मेरठ। परतापुर स्थित कान्हा उपवन गोशाला प्रकरण में प्राक्कलन समिति ने मेरठ नगर निगम से जवाब मांगा हैं। किस आयु का गोवंश, कहां से चोटिल और उसको कितना चारा दिया है, इसके बारे में जानकारी मांगी हैं। गोवंश बीमार या चोटिल है तो उसको पशु चिकित्सालय भेजें। इस संबंध में प्रमुख सचिव नगर विकास ने एक समिति बनाने की बात कही। इस प्रकरण में प्रभारी नगर स्वास्थ्य अधिकारी रहे डॉ. हरपाल सिंह के अलावा अन्य अधिकारियों पर भी गाज गिर सकती है।
प्राक्कलन समिति के अध्यक्ष कैंट विधायक अमित अग्रवाल ने चार दिन पहले लखनऊ में अधिकारियों की बैठक ली थी। उसमें नगर आयुक्त सौरभ गंगवार भी शामिल थे। कैंट विधायक ने कहा कि समिति की बैठक में परतापुर स्थित कान्हा उपवन गोशाला का मामला भी उठाया गया था। गोशाला में कितने गोवंश है। उनका चारा और इलाज के क्या इंतजाम है। गोशाला में आने वाले गोवंशों का दाखिला कराया जाता होगा। यह गोवंश बीमार या फिर सड़क पर चोटिल हुआ है तो उसे गोशाला की बजाए पशु चिकित्सालय में भेजा जाए। पशु पालन विभाग को भी अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। गोशाला में दो पशु चिकित्सक की ड्यूटी निर्धारित करें। गोवंशों की दुर्दशा करने वाले अफसरों पर कार्रवाई करें। गोवंशों का ब्योरा दें, जिससे निष्पक्ष जांच कराकर जिम्मेदारों अफसरों पर कार्रवाई हो सके। प्रमुख सचिव ने एक समिति बनाकर जांच कराने की बात कही है।