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चुनाव बीता, मिलों से हटा गन्ना भुगतान का दबाव
Tue, 23 Apr 2019 03:08 AM IST
Gaurav sharma
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
Published by: Gaurav sharma
Updated Tue, 23 Apr 2019 03:08 AM IST
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शुगर मिल
- फोटो : अमर उजाला
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मेरठ मंडल में लोकसभा चुनाव का चरण खत्म होते ही शुगर इंडस्ट्री ने भी गन्ना बकाया भुगतान करने की हलचल बंद कर दी है। सॉफ्ट लोन के आवेदन करने वाली 12 शुगर मिलों में से पांच मिलों को तो लोन मिल गया है। लेकिन सात मिलों का लोन बैंकों में अटका पड़ा है। सूत्रों का कहना है कि चुनाव खत्म होते ही अब मिलों ने भी लोन के लिए गंभीरता दिखाना बंद कर दिया हैं। मंडल की मिलों पर 2274 करोड़ रुपये बकाया हो चुका है। अभी तक किसानों को डाले गए गन्ने का केवल 41 फीसदी ही भुगतान मिला है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा चुनाव की पहली विजय संकल्प रैली मेरठ में की थी। इस रैली में उन्होंने ने गन्ना किसानों को साधते हुए 11 अप्रैल को होने वाले मतदान से पहले बकाया गन्ना भुगतान कराने का वादा किया था। इसके बाद बोले सीएम योगी आदित्यनाथ ने भी अपनी सरकार बनने के बाद से किसानों की बेहतरी के लिए किए गए कार्यों को गिनाते हुए बकाया भुगतान कराने का वादा किया था। चुनाव में विपक्ष को बकाया गन्ना भुगतान का मुद्दा बनाने से रोकने के लिए सरकार ने पूरी तरह फिल्डिंग भी सजाई थी। इसके लिए केंद्र सरकार द्वारा जारी सॉफ्ट लोन की धनराशि से मिलों के पास चीनी स्टॉक के आधार पर एफआरपी की दर से चीनी की कीमत के सापेक्ष बैंकों से सॉफ्ट लोन दिलाने के लिए पूरा दबाव भी बनाया गया था।
मेरठ मंडल की 16 शुगर मिलों में से 12 शुगर मिलों सकौती, दौराला, बागपत, अनूपशहर, अगौता, साबितगढ़, बुलंदशहर, मवाना, नंगलामल, बागपत, मलकपुर और मोहिउद्दीनपुर मिल ने लोन के लिए आवेदन किया था। इनमें से सकौती, मोहिउद्दीनपुर, रमाला, बागपत और साबितगढ़ मिल को तो लोन हो गया। लेकिन सात मिलों का लोन अभी तक बैंकों में अटका पड़ा है। मोदीनगर, सिंभावली, बृजनाथपुर और किनौनी ने लोन के लिए आवेदन ही नहीं किया था।
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किसान है काफी परेशान
चालू पेराई सत्र 2018-19 में मंडल की शुगर मिलों पर किसानों के 2274 करोड़ रुपये बकाया हो चुके हैं। मिलों ने आपूर्ति किए गए गन्ने का केवल 41 फीसदी ही भुगतान किया है। इसमें मोदीनगर मिल ने 5 फीसदी, सिंभावली ने 9 फीसदी, बृजनाथपुर ने 6 फीसदी, किनौनी ने 19 फीसदी और बुलंदशहर ने 16 फीसदी ही भुगतान किया है। इतना कम भुगतान होने के चलते किसानों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
ये है मिलवार बकाया भुगतान की स्थिति
मिल बकाया (करोड़ रुपये में )
मवाना 348
दौराला 121
किनौनी 391
नंगलामल 157
सकौती 26
मोहिउद्दीनपुर 59
मोदीनगर 210
सिंभावली 370
बृजनाथपुर 127
मलकपुर 255
बागपत 12
रमाला 29
साबितगढ़ 10
अगौता 63
बुलंदशहर 62
अनूपशहर 31
................
