पश्चिमी यूपी के किसानों ने दी अर्थव्यवस्था को संजीवनी, तीन हजार करोड़ से अधिक का ऋण चुकाया, ये जिले रहे अव्वल
- छह सहकारी समितियों का तीन हजार करोड़ से अधिक का ऋण चुकाया, जिलों में बागपत और मंडल में सहारनपुर पहले स्थान पर
- ऋण अदायगी में मुरादाबाद मंडल दूसरे मेरठ मंडल के किसान तीसरे स्थान पर
विस्तार
कोरोना संक्रमण काल में बैंकों के ऋण की अदायगी नहीं हो पा रही है, वहीं पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसानों ने सहकारी समितियों और जिला सहकारी बैंक का ऋण चुकाने में दरियादिली दिखाई है। जिला सहकारी बैंकों और समितियों से लिए गए ऋण चुकता करने में बागपत के किसान सूबे में पहले पायदान पर रहे हैं। सहारनपुर मंडल पहले, मुरादाबाद दूसरे और मेरठ मंडल ने तीसरा स्थान हासिल किया है।
बागपत, शामली, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, बिजनौर, मेरठ के जिलों के किसानों ने 31 अगस्त तक करीब 3072 करोड़ रुपये का ऋण चुकता कर सहकारिता क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को मजबूती दी है।
सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक देवेंद्र सिंह ने बताया कि एक जुलाई 2019 से 31 जुलाई 2020 तक के ऋण की वसूली की समीक्षा में बागपत की 36 सहकारी समितियों से जुड़े किसानों ने 95.23 प्रतिशत कर्ज को लौटा दिया।
पूर्वांचल के फतेहपुर जिले के किसानों ने सिर्फ 0.07 प्रतिशत ऋण की अदायगी की है और वह प्रदेश में सबसे आखिरी पायदान पर है। हरदोई सबसे कम वसूली वाले जिलों में दूसरे और बलिया तीसरे स्थान पर है।
इन जिलों का रहा दबदबा (आंकड़े प्रतिशत में)
जिला 31 जुलाई तक 31 अगस्त
बागपत 95.23 96.72
शामली 92.84 94.46
बिजनौर 92.65 92
मुजफ्फरनगर 91.58 91.97
95.23प्रतिशत कर्ज बागपत की 36 सहकारी समितियों से जुड़े किसानों ने लौटाया
इन जिलों में कम वसूली
जिला प्रतिशत
फतेहपुर 0.07
हरदोई 0.14
बलिया 0.15
सिद्धार्थनगर 0.18
कुशीनगर 0.57
सहारनपुर मंडल का दबदबा
मंडल प्रतिशत
सहारनपुर 86.19
मुरादाबाद 85.33
मेरठ 85.23
मिर्जापुर 67.44
झांसी 59.91
3072 करोड़ चुकाए अब तक
शामली 231.46
बागपत 252
बिजनौर 649.82
सहारनपुर 574
मुजफ्फरनगर 503.14
मेरठ 863