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Meerut News: किसानों ने चकबंदी का विरोध करते हुए की नारेबाजी, सीएम से शिकायत
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बहसूमा। सैफपुर फिरोजपुर गांव के जंगल में चल रही चकबंदी के विरोध में सैकड़ों किसान सोमवार को क्षेत्र के ग्राम मोहम्मदपुर शकिस्त में किसान नेता कैप्टन सुभाष के आवास पर इकट्ठे हुए और चकबंदी का विरोध करते हुए जमकर नारेबाजी की। किसानों का कहना था कि चकबंदी के नाम पर राजस्व विभाग की टीम किसानों का शोषण कर रही है। यदि किसानों का उत्पीड़न बंद नहीं किया गया तो वह मजबूरन जिलाधिकारी कार्यालय पर धरना प्रदर्शन करेंगे। किसानों ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भी भेजा है।
बीते कई माह से क्षेत्र के ग्राम सैफपुर फिरोजपुर, तालाब नगर, मोड खुर्द, सदरपुर, रामराज, विद्यापुरी आदि गांव के जंगल में चकबंदी चल रही है। किसानों के अनुसार, चकबंदी विभाग की टीम लगातार किसानों का शोषण कर रही है। जमीन नापने के नाम पर किसानों से लाखों रुपये लूटे जा रहे हैं, जो भी किसान पैसा देने में आनाकानी करता है उसकी जमीन या तो अलग-थलग कर दी जाती है या फिर उसकी कीमती जमीन को कम कीमत की जमीन की जगह नाप दिया जाता है।
मजबूरन किसान चकबंदी विभाग में काम कर रहे लोगों के सामने फरियाद करते घूम रहे हैं। ऐसा नहीं है कि यह बात किसी से छुपी हुई है लेखपाल से लेकर ऊपर तक के अधिकारियों को इस पूरे मामले की जानकारी है। पीड़ित किसान इस मामले में जिलाधिकारी को ज्ञापन भी सौंप चुके हैं।
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किसान नेता कैप्टन सुभाष ने बताया कि क्षेत्र के सैकड़ों किसानों के साथ वह बीते सप्ताह राज्यमंत्री दिनेश खटीक और जिलाधिकारी से मिलकर समस्या के समाधान की मांग की थी। किसानों ने मुख्यमंत्री को शिकायत पत्र भेजते हुए चकबंदी रोके जाने की मांग की है। किसानों का कहना है कि पूरे जंगल की चकबंदी पहले ही हो चुकी है, लेकिन चकबंदी विभाग किसानों की जमीन घटाने और उनसे रुपये ऐंठने के लिए जबरन चकबंदी करा रहा है।
किसानों ने विरोध जताते हुए कहा कि वह किसी भी सूरत में चकबंदी नहीं होने देंगे। चाहे इसके लिए आंदोलन करना पड़े। इस मौके पर हरिंद्र सिंह उर्फ हरिया, प्रधान सतपाल सिंह, वीरेंद्र सिंह, मुकेश चौधरी, उदयवीर सिंह, हरेंद्र सिंह, सतपाल काजीपुर, सुरेश काजीपुर, राजपाल, मोहित कुमार, सचिन आदि रहे।
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बीते कई माह से क्षेत्र के ग्राम सैफपुर फिरोजपुर, तालाब नगर, मोड खुर्द, सदरपुर, रामराज, विद्यापुरी आदि गांव के जंगल में चकबंदी चल रही है। किसानों के अनुसार, चकबंदी विभाग की टीम लगातार किसानों का शोषण कर रही है। जमीन नापने के नाम पर किसानों से लाखों रुपये लूटे जा रहे हैं, जो भी किसान पैसा देने में आनाकानी करता है उसकी जमीन या तो अलग-थलग कर दी जाती है या फिर उसकी कीमती जमीन को कम कीमत की जमीन की जगह नाप दिया जाता है।
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मजबूरन किसान चकबंदी विभाग में काम कर रहे लोगों के सामने फरियाद करते घूम रहे हैं। ऐसा नहीं है कि यह बात किसी से छुपी हुई है लेखपाल से लेकर ऊपर तक के अधिकारियों को इस पूरे मामले की जानकारी है। पीड़ित किसान इस मामले में जिलाधिकारी को ज्ञापन भी सौंप चुके हैं।
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किसान नेता कैप्टन सुभाष ने बताया कि क्षेत्र के सैकड़ों किसानों के साथ वह बीते सप्ताह राज्यमंत्री दिनेश खटीक और जिलाधिकारी से मिलकर समस्या के समाधान की मांग की थी। किसानों ने मुख्यमंत्री को शिकायत पत्र भेजते हुए चकबंदी रोके जाने की मांग की है। किसानों का कहना है कि पूरे जंगल की चकबंदी पहले ही हो चुकी है, लेकिन चकबंदी विभाग किसानों की जमीन घटाने और उनसे रुपये ऐंठने के लिए जबरन चकबंदी करा रहा है।
किसानों ने विरोध जताते हुए कहा कि वह किसी भी सूरत में चकबंदी नहीं होने देंगे। चाहे इसके लिए आंदोलन करना पड़े। इस मौके पर हरिंद्र सिंह उर्फ हरिया, प्रधान सतपाल सिंह, वीरेंद्र सिंह, मुकेश चौधरी, उदयवीर सिंह, हरेंद्र सिंह, सतपाल काजीपुर, सुरेश काजीपुर, राजपाल, मोहित कुमार, सचिन आदि रहे।