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Meerut News: गन्ने की सहफसली खेती कर बढाएं आय
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दो दिवसीय कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन
संवाद न्यूज एजेंसी
मोदीपुरम। सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि विवि में दो दिवसीय कृषक प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। इसमें किसानों की आय में वृद्धि के लिए जानकारी दी गई। कार्यक्रम का शुभारंभ कुलपति डॉ. त्रिवेणी दत्त ने किया। कुलपति ने कहा कि पारंपरिक एकल फसल प्रणाली के स्थान पर पशुपालन, बागवानी, मत्स्य पालन, मधुमक्खी पालन, मशरूम उत्पादन आदि को अपनाने से आय के स्रोत बढ़ते हैं। साथ ही किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होती है। ग
गन्ने के साथ सह फसली खेती अपनाकर किसान आय बढ़ा सकते है। मिट्टी की उर्वरता सुधार सकते हैं और जोखिम कम कर सकते हैं। यह एक टिकाऊ एवं लाभकारी कृषि पद्धति है, विशेषकर छोटे व सीमांत किसानों के लिए। डाॅ. पीके सिंह ने बताया कि मेरठ, मुजफ्फरनगर, हापुड़, गाजियाबाद के लगभग 35 किसानों ने प्रतिभाग किया। किसानों को कृषि विविधीकरण से संबंधित तकनीकियों से विशेषज्ञ प्रशिक्षित करेंगे। डाॅ. यूपी शाही ने मौसम विज्ञान से संबंधित जानकारी दी। डाॅ. राजेंद्र सिंह ने फसलों में एकीकृत कीट प्रबंधन के विषय में किसानों को जानकारी दी। डाॅ. कमल खिलाड़ी ने फसलों के रोग प्रबंधन विषय में बताया। इस दौरान डाॅ. सतेंद्र कुमार, डाॅ. मुकेश कुमार, डाॅ. पीके सिंह, डाॅ. एसके लोधी, डाॅ. एसके त्रिपाठी, डाॅ. हरिओम कटियार आदि मौजूद रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
मोदीपुरम। सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि विवि में दो दिवसीय कृषक प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। इसमें किसानों की आय में वृद्धि के लिए जानकारी दी गई। कार्यक्रम का शुभारंभ कुलपति डॉ. त्रिवेणी दत्त ने किया। कुलपति ने कहा कि पारंपरिक एकल फसल प्रणाली के स्थान पर पशुपालन, बागवानी, मत्स्य पालन, मधुमक्खी पालन, मशरूम उत्पादन आदि को अपनाने से आय के स्रोत बढ़ते हैं। साथ ही किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होती है। ग
गन्ने के साथ सह फसली खेती अपनाकर किसान आय बढ़ा सकते है। मिट्टी की उर्वरता सुधार सकते हैं और जोखिम कम कर सकते हैं। यह एक टिकाऊ एवं लाभकारी कृषि पद्धति है, विशेषकर छोटे व सीमांत किसानों के लिए। डाॅ. पीके सिंह ने बताया कि मेरठ, मुजफ्फरनगर, हापुड़, गाजियाबाद के लगभग 35 किसानों ने प्रतिभाग किया। किसानों को कृषि विविधीकरण से संबंधित तकनीकियों से विशेषज्ञ प्रशिक्षित करेंगे। डाॅ. यूपी शाही ने मौसम विज्ञान से संबंधित जानकारी दी। डाॅ. राजेंद्र सिंह ने फसलों में एकीकृत कीट प्रबंधन के विषय में किसानों को जानकारी दी। डाॅ. कमल खिलाड़ी ने फसलों के रोग प्रबंधन विषय में बताया। इस दौरान डाॅ. सतेंद्र कुमार, डाॅ. मुकेश कुमार, डाॅ. पीके सिंह, डाॅ. एसके लोधी, डाॅ. एसके त्रिपाठी, डाॅ. हरिओम कटियार आदि मौजूद रहे।
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