Exclusive: मन नहीं चढ़ रही योजना, बिल जमा करने से कतरा रहे किसान
नलकूपों की मुफ्त बिजली योजना के तहत पश्चिमांचल के 14 जिलों में मात्र 15667 किसानों ने कराया पंजीकरण। 2,88,872 नलकूप उपभोक्ता योजना के दायरे में आ रहे हैं। 31 मार्च 2023 तक का बकाया जमा कराना है।
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विस्तार
सरकार की मुफ्त बिजली योजना नलकूप किसानों के मन नहीं चढ़ रही। एक अप्रैल 2023 से शुरू की गई योजना में किसानों को 31 मार्च 2023 से पहले का बकाया जमा करना था, लेकिन किसान बिल जमा करने में कतरा रहे हैं।
पश्चिमांचल के मेरठ, गाजियाबाद, बुलंदशहर, नोएडा, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, मुरादाबाद, गजरौला, नोएडा जोन में 5,05,538 नलकूप किसान हैं, जिसमें 2,88,872 लाख किसान योजना के दायरे में आ रहे हैं, लेकिन अभी तक मात्र 15,667 निजी नलकूप किसानों ने ही योजना के लिए पंजीकरण कराया है।
30 जून तक विभाग में पंजीकरण कराकर केवाईसी कराकर योजना का लाभ लेना होगा। बिना पंजीकरण के किसान योजना का लाभ नहीं उठा पाएंगे। किसानों को नलकूप पर मीटर भी लगवाना होगा, जिसे लगवाने को किसान तैयार नही हैं।
अभी भी नलकूप किसानों पर है 1113 करोड़ बकाया
पश्चिमांचल के सभी 14 जिलों में अभी भी नलकूप किसानों पर 1113 करोड़ रुपये बकाया है। इनमें मेरठ जोन-1 में 2115 नलकूप उपभोक्ताओं पर 1.67 करोड़, मेरठ जोन-2 में 74,178 उपभोक्ताओं पर 86.85 करोड़ रुपये बकाया है। इनमें सभी जोन गाजियाबाद, बुलंदशहर जोन, मुजफ्फरनगर जोन, सहारनपुर जोन, नोएडा जोन, मुरादाबाद जोन और गजरौला जोन में कुल 5,05,538 नलकूप उपभोक्ता हैं और उनपर 1113 करोड़ रुपये बकाया है। अगर किसानों को फ्री बिजली योजना का लाभ लेना है तो 31 मार्च 2023 तक का बकाया जमा कराना होगा। जिन किसानों ने योजना के लिए पंजीकरण कराया है उनकी ओर से 34.61 करोड़ रुपये बकाया के जमा कराए गए हैं।
ये है पंजीकरण की स्थिति
जोन नलकूप किसान पंजीकरण
मेरठ-बागपत - 76293 1184
गाजियाबाद कुल - 9593 113
बुलंदशहर - 89441 1376
मुजफ्फरनगर - 82104 3381
सहारनपुर - 57536 1813
नाेएडा - 7819 284
मुरादाबाद - 77348 2871
गजरौला - 105404 4645
पीवीवीएनएल कुल- 505538 15667
बिना मीटर के मुफ्त बिजली दे सरकार
किसानों को अगर मुफ्त बिजली देनी ही है तो सरकार उनके नलकूपों पर मीटर न लगवाए। जब बिजली फ्री ही देनी है तो मीटर लगाने की क्या जरूरत है। किसान मीटर नहीं लगवाएंगे। - अनुराग चौधरी, जिलाध्यक्ष, भारतीय किसान यूनियन
पहले बदली जाएं जर्जर लाइन
सरकार पहले मूलभूत सुविधाएं दें इसके बाद ही नलकूपों पर मीटर लगवाए। पुरानी लाइनों के कारण लाइनलोस हो रहा है जिस कारण बिजली नहीं पहुंचती और ट्यूबवेल दोगुणे लोड से चलता है और यूनिट बढ़ती है। पहले तार बदले जाएं फिर मीटर लगाए जाएं। - बब्लू सिसौला, किसान
पंजीकरण के लिए कैंप लगवाए जा रह हैं। जो उपभोक्ता पंजीकरण कराएंगे और शर्तों को पूरा करेंगे उन्हें ही योजना का लाभ मिलेगा।- ईशा दुहन, प्रबंध निदेशक, पीवीवीएनएल