{"_id":"605ba5268ebc3ed4be2dc64b","slug":"enginner-boy-sucide-with-father-s-pistol-meerut-news-mrt531566127","type":"story","status":"publish","title_hn":"रिटायर्ड इंस्पेक्टर के इंजीनियर बेटे ने गोली मारकर जान दी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रिटायर्ड इंस्पेक्टर के इंजीनियर बेटे ने गोली मारकर जान दी
विज्ञापन
रिटायर्ड इंस्पेक्टर के इंजीनियर बेटे ने खुद को गोली मारकर दी जान
मेरठ। रिटायर्ड इंस्पेक्टर के इंजीनियर बेटे ने पिस्टल से खुद को गोली मारकर जान दे दी। पीड़ित परिवार ने रिटायर्ड दरोगा और सीओ ब्रह्मपुरी के खिलाफ ब्रह्मपुरी थाने में तहरीर दे दी। आरोप है कि परतापुर थाने में रिटायर्ड इंस्पेक्टर के परिवार पर मुकदमा है, जिसको लेकर पुलिस उन्हें भी फंसाने में लगी थी।
मूलरूप से परतापुर क्षेत्र के गगोल गॉव निवासी गजे सिंह रिटायर्ड इंस्पेक्टर है। जोकि अब अपने परिवार के साथ ब्रह्मपुरी मास्टर कॉलोनी में रहते है। बुधवार रिटायर्ड इंस्पेक्टर के बेटे राहुल (35) ने अपने पिता की लाइसेंसी पिस्टल से खुद गोली मारकर जान दी। बताया जा रहा है कि राहुल इंजीनियर थे और कई दिनों से डिप्रेशन में चल रहे थे। राहुल को केएमसी हॉस्पिटल ले जाया गया। जहां डॉक्टर ने उसे मृतक घोषित कर दिया।
इसकी सूचना पर ब्रह्मपुरी थाने के पुलिस मौके पर पहुंची और राहुल के शव को पोस्टमार्टम हाउस के लिए भेज दिया। रिटायर्ड इंस्पेक्टर ने आरोप लगाया कि 2013 में बागपत में तैनात दरोगा उमेश कौशिक के खिलाफ उन्होंने जांच की थी। उमेश के खिलाफ सीबीसीआईडी मेरठ में मुकदमा दर्ज हुआ था और वहां पर गजे सिंह की पोस्टिंग थी। गजे सिंह की जांच रिपोर्ट में सीओ ब्रह्मपुरी अमित कुमार राय के खिलाफ कार्रवाई हुई थी। सीओ ब्रह्मपुरी उस समय बागपत में तैनात थे।
विज्ञापन
-----
उत्पीड़न से परेशान था मेरा बेटा राहुल : गजे सिंह
मेरठ। इंजीनियर राहुल कुमार की मौत के मामले में सीओ ब्रह्मपुरी और रिटायर्ड दरोगा पर उत्पीड़न का आरोप लगाया है। राहुल के पिता रिटायर्ड इंस्पेक्टर ने आरोप लगाया है कि 19 जनवरी को उन्हें धमकी दी गई थी कि वह फर्जी मुकदमे में उनको फंसा देंगे। इसे लेकर उनके बेटे डिप्रेशन में थे। उनका कहना है कि वे एडीजी मेरठ जोन, डीजीपी, मानवधिकार में भी शिकायत करेंगे। सीबीसीआईडी के अलावा भी दूसरे विभाग ने भी सीओ और रिटायर्ड दरोगा को दोषी करार दिया था।
गजे सिंह ने बताया कि 2013 में बागपत में हुई एक मुठभेड़ की जांच सीबीसीआईडी मेरठ में आई थी। इसमें तीन लोगों को पशु चोर बताकर दरोगा उमेश ने गोली मार दी थी। सीबीसीआईडी में गजे सिंह इंस्पेक्टर थे और उनकी जांच में घायल तीनो लोग बेकसूर पाए गए थे। इसके बाद उमेश कोशिक पर केस दर्ज हुआ और सीओ अमित कुमार राय के खिलाफ विभागीय जांच शुरू हो गई। तभी से उमेश कौशिक गजे सिंह और उसके परिवार के पीछे पड़ा हुआ था। आरोप है कि रिटायर्ड होने के बाद भी उमेश बार-बार मेरठ में आकर गजे सिंह और उसके परिवार को धमकी देता था। अमित कुमार राय की मेरठ में पोस्टिंग होने के बाद उमेश को सिक्का लगातार उनके पास आना जाना जाना था।
इसी बीच, 19 जनवरी को उमेश ने परतापुर थाने में परिवार के ही सदस्य पर छेड़छाड़ का एक मुकदमा दर्ज करा दिया। इसी केस में गजे सिंह और उसके बेटों के खिलाफ कार्रवाई कराने की धमकी सीओ और रिटायर्ड दरोगा देते थे। इस मामले की शिकायत मानवधिकार व अधिकारियों के पास भी की गई थी। इसके चलते नौ जनवरी 2021 को रिटायर्ड इंस्पेक्टर गजे सिंह और उसके परिवार को सुरक्षा मुहैया करने के आदेश भी हुए थे।
---
परतापुर थाने में छेड़छाड़ का केस दर्ज हुआ है। उसमें चार्जशीट दाखिल हो गई है। इस मामले में मेरा कोई लेना देना नहीं है। 2013 में बागपत जिले में उनकी पोस्टिंग थी। मुठभेड़ में जो आरोप लगे थे, उसमें उनको जांच के बाद क्लीनचिट मिल गई थी। छेड़छाड़ के केस में रिटायर्ड इंस्पेक्टर गजे सिंह से कभी कोई बातचीत नहीं हुई। उच्च अधिकारी इस मामले की जांच कर सकते हैं।