दबाव बनाया हुआ है
शुगर मिलों पर बकाया भुगतान के लिए दबाव बनाया हुआ है। पांच मिलों को सॉफ्ट लोन मिल चुका है। सात मिलों को भी जल्द लोन मिल जाएगा। किसानों को उनका पूरा भुगतान कराया जाएगा। -हरपाल सिंह, उप गन्ना आयुक्त मेरठ परिक्षेत्र
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा चुनाव की पहली विजय संकल्प रैली मेरठ में की थी। इस रैली में उन्होंने ने गन्ना किसानों को साधते हुए 11 अप्रैल को होने वाले मतदान से पहले बकाया गन्ना भुगतान कराने का वादा किया था। इसके बाद बोले सीएम योगी आदित्यनाथ ने भी अपनी सरकार बनने के बाद से किसानों की बेहतरी के लिए किए गए कार्यों को गिनाते हुए बकाया भुगतान कराने का वादा किया था। चुनाव में विपक्ष को बकाया गन्ना भुगतान का मुद्दा बनाने से रोकने के लिए सरकार ने पूरी तरह फिल्डिंग भी सजाई थी। इसके लिए केंद्र सरकार द्वारा जारी सॉफ्ट लोन की धनराशि से मिलों के पास चीनी स्टॉक के आधार पर एफआरपी की दर से चीनी की कीमत के सापेक्ष बैंकों से सॉफ्ट लोन दिलाने के लिए पूरा दबाव भी बनाया गया था।
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मेरठ मंडल की 16 शुगर मिलों में से 12 शुगर मिलों सकौती, दौराला, बागपत, अनूपशहर, अगौता, साबितगढ़, बुलंदशहर, मवाना, नंगलामल, बागपत, मलकपुर और मोहिउद्दीनपुर मिल ने लोन के लिए आवेदन किया था। इनमें से सकौती, मोहिउद्दीनपुर, रमाला, बागपत और साबितगढ़ मिल को तो लोन हो गया। लेकिन सात मिलों का लोन अभी तक बैंकों में अटका पड़ा है। मोदीनगर, सिंभावली, बृजनाथपुर और किनौनी ने लोन के लिए आवेदन ही नहीं किया था।
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किसान है काफी परेशान
चालू पेराई सत्र 2018-19 में मंडल की शुगर मिलों पर किसानों के 2274 करोड़ रुपये बकाया हो चुके हैं। मिलों ने आपूर्ति किए गए गन्ने का केवल 41 फीसदी ही भुगतान किया है। इसमें मोदीनगर मिल ने 5 फीसदी, सिंभावली ने 9 फीसदी, बृजनाथपुर ने 6 फीसदी, किनौनी ने 19 फीसदी और बुलंदशहर ने 16 फीसदी ही भुगतान किया है। इतना कम भुगतान होने के चलते किसानों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
ये है मिलवार बकाया भुगतान की स्थिति
मिल बकाया (करोड़ रुपये में )
मवाना 348
दौराला 121
किनौनी 391
नंगलामल 157
सकौती 26
मोहिउद्दीनपुर 59
मोदीनगर 210
सिंभावली 370
बृजनाथपुर 127
मलकपुर 255
बागपत 12
रमाला 29
साबितगढ़ 10
अगौता 63
बुलंदशहर 62
अनूपशहर 31
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दबाव बनाया हुआ है
शुगर मिलों पर बकाया भुगतान के लिए दबाव बनाया हुआ है। पांच मिलों को सॉफ्ट लोन मिल चुका है। सात मिलों को भी जल्द लोन मिल जाएगा। किसानों को उनका पूरा भुगतान कराया जाएगा। -हरपाल सिंह, उप गन्ना आयुक्त मेरठ परिक्षेत्र