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Meerut News: हर घर में बुखार के बीमार... कूलरों में पनप रहा डेंगू का लार्वा, 54 को नोटिस
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मेरठ। मौसम बदलने के कारण हर घर में बुखार, खांसी और जुकाम के मरीज पड़े हैं। प्राइवेट और सरकार अस्पताल मरीजों से भरे पड़े हैं और लोग लापरवाही कर रहे हैं। कूलर मच्छरों के लार्वा का घर बने हुए हैं। मलेरिया विभाग की टीमें घरों का सर्वे कर रही हैं। 31 घरों में कूलर और जलपात्रों में 54 डेंगू के लार्वा पनपते मिले हैं। इन्हें नोटिस दिया गया है। इस दौरान 5889 घरों का सर्वे किया गया। लोगों को जागरूक रहने की जरूरत है। दरअसल, पिछले तीन सालों में जिले में डेंगू के 3355 मरीज मिल चुके हैं। लापरवाही बरती गई तो डेंगू हमला कर सकता है। इस सीजन में डेंगू का एक मरीज मिल भी चुका है।
जिला मलेरिया अधिकारी सत्यप्रकाश ने बताया कि बरसात के मौसम को देखते हुए घरों में जल पात्रों और कूलरों की जांच की जा रही है। ग्राम प्रधान, ब्लॉक प्रमुख, शिक्षा विभाग और पंचायती राज विभाग आदि का सहयोग लिया जा रहा है। काफी संख्या में लार्वा मिल रहे हैं। अगर दोबारा भी इन्हीं घरों में लार्वा मिले तो जुर्माना लगाया जाएगा। अगस्त में मच्छर जनित रोग बढ़ते हैं, इसलिए संचारी रोग नियंत्रण अभियान काफी महत्वपूर्ण है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वह अपने घर व आसपास साफ सफाई रखें। अनावश्यक रूप से पानी न भरने दें। आमतौर पर बरसात में घर की छतों पर रखे गैर उपयोगी पात्रों में पानी भर जाता है, जिसमें मच्छर पनपने लगते हैं, कोशिश करें कहीं भी पानी न भरे।
तीन तरह का होता है डेंगू
सीएमओ डॉ. अशोक कटारिया ने बताया कि डेंगू तीन तरह का होता है। क्लासिकल, हैमरेजिक और शॉक सिंड्रोम। इनमें क्लासिकल अपने आप ठीक हो जाता है। हैमरेजिक और शॉक सिंड्रोम होने पर खतरा रहता है। डेंगू बुखार के हर मरीज को प्लेटलेट्स चढ़ाने की जरूरत नहीं होती है। हैमरेजिक और शॉक सिंड्रोम में भी जरूरत पड़ने पर ही प्लेटलेट्स चढ़ाई जाती हैं। डेंगू संक्रमित मादा एडीज मच्छर के काटने से फैलता है। यह मच्छर दिन में ही सक्रिय रहता है और ज्यादा ऊंचाई तक उड़ने में असमर्थ होने के कारण घुटने से नीचे ही काटता है। यह मच्छर रुके हुए साफ पानी में पनपता है। डेंगू का लार्वा घर के अंदर फ्रिज या एसी की ट्रे, कूलर में पनपता है। कूलर का पानी नियमित रूप से बदलते रहें और एक सप्ताह में कूलर को अच्छी तरह से साफ करने के बाद प्रयोग करें। इस मौसम में पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनें और सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें।
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जिले में मिले डेंगू का हाल
साल मरीज
2021 1668
2022 348
2023 1339
ये बरतें सावधानी
घर पर गमलों में, कूलर के पानी में लार्वा न पनपने दें।
मच्छरों से बचाव के लिए शरीर पर पूरे कपड़े पहनें।
लगातार कई दिन तक बुखार न उतरे तो चिकित्सक से परामर्श करें।
जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज में चार हजार मरीज आए
जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में सोमवार को जहां छह हजार से ज्यादा मरीज पहुंचे थे, मंगलवार को भी इनकी तादाद 4521 रही। इनमें 773 मरीज मेडिसिन और नाक-कान-गला ओपीडी में पहुंचे, जिनमें सबसे ज्यादा मरीज गले और लिवर में इंफेक्शन, खांसी, बुखार और उल्टी दस्त के थे। बृहस्पतिवार को भी चार हजार से अधिक मरीज पहुंचे। अधिकांश मरीज बुखार और खांसी, जुकाम से पीड़ित हैं।
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जिला मलेरिया अधिकारी सत्यप्रकाश ने बताया कि बरसात के मौसम को देखते हुए घरों में जल पात्रों और कूलरों की जांच की जा रही है। ग्राम प्रधान, ब्लॉक प्रमुख, शिक्षा विभाग और पंचायती राज विभाग आदि का सहयोग लिया जा रहा है। काफी संख्या में लार्वा मिल रहे हैं। अगर दोबारा भी इन्हीं घरों में लार्वा मिले तो जुर्माना लगाया जाएगा। अगस्त में मच्छर जनित रोग बढ़ते हैं, इसलिए संचारी रोग नियंत्रण अभियान काफी महत्वपूर्ण है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वह अपने घर व आसपास साफ सफाई रखें। अनावश्यक रूप से पानी न भरने दें। आमतौर पर बरसात में घर की छतों पर रखे गैर उपयोगी पात्रों में पानी भर जाता है, जिसमें मच्छर पनपने लगते हैं, कोशिश करें कहीं भी पानी न भरे।
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तीन तरह का होता है डेंगू
सीएमओ डॉ. अशोक कटारिया ने बताया कि डेंगू तीन तरह का होता है। क्लासिकल, हैमरेजिक और शॉक सिंड्रोम। इनमें क्लासिकल अपने आप ठीक हो जाता है। हैमरेजिक और शॉक सिंड्रोम होने पर खतरा रहता है। डेंगू बुखार के हर मरीज को प्लेटलेट्स चढ़ाने की जरूरत नहीं होती है। हैमरेजिक और शॉक सिंड्रोम में भी जरूरत पड़ने पर ही प्लेटलेट्स चढ़ाई जाती हैं। डेंगू संक्रमित मादा एडीज मच्छर के काटने से फैलता है। यह मच्छर दिन में ही सक्रिय रहता है और ज्यादा ऊंचाई तक उड़ने में असमर्थ होने के कारण घुटने से नीचे ही काटता है। यह मच्छर रुके हुए साफ पानी में पनपता है। डेंगू का लार्वा घर के अंदर फ्रिज या एसी की ट्रे, कूलर में पनपता है। कूलर का पानी नियमित रूप से बदलते रहें और एक सप्ताह में कूलर को अच्छी तरह से साफ करने के बाद प्रयोग करें। इस मौसम में पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनें और सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें।
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जिले में मिले डेंगू का हाल
साल मरीज
2021 1668
2022 348
2023 1339
ये बरतें सावधानी
घर पर गमलों में, कूलर के पानी में लार्वा न पनपने दें।
मच्छरों से बचाव के लिए शरीर पर पूरे कपड़े पहनें।
लगातार कई दिन तक बुखार न उतरे तो चिकित्सक से परामर्श करें।
जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज में चार हजार मरीज आए
जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में सोमवार को जहां छह हजार से ज्यादा मरीज पहुंचे थे, मंगलवार को भी इनकी तादाद 4521 रही। इनमें 773 मरीज मेडिसिन और नाक-कान-गला ओपीडी में पहुंचे, जिनमें सबसे ज्यादा मरीज गले और लिवर में इंफेक्शन, खांसी, बुखार और उल्टी दस्त के थे। बृहस्पतिवार को भी चार हजार से अधिक मरीज पहुंचे। अधिकांश मरीज बुखार और खांसी, जुकाम से पीड़ित हैं।