संवाद न्यूज एजेंसी
सरधना। रक्षाबंधन के दिन कस्बे में महिलाओं और यात्रियों को इलेक्ट्रिक बसों की सुविधा का लाभ नहीं मिल पाया, जिससे उन्हें निजी बसों पर निर्भर रहना पड़ा। राज्य सरकार द्वारा शुक्रवार सुबह 6 बजे से रविवार रात 12 बजे तक महिलाओं और एक सहयात्री को निशुल्क यात्रा सुविधा देने की घोषणा की गई थी, लेकिन शनिवार को रक्षाबंधन के दिन यह सेवा पूरी तरह विफल नजर आई।
देवी मंदिर के सामने बड़ी संख्या में महिलाएं इलेक्ट्रिक बस का इंतजार करती रहीं। कई महिलाओं ने बताया कि उन्होंने काफी देर तक बस का इंतजार किया, लेकिन जब कोई बस नहीं आई, तो मजबूरी में निजी बसों में सफर करना पड़ा। निजी बसें हर 5 से 10 मिनट में उपलब्ध रहीं, जिससे यात्रियों को सफर में ज्यादा दिक्कत नहीं हुई। बस संचालकों की मानें तो दिनभर अच्छी सवारियां रहीं और उन्हें फायदा भी हुआ। स्थानीय लोगों ने बताया कि सुबह के समय केवल तीन इलेक्ट्रिक बसें दिखीं, उसके बाद दिनभर एक भी बस नहीं आई। इस कारण महिलाएं सरकार की मुफ्त सेवा से वंचित रह गईं। यात्रियों ने प्रशासन से मांग की कि त्योहारों के दिन ऐसी सेवाएं पूरी व्यवस्था और निगरानी के साथ चलाई जाएं, जिससे आमजन को राहत मिल सके।