने बताया कि बुलंदशहर के जहांगीराबाद क्षेत्र में विद्युत विभाग की लापरवाही के कारण पिछले कुछ दिनों में ही 4 लोगों की मौत हो चुकी है। इसे लेकर पिछले 83 दिनों से किसानों का वहां धरना चल रहा है। इस समस्या को लेकर किसान प्रबंध निदेशक पीवीवीएनएल से वार्ता करने पहुंचे थे। इसके अलावा किसानों के बढ़े हुए बिजली बिल व नलकूपों की समस्याओं को भी अधिकारियों के सामने रखना था, लेकिन प्रबंध निदेशक से वार्ता नहीं हो सकी। इसे लेकर कार्यकर्ता वार्ता की मांग पर अड़े रहे। करीब पांच घंटे तक भी जब अधिकारी नहीं मिले तो कार्यकर्ता वार्ता के लिए ऊर्जा भवन के सभागार में जाने लगे, लेकिन उन्हें अंदर नहीं घुसने दिया गया। इसे लेकर कार्यकर्ताओं की अधीक्षण अभियंता मुख्यालय के साथ नोकझोक हुई। अधिकारियों के द्वारा ठीक व्यवहार न करने पर कार्यकर्ता वहीं अनिश्चतकालीन धरने पर बैठ गए। जानकारी मिलते ही भारी संख्या में किसान ट्रैक्टर ट्रॉली लेकर ऊर्जा भवन पहुंचने लगे। जानकारी पर जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन के भी अधिकारी ऊर्जा भवन पहुंचे। भाकियू जिला अध्यक्ष अनुराग चौधरी ने कहा कि किसानों के साथ अभद्र व्यवस्था करने वाले अधिकारी को किसानों से माफी मांगनी होगी। इसके बाद देर रात 9 बजे अधिकारियों के साथ वार्ता शुरू हुई। वार्ता के दौरान पीवीवीएनएल की ओर से निदेशक कार्मिक एसके पुरवार व अन्य अधिकारी शामिल रहे। इस दौरान धरने में लोकेश सिवाच, राजकुमार करनावल, मोनू ढिंढाला, महबूब सोलाना, हर्ष चहल, अशोक भाटी, सेवा राम, दिनेश, विनेश प्रधान, सतवीर जंगेठी काफी संख्या में भाकियू कार्यकर्ता शामिल रहे।
किसानों ने ऊर्जा भवन में चढ़ाई भट्ठी
धरना शुरू होने के बाद भारतीय किसान यूनियन की ओर से ऊर्जा भवन में ही भट्ठी चढ़ा दी गई। किसानों की ओर से दो जगहों पर भट्ठी लगाकर खाना बनाया गया। देर रात तक भट्ठी चलती रही। कुछ किसान तो रातभर ऊर्जा भवन में ही रहे। वह सवेरे ही रवाना हुए।
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रात 1 बजे तक चलता रहा बातचीत का दौर, नहीं बनी सहमति
संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। बिजली समस्याओं पर मासिक पंचायत करने बुधवार को ऊर्जा भवन पहुंचे किसानों को सभागार में प्रवेश से रोक दिया गया। इस पर कार्यकर्ताओं ने जमकर हंगामा किया। इसके बाद एमडी कार्यालय के अंदर ही धरने पर बैठ गए। इस दौरान बिजली विभाग के कुछ अधिकारियों ने अभद्रता की तो कार्यकर्ता अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए। शाम को भट्ठी चढ़ा दी। धरने की सूचना पर एडीएम सिटी ब्रिजेश कुमार, सीओ सिविल लाइन अरविंद चौरसिया समेत तमाम अधिकारी मौके पर पहुंचे और किसानों व बिजली अधिकारियों के साथ वार्ता की। अपनी मांगों को लेकर किसान रात 1 बजे तक भी धरने में डटे रहे। और अधिकारी समझाने में जुटे रहे।
भारतीय किसान यूनियन के मंडल अध्यक्ष गुड्डू प्रधान के नेतृत्व में बुधवार दोपहर 12 बजे मेरठ, हापुड़, बागपत आदि जिलों के किसान ऊर्जा भवन पहुंचे। बिजली समस्याओं को लेकर पंचायत हुई। गुड्डू प्रधान ने बताया कि बुलंदशहर के जहांगीराबाद क्षेत्र में विद्युत विभाग की लापरवाही के कारण पिछले कुछ दिनों में ही 4 लोगों की मौत हो चुकी है। इसे लेकर पिछले 83 दिनों से किसानों का वहां धरना चल रहा है। इस समस्या को लेकर किसान प्रबंध निदेशक पीवीवीएनएल से वार्ता करने पहुंचे थे। इसके अलावा किसानों के बढ़े हुए बिजली बिल व नलकूपों की समस्याओं को भी अधिकारियों के सामने रखना था, लेकिन प्रबंध निदेशक से वार्ता नहीं हो सकी। इसे लेकर कार्यकर्ता वार्ता की मांग पर अड़े रहे। करीब पांच घंटे तक भी जब अधिकारी नहीं मिले तो कार्यकर्ता वार्ता के लिए ऊर्जा भवन के सभागार में जाने लगे, लेकिन उन्हें अंदर नहीं घुसने दिया गया। इसे लेकर कार्यकर्ताओं की अधीक्षण अभियंता मुख्यालय के साथ नोकझोक हुई। अधिकारियों के द्वारा ठीक व्यवहार न करने पर कार्यकर्ता वहीं अनिश्चतकालीन धरने पर बैठ गए। जानकारी मिलते ही भारी संख्या में किसान ट्रैक्टर ट्रॉली लेकर ऊर्जा भवन पहुंचने लगे। जानकारी पर जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन के भी अधिकारी ऊर्जा भवन पहुंचे। भाकियू जिला अध्यक्ष अनुराग चौधरी ने कहा कि किसानों के साथ अभद्र व्यवस्था करने वाले अधिकारी को किसानों से माफी मांगनी होगी। इसके बाद देर रात 9 बजे अधिकारियों के साथ वार्ता शुरू हुई। वार्ता के दौरान पीवीवीएनएल की ओर से निदेशक कार्मिक एसके पुरवार व अन्य अधिकारी शामिल रहे। इस दौरान धरने में लोकेश सिवाच, राजकुमार करनावल, मोनू ढिंढाला, महबूब सोलाना, हर्ष चहल, अशोक भाटी, सेवा राम, दिनेश, विनेश प्रधान, सतवीर जंगेठी काफी संख्या में भाकियू कार्यकर्ता शामिल रहे।
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किसानों ने ऊर्जा भवन में चढ़ाई भट्ठी
धरना शुरू होने के बाद भारतीय किसान यूनियन की ओर से ऊर्जा भवन में ही भट्ठी चढ़ा दी गई। किसानों की ओर से दो जगहों पर भट्ठी लगाकर खाना बनाया गया। देर रात तक भट्ठी चलती रही। कुछ किसान तो रातभर ऊर्जा भवन में ही रहे। वह सवेरे ही रवाना हुए।
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