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पूर्व मंत्री हाजी याकूब की बेटी हुई भूमिगत, छात्राओं और टीचरों पर जमकर चलाया था चाबुक

Wed, 12 Jul 2017 01:45 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मेरठ
अमर उजाला ब्यूरो/ मेरठ Updated Wed, 12 Jul 2017 01:45 PM IST
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Eight people, including former minister Haji Yakubs daughter, were involved in the case
पुलिस ने पूर्व मंत्री के आवास पर दी दबिश

कॉलेज में घुसकर छात्राओं और शिक्षिकाओं पर चाबुक चलाने वाली पूर्व मंत्री याकूब कुरैशी की बेटी आसमां भूमिगत हो गई। पूर्व मंत्री की बेटी समेत आठ लोगों के नाम मुकदमे में शामिल हुए। वहीं पुलिस ने साठगांठ के चलते मंगलवार को फौरी कार्रवाई कर पल्ला झाड़ने का काम किया है। हल्की धाराएं लगाकर केस की नीव पहले ही कमजोर कर दी, ताकि आरोपियों को बचाया जा सके। स्कूल में हथियारों से लैस होकर पहुंचना, सरेआम गुंडागर्दी करना, हंटर चलाना और तोड़फोड़ करने की धाराएं भी मुकदमे में नहीं लगीं। सभी आरोपी सीसीटीवी कैमरे में कैद हैं, इसके बावजूद पुलिस ने अनदेखी की। पुलिस दावा कर रही है कि हंटर वाली दबंग महिला की तलाश में ताबड़तोड़ दबिश दी जा रही है।

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इंस्पेक्टर सदर बाजार पंकज पंत ने बताया कि पूर्व मंत्री याकूब कुरैशी की बेटी आसमां पत्नी शादाब निवासी हापुड़ समेत आठ लोगों के नाम मुकदमे में शामिल किए गए हैं। स्कूल में गुंडागर्दी के बाद से अभिभावक आगबबूला हैं। लेकिन चौतरफा दबाव के बाद भी पुलिस ने सख्त कार्रवाई करने के बजाय केवल रस्म ही निभाई।

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नतमस्तक हुई पुलिस

Eight people, including former minister Haji Yakubs daughter, were involved in the case
चाबुक वाली महिला कैमरे में कैद

पुलिस सूत्रों के मुताबिक इस मामले में पूर्व मंत्री याकूब कुरैशी के सामने जाते ही पुलिस नतमस्तक हो गई थी। याकूब के सौंपे गए तीन लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार दिखाया, जबकि हंटर चलाने वाली आसमां के बारे में पुलिस ने याकूब कुरैशी से कुछ पूछना भी मुनासिब नहीं समझा। जबकि पुलिस के पास सीसीटीवी फुटेज थी।

असली गुनहगार कहां हैं
तीनों आरोपियों पर पुलिस ने शांतिभंग में कार्रवाई की। जबकि तीनों आरोपी फुटेज में नहीं हैं। पुलिस सूत्रों की मानें तो असली आरोपी गिरफ्तार करने में पुलिस को पसीने छूट रहे हैं। समीर, आरिफ बरनावा बागपत और फैजल सरधना का निवासी है। जबकि इस मामले में सभी आरोपी कोतवाली के हैं।

सुलह का शोर मचा 
एमपीजीएस प्रकरण में मंगलवार रात शोर मचा कि आरोपी और पीड़ित पक्ष में सुलह हो गई है। समाज के लोगों ने समझौता करा दिया है। हालांकि पीड़ित पक्ष से बात न होने की वजह से इसकी पुष्टि नहीं हो सकी। एसपी सिटी ने बताया कि इस मामले में दो अलग-अलग केस दर्ज हुए हैं। इस मामले में यदि कोई सुलह भी होती है तो थाना स्तर पर केस वापसी की कोई संभावना नहीं है।

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