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मोहिउद्दीनपुर से जीरो माइल तक अतिक्रमण बनेगा चुनौती
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मेरठ। रैपिड रेल का एलाइनमेंट जैसे-जैसे शहर में बढ़ता जाएगा, अतिक्रमण भी सिरदर्द बनेगा। इसके लिए पीडब्ल्यूडी ने सड़क की चौड़ाई को एनसीआरटीसी को सौंप दिया है। मोहिउद्दीनपुर से लेकर जीरो माइल तक सड़क से अधिकतम 54 मीटर तक पीडब्ल्यूडी ने अपनी जमीन बताई है। इसको लेकर निकट भविष्य में उस समय परेशानी खड़ी होगी जब एनसीआरटीसी अतिक्रमण हटाने के लिए प्रशासन का सहारा लेगा।
मोहिउद्दीनपुर से लेकर एचआरएस चौराहे तक रैपिड रेल का ट्रैक एलिवेटेड है। इसके बाद जीरो माइल तक एनसीआरटीसी अंडरग्राउंड ट्रैक बनाएगा। इससे पहले अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। जिसमें काफी संख्या में मकानों एवं दुकानों को तोड़ना होगा। ऐसे में व्यापारी, स्थानीय निवासी मुआवजे की मांग करेंगे। यदि सरकारी जमीन पर कब्जा है तो मुआवजा नहीं दिया जाएगा। वहीं, यदि उनकी भी जमीन जा रही होगी तो मुआवजा देना ही उचित होगा। इसके लिए कुछ महीनों पहले पीडब्ल्यूडी की तरफ से सड़क की माप करने के बाद निशान लगाए गए थे। इसके बाद भी व्यापारियों ने इसे हल्के में लिया। ऐसे में दीपावली बाद एनसीआरटीसी खोदाई करने का प्लान तैयार कर रहा है। इससे पहले ही अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई भी शुरू कर दी जाएगी।
49 से 65 किमी तक बनाई रिपोर्ट
दिल्ली से आते हुए 49वे किलोमीटर यानि पसवाड़ा पेपर मिल से शुरू होकर 65 किमी अर्थात जीरो माइल तक हर 25 मीटर पर सड़क की चौड़ाई मापी गई। इसमें अधिकतम 54 मीटर चौड़ाई है। इस बाबत एनसीआरटीसी को नवीन मंडी तक का डाटा दे दिया गया है। इसी आधार पर ही एनसीआरटीसी अतिक्रमण हटाने की प्लानिंग कर रहा है। पीडब्ल्यूडी ने माप करने के बाद दोनों तरफ बोर्ड भी लगाए थे। जिससे अतिक्रमण करने वालों को पता चल सके।
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भैसाली बस अड्डे से बेगमपुल तक का हाल
पीडब्ल्यूडी की रिपोर्ट के अनुसार इन दोनों स्थानों के बीच सड़क की चौड़ाई 24 मीटर, 27 मीटर, 18 मीटर तक मापी गई है। जिससे साफ है कि जितनी दुकानें सड़क पर आ रही हैं, उन्हें सभी को हटाने की कार्रवाई की जाएगी। इसके अतिरिक्त दिल्ली रोड की तरफ 42 मीटर, 54 मीटर भी सड़क की चौड़ाई मापी गई है। यहां भी कई बड़े शोरूम रैपिड रेल की जद में आएंगे। वहीं, इस किलोमीटर के 25 मीटर के हिस्से में जो जमीन मापी गई है, उसमें भी कहीं अधिक निकली है तो कहीं कम। इससे साफ है कि अतिक्रमण हटाने में सबसे अधिक समस्या आएगी।
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मोहिउद्दीनपुर से लेकर एचआरएस चौराहे तक रैपिड रेल का ट्रैक एलिवेटेड है। इसके बाद जीरो माइल तक एनसीआरटीसी अंडरग्राउंड ट्रैक बनाएगा। इससे पहले अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। जिसमें काफी संख्या में मकानों एवं दुकानों को तोड़ना होगा। ऐसे में व्यापारी, स्थानीय निवासी मुआवजे की मांग करेंगे। यदि सरकारी जमीन पर कब्जा है तो मुआवजा नहीं दिया जाएगा। वहीं, यदि उनकी भी जमीन जा रही होगी तो मुआवजा देना ही उचित होगा। इसके लिए कुछ महीनों पहले पीडब्ल्यूडी की तरफ से सड़क की माप करने के बाद निशान लगाए गए थे। इसके बाद भी व्यापारियों ने इसे हल्के में लिया। ऐसे में दीपावली बाद एनसीआरटीसी खोदाई करने का प्लान तैयार कर रहा है। इससे पहले ही अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई भी शुरू कर दी जाएगी।
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49 से 65 किमी तक बनाई रिपोर्ट
दिल्ली से आते हुए 49वे किलोमीटर यानि पसवाड़ा पेपर मिल से शुरू होकर 65 किमी अर्थात जीरो माइल तक हर 25 मीटर पर सड़क की चौड़ाई मापी गई। इसमें अधिकतम 54 मीटर चौड़ाई है। इस बाबत एनसीआरटीसी को नवीन मंडी तक का डाटा दे दिया गया है। इसी आधार पर ही एनसीआरटीसी अतिक्रमण हटाने की प्लानिंग कर रहा है। पीडब्ल्यूडी ने माप करने के बाद दोनों तरफ बोर्ड भी लगाए थे। जिससे अतिक्रमण करने वालों को पता चल सके।
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पीडब्ल्यूडी की रिपोर्ट के अनुसार इन दोनों स्थानों के बीच सड़क की चौड़ाई 24 मीटर, 27 मीटर, 18 मीटर तक मापी गई है। जिससे साफ है कि जितनी दुकानें सड़क पर आ रही हैं, उन्हें सभी को हटाने की कार्रवाई की जाएगी। इसके अतिरिक्त दिल्ली रोड की तरफ 42 मीटर, 54 मीटर भी सड़क की चौड़ाई मापी गई है। यहां भी कई बड़े शोरूम रैपिड रेल की जद में आएंगे। वहीं, इस किलोमीटर के 25 मीटर के हिस्से में जो जमीन मापी गई है, उसमें भी कहीं अधिक निकली है तो कहीं कम। इससे साफ है कि अतिक्रमण हटाने में सबसे अधिक समस्या आएगी।