चुनावी मैदान सजा: टिकट के दावेदारों ने डाला दिल्ली-लखनऊ में डेरा, प्रत्याशियों की घोषणा का इंतजार
2022 के विधानसभा चुनाव को लेकर सियासत हर दिन रंग बदल रही है। हर दल के दावेदारों ने हाईकमान के दरबार की दौड़ लगाई हुई है। हालांकि अभी किसी ने अपने पत्ते नहीं खोले हैं। मेरठ के एक बड़े नेता के सपा में शामिल होने की चर्चा ने सियासी हलचल तेज कर दी है, तो वहीं भीम आर्मी संस्थापक चंद्रशेखर भी जल्द ही चुनाव में अकेले या गठबंधन की घोषणा कर सकते हैं। फिलहाल सभी पार्टियों के नेता लखनऊ में डेरा डाले हुए हैं।
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चुनाव की घोषणा के साथ ही पहले चरण की तैयारी तेज हो गई है। मेरठ की सात सीटों पर 14 से 21 जनवरी तक नामांकन होंगे और दस तारीख को मतदान। इसके चलते हर दल के दावेदारों ने हाईकमान के दरबार में दौड़ लगा दी है।
कुछ पार्टियों ने टिकट पर अंतिम मुहर लगा दी है, लेकिन आधिकारिक घोषणा अभी बाकी है। मेरठ की सात सीटों में से बसपा के 5 प्रत्याशियों का टिकट लगभग फाइनल होने की सूचना है। जिसमें अन्य दो पर जल्द फैसला लिया जा सकता है। वहीं सपा- रालोद गठबंधन द्वारा टिकट फाइनल को लेकर अभी बैठक का दौर जारी है।
सपा से टिकट दावेदार भी लखनऊ में जमे हुए हैं। मेरठ के एक बड़े नेता के सपा में शामिल होने की चर्चा ने दक्षिण सहित अन्य सीटों पर सीटों का गणित उलझा दिया है। चुनाव में कम समय के चलते टिकटों पर जल्द मुहर लग सकती है। वहीं भाजपा में टिकट दावेदारों की लंबी लाइन है।
11 को लेंगे गठबंधन करने या अकेले चुनाव लड़ने पर फैसला : चंद्रशेखर
भीम आर्मी संस्थापक व आसपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद ने 11 जनवरी को पिता की बरसी पर चुनाव में अकेले या गठबंधन की घोषणा करने की बात कही है। उन्होंने बताया 11 जनवरी 2013 को उनके पिता गोवर्धन दास का निधन हुआ था। पिता के निधन पर उन्होंने डॉ. भीमराव अंबेडकर व स्व. कांशीराम के आदर्शों पर चलने का निर्णय लिया था।
11 जनवरी को पिता को श्रद्धांजलि देने के बाद चुनाव लड़ने की घोषणा करेंगे। जबकि 10 मार्च चुनाव परिणाम के बाद ही सहारनपुर अपने घर लौटेंगे। वहीं एआईएमआईएम जिलाध्यक्ष चौधरी फहीम ने कहा राष्ट्रीय अध्यक्ष असददुद्दीन ओवैसी के निर्देशों पर मजबूती से चुनाव लड़ेंगे। 1-2 दो दिन में प्रत्याशियों की घोषणा हो सकती है।
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सपा में शामिल होने की चर्चा, बेटे इमरान कुरैशी ने बताया अफवाह
2022 के विधानसभा चुनाव को लेकर सियासत हर दिन रंग बदल रही है। चर्चा है कि वेस्ट यूपी के चर्चित नेता और पूर्व मंत्री रहे हाजी याकूब कुरैशी क्या साइकिल की सवारी करेंगे। उनकी एक गाड़ी शनिवार को लखनऊ में सपा कार्यालय के बाहर देखी गई थी। तब से ये कयास लगाए जा रहे हैं।
यह भी तर्क दिया जा रहा है कि बसपा संगठन के कुछ पदाधिकारी मेरठ दक्षिण से बसपा का टिकट कुंवर दिलशाद को देने की पैरवी कर रहे हैं। इससे हाजी याकूब नाराज हैं। वेस्ट यूपी में मुस्लिम राजनीति में हाजी याकूब कुरैशी बड़ा चेहरा माना जाता है। उधर, इस संबंध में याकूब कुरैशी के बेटे इमरान कुरैशी का कहना है कि लखनऊ जाकर अखिलेश यादव से मिलने की बात महज अफवाह है, वह और उनका परिवार मेरठ में ही है। बसपा छोड़ने की बातें झूठी हैं।