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इस गेट से उम्मीदें, नहीं होंगे पुलिसकर्मियों में झगडे़
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इस गेट से उम्मीदें, नहीं होंगे पुलिसकर्मियों में झगडे़
मेरठ। लंबे विवाद के बाद एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (एएचटीयू) थाने का गेट मुख्य रोड की तरफ बना दिया गया। उम्मीद है कि इस गेट के बनने से महिला पुलिसकर्मियों में झगड़े नहीं होंगे। पूर्व में महिला थाना और एएचटीयू थाना पुलिस के बीच मारपीट की घटनाएं एसएसपी तक भी पहुंची थीं। इसमें कई महिला पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई भी हुई थी।
महिला थाना और एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट थाने सटे हुए हैं। एएचटीयू थाने का गेट नहीं होने के कारण एएचटीयू के पुलिसकर्मियों को महिला थाना परिसर से ही आना जाना पड़ता था। वाहन सड़क किनारे पार्क करने पड़ते थे। 2012 में एएचटीयू की महिला कांस्टेबल ने महिला थाने में अपनी स्कूटी खड़ी कर दी थी। इसके बाद महिला सिपाहियों में मारपीट हो गई थी। दोनों महिला सिपाहियों पर कार्रवाई हुई थी। 2013 में भी दोनों थानों में तैनात महिला पुलिसकर्मियों में विवाद हुआ था। 2015 में महिला थाने की इंस्पेक्टर नरगिस खान ने एएचटीयू की एसओ रश्मि चौधरी की कार को थाने बाहर करा दिया था। मामला एसएसपी तक पहुंचा तो महिला थाने में वाहन लाने पर रोक लगा दी गई। कई बार यहां महिला पुलिसकर्मियों में नोकझोंक और गाली गलौज हो चुकी है। रविवार को एएचटीयू थाने का अलग गेट मुख्य मार्ग की तरफ लगाया गया। उम्मीद हैं कि अब दोनों थानों के पुलिस कर्मियों के बीच विवाद नहीं होगा।
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मेरठ। लंबे विवाद के बाद एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (एएचटीयू) थाने का गेट मुख्य रोड की तरफ बना दिया गया। उम्मीद है कि इस गेट के बनने से महिला पुलिसकर्मियों में झगड़े नहीं होंगे। पूर्व में महिला थाना और एएचटीयू थाना पुलिस के बीच मारपीट की घटनाएं एसएसपी तक भी पहुंची थीं। इसमें कई महिला पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई भी हुई थी।
महिला थाना और एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट थाने सटे हुए हैं। एएचटीयू थाने का गेट नहीं होने के कारण एएचटीयू के पुलिसकर्मियों को महिला थाना परिसर से ही आना जाना पड़ता था। वाहन सड़क किनारे पार्क करने पड़ते थे। 2012 में एएचटीयू की महिला कांस्टेबल ने महिला थाने में अपनी स्कूटी खड़ी कर दी थी। इसके बाद महिला सिपाहियों में मारपीट हो गई थी। दोनों महिला सिपाहियों पर कार्रवाई हुई थी। 2013 में भी दोनों थानों में तैनात महिला पुलिसकर्मियों में विवाद हुआ था। 2015 में महिला थाने की इंस्पेक्टर नरगिस खान ने एएचटीयू की एसओ रश्मि चौधरी की कार को थाने बाहर करा दिया था। मामला एसएसपी तक पहुंचा तो महिला थाने में वाहन लाने पर रोक लगा दी गई। कई बार यहां महिला पुलिसकर्मियों में नोकझोंक और गाली गलौज हो चुकी है। रविवार को एएचटीयू थाने का अलग गेट मुख्य मार्ग की तरफ लगाया गया। उम्मीद हैं कि अब दोनों थानों के पुलिस कर्मियों के बीच विवाद नहीं होगा।
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