एक्सक्लूसिव: ट्रांसफार्मर के लिए मेरठ नहीं लगानी पड़ेगी दौड़, 60 लाख रुपये से सीटीआर वर्कशॉप का होगा विस्तारीकरण
जनपद में 250, 400 व 600 केवीए के विद्युत ट्रांसफार्मर फुंकने पर ऊर्जा निगम के अफसरों को मेरठ का मुंह ताकना पड़ता था। कई बार तो जनपद में विद्युत संकट गहरा जाता था।
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बागपत जनपद में 250, 400 व 600 केवीए का विद्युत ट्रांसफार्मर फुंकेगा तो ऊर्जा निगम के अफसरों को अब मेरठ दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। बहुत जल्द 60 लाख रुपये से दिल्ली-सहारनपुर हाईवे स्थित सीटीआर वर्कशाप का विस्तारीकरण होने जा रहा है।
इसके पूरा होने के बाद निगम के मेरठ से ट्रांसफार्मर लाने के नाम पर लाखों रुपये हर साल बचेंगे। वहीं, हापुड़, शामली, सहारनपुर, बुलंदशहर, थानाभवन, गाजियाबाद के अतिरिक्त अन्य कई जनपदों को यहीं से ही विद्युत ट्रांसफार्मर सप्लाई किए जाएंगेे। ढाई माह में शामली व सहारनपुर जनपद को सीटीआर वर्कशाप से 188 छोटे विद्युत ट्रांसफार्मर सप्लाई किए जा चुके हैं।
दिल्ली-सहारनपुर हाईवे स्थित सीटीआर वर्कशाप पर अभी तक 10, 25, 63 व 100 केवीए के विद्युत ट्रांसफार्मर बनाए जाते हैं। जिससे जनपद में 250, 400 व 600 केवीए के विद्युत ट्रांसफार्मर फुंकने पर ऊर्जा निगम के अफसरों को मेरठ का मुंह ताकना पड़ता था। कई बार तो जनपद में विद्युत संकट गहरा जाता था।
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अब ऐसी स्थिति नहीं होगी। बहुत जल्द करीब साठ लाख रुपये से सीटीआर वर्कशाप का विस्तारीकरण होने जा रहा है। गत अक्टूबर में एसडीओ सीटीआर प्रवेश गिरि द्वारा भेजा प्रस्ताव विभाग ने पास कर लिया है। उम्मीद है कि मतगणना के कुछ दिन बाद सीटीआर वर्कशाप के विस्तारीकरण का कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
जनपदों में नहीं बनते बड़े विद्युत ट्रांसफार्मर
दिल्ली-सहानपुर हाईवे स्थित सीटीआर के एसडीओ प्रवेश गिरि के अनुसार जनपद के अतिरिक्त हापुड़, अमरोहा जनपद के गजरौला, रामपुर, बिजनौर के धामपुर में 250, 400, 600 व 1000 केवीए के विद्युत ट्रांसफार्मर नहीं बनते हैं। जैसे ही सीटीआर वर्कशाप का विस्तारीकरण होगा। इन जनपदों के अतिरिक्त शामली, सहारनपुर, बुलंदशहर, थानाभवन, गाजियाबाद को भी ट्रांसफार्मर सप्लाई किए जाएंगे।
मेरठ से ट्रांसफार्मर लाने में खर्च होते है पांच हजार रुपये
एसडीओ प्रवेश गिरि ने बताया कि मेरठ से विद्युत ट्रांसफार्मर लाने में करीब पांच हजार रुपये खर्च होते हैं। गत वर्ष मेरठ से तकरीबन 160 विद्युत ट्रांसफार्मर लाए गए थे, ऐसे में करीब नौ लाख रुपये खर्च हुए। विस्तारीकरण के बाद यह खर्च बच जाएगा।
शामली व सहारनपुर में किए सप्लाई
एसडीओ प्रवेश गिरि ने बताया कि सीटीआर वर्कशाप से शामली जनपद में जनवरी में 54, फरवरी में 74 व मार्च में अभी तक 32 व सहारनपुर जनपद में फरवरी में 28 विद्युत ट्रांसफार्मर भेज जा चुके हैं।