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Meerut News: किसानों ने की गेहूं खरीद केंद्र चालू कराने की मांग
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संवाद न्यूज एजेंसी
बहसूमा। कस्बे में स्थित सहकारी समिति में 26 साल से गेहूं खरीद केंद्र बंद पड़ा है जिससे क्षेत्र के किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बुधवार को किसानों ने सहकारी समिति कार्यालय पर पहुंचकर गेहूं खरीद केंद्र बहाल करने की मांग की जिस पर समिति सचिव ने किसानों को आश्वासन दिया है।
मंगलवार को कस्बा स्थित महमूदपुर मार्ग पर सहकारी समिति कार्यालय पर किसानों ने पहुंचकर गेहूं खरीद केंद्र चालू किए जाने की मांग की। किसान संजू पोसवाल, वीरेंद्र नागर, दिनेश नागर, श्यामपाल चपराना का कहना है कि इस समय किसान की गेहूं की फसल कटने का सिलसिला चल रहा है। किसान अपनी फसल को संभालने में व्यस्त हैं। बाजार में व्यापारी कम दर पर गेहूं खरीद कर रहा है। सरकार ने किसानों से गेहूं खरीद का भाव 2585 रुपये प्रति क्विंटल घोषित कर रखा है। गेहूं का क्रय केंद्र न होने से किसानों को गणेशपुर, रामराज, मवाना आदि केंद्रों पर जाना पड़ता है। किसानों का कहना है कि जब सहकारी समिति हमारे यहां है तो हम दूसरे केंद्रों पर गेहूं बेचने क्यों जाएं। इस मामले में सहकारी समिति के सचिव अविनाश चौधरी का कहना है कि जिस केंद्र पर तीन साल तक गेहूं खरीद नहीं होती वहां पर केंद्र बंद कर दिया जाता है। किसानों के मांग पत्र के माध्यम से जिलाधिकारी को अवगत कराया जाएगा।
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बहसूमा। कस्बे में स्थित सहकारी समिति में 26 साल से गेहूं खरीद केंद्र बंद पड़ा है जिससे क्षेत्र के किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बुधवार को किसानों ने सहकारी समिति कार्यालय पर पहुंचकर गेहूं खरीद केंद्र बहाल करने की मांग की जिस पर समिति सचिव ने किसानों को आश्वासन दिया है।
मंगलवार को कस्बा स्थित महमूदपुर मार्ग पर सहकारी समिति कार्यालय पर किसानों ने पहुंचकर गेहूं खरीद केंद्र चालू किए जाने की मांग की। किसान संजू पोसवाल, वीरेंद्र नागर, दिनेश नागर, श्यामपाल चपराना का कहना है कि इस समय किसान की गेहूं की फसल कटने का सिलसिला चल रहा है। किसान अपनी फसल को संभालने में व्यस्त हैं। बाजार में व्यापारी कम दर पर गेहूं खरीद कर रहा है। सरकार ने किसानों से गेहूं खरीद का भाव 2585 रुपये प्रति क्विंटल घोषित कर रखा है। गेहूं का क्रय केंद्र न होने से किसानों को गणेशपुर, रामराज, मवाना आदि केंद्रों पर जाना पड़ता है। किसानों का कहना है कि जब सहकारी समिति हमारे यहां है तो हम दूसरे केंद्रों पर गेहूं बेचने क्यों जाएं। इस मामले में सहकारी समिति के सचिव अविनाश चौधरी का कहना है कि जिस केंद्र पर तीन साल तक गेहूं खरीद नहीं होती वहां पर केंद्र बंद कर दिया जाता है। किसानों के मांग पत्र के माध्यम से जिलाधिकारी को अवगत कराया जाएगा।
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