- अमित कुमार राय, सीओ ब्रह्मपुरी।
विज्ञापन
मेरठ। रिटायर्ड इंस्पेक्टर के इंजीनियर बेटे ने पिस्टल से खुद को गोली मारकर जान दे दी। पीड़ित परिवार ने रिटायर्ड दरोगा और सीओ ब्रह्मपुरी के खिलाफ ब्रह्मपुरी थाने में तहरीर दे दी। आरोप है कि परतापुर थाने में रिटायर्ड इंस्पेक्टर के परिवार पर मुकदमा है, जिसको लेकर पुलिस उन्हें भी फंसाने में लगी थी।
मूलरूप से परतापुर क्षेत्र के गगोल गॉव निवासी गजे सिंह रिटायर्ड इंस्पेक्टर है। जोकि अब अपने परिवार के साथ ब्रह्मपुरी मास्टर कॉलोनी में रहते है। बुधवार रिटायर्ड इंस्पेक्टर के बेटे राहुल (35) ने अपने पिता की लाइसेंसी पिस्टल से खुद गोली मारकर जान दी। बताया जा रहा है कि राहुल इंजीनियर थे और कई दिनों से डिप्रेशन में चल रहे थे। राहुल को केएमसी हॉस्पिटल ले जाया गया। जहां डॉक्टर ने उसे मृतक घोषित कर दिया।
विज्ञापन
इसकी सूचना पर ब्रह्मपुरी थाने के पुलिस मौके पर पहुंची और राहुल के शव को पोस्टमार्टम हाउस के लिए भेज दिया। रिटायर्ड इंस्पेक्टर ने आरोप लगाया कि 2013 में बागपत में तैनात दरोगा उमेश कौशिक के खिलाफ उन्होंने जांच की थी। उमेश के खिलाफ सीबीसीआईडी मेरठ में मुकदमा दर्ज हुआ था और वहां पर गजे सिंह की पोस्टिंग थी। गजे सिंह की जांच रिपोर्ट में सीओ ब्रह्मपुरी अमित कुमार राय के खिलाफ कार्रवाई हुई थी। सीओ ब्रह्मपुरी उस समय बागपत में तैनात थे।
विज्ञापन
-----
उत्पीड़न से परेशान था मेरा बेटा राहुल : गजे सिंह
मेरठ। इंजीनियर राहुल कुमार की मौत के मामले में सीओ ब्रह्मपुरी और रिटायर्ड दरोगा पर उत्पीड़न का आरोप लगाया है। राहुल के पिता रिटायर्ड इंस्पेक्टर ने आरोप लगाया है कि 19 जनवरी को उन्हें धमकी दी गई थी कि वह फर्जी मुकदमे में उनको फंसा देंगे। इसे लेकर उनके बेटे डिप्रेशन में थे। उनका कहना है कि वे एडीजी मेरठ जोन, डीजीपी, मानवधिकार में भी शिकायत करेंगे। सीबीसीआईडी के अलावा भी दूसरे विभाग ने भी सीओ और रिटायर्ड दरोगा को दोषी करार दिया था।
गजे सिंह ने बताया कि 2013 में बागपत में हुई एक मुठभेड़ की जांच सीबीसीआईडी मेरठ में आई थी। इसमें तीन लोगों को पशु चोर बताकर दरोगा उमेश ने गोली मार दी थी। सीबीसीआईडी में गजे सिंह इंस्पेक्टर थे और उनकी जांच में घायल तीनो लोग बेकसूर पाए गए थे। इसके बाद उमेश कोशिक पर केस दर्ज हुआ और सीओ अमित कुमार राय के खिलाफ विभागीय जांच शुरू हो गई। तभी से उमेश कौशिक गजे सिंह और उसके परिवार के पीछे पड़ा हुआ था। आरोप है कि रिटायर्ड होने के बाद भी उमेश बार-बार मेरठ में आकर गजे सिंह और उसके परिवार को धमकी देता था। अमित कुमार राय की मेरठ में पोस्टिंग होने के बाद उमेश को सिक्का लगातार उनके पास आना जाना जाना था।
इसी बीच, 19 जनवरी को उमेश ने परतापुर थाने में परिवार के ही सदस्य पर छेड़छाड़ का एक मुकदमा दर्ज करा दिया। इसी केस में गजे सिंह और उसके बेटों के खिलाफ कार्रवाई कराने की धमकी सीओ और रिटायर्ड दरोगा देते थे। इस मामले की शिकायत मानवधिकार व अधिकारियों के पास भी की गई थी। इसके चलते नौ जनवरी 2021 को रिटायर्ड इंस्पेक्टर गजे सिंह और उसके परिवार को सुरक्षा मुहैया करने के आदेश भी हुए थे।
---
परतापुर थाने में छेड़छाड़ का केस दर्ज हुआ है। उसमें चार्जशीट दाखिल हो गई है। इस मामले में मेरा कोई लेना देना नहीं है। 2013 में बागपत जिले में उनकी पोस्टिंग थी। मुठभेड़ में जो आरोप लगे थे, उसमें उनको जांच के बाद क्लीनचिट मिल गई थी। छेड़छाड़ के केस में रिटायर्ड इंस्पेक्टर गजे सिंह से कभी कोई बातचीत नहीं हुई। उच्च अधिकारी इस मामले की जांच कर सकते हैं।
- अमित कुमार राय, सीओ ब्रह्मपुरी।