{"_id":"60a2bb348ebc3eb2aa15ebcd","slug":"eight-more-black-fungus-patients-found-in-meeru-including-women-from-punjab","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"मेरठ : पंजाब की महिला समेत ब्लैक फंगस के आठ मरीज और मिले, बढ़कर 28 हुई संख्या","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मेरठ : पंजाब की महिला समेत ब्लैक फंगस के आठ मरीज और मिले, बढ़कर 28 हुई संख्या
Tue, 18 May 2021 12:21 AM IST
Dimple Sirohi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
Published by: Dimple Sirohi
Updated Tue, 18 May 2021 12:21 AM IST
सार
मेरठ में अब तक 28 मरीजों में ब्लैक फंगस की पुष्टि हो चुकी है, जबकि तीन की मौत हो गई। ब्लैक फंगस के मरीजों का न्यूटिमा, आनंद और मेडिकल काॅलेज में उपचार चल रहा है।
विज्ञापन
Black Fungus
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कोरोना के मरीजों को ब्लैक फंगस के संक्रमण का खतरा भी घेर रहा है। मेरठ में आठ और नए केस सामने आए हैं। इनमें एक पंजाब की 46 साल की महिला है, जबकि एक मुजफ्फरनगर जिले का है। पांच मरीज मेरठ के हैं। एक मरीज बरेली का रहने वाला है। तीन मरीजों को मेडिकल कॉलेज, दो को आनंद अस्पताल, एक का न्यूटिमा अस्पताल में उपचार चल रहा है। सातवें मरीज को भी किसी प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अब तक मेरठ में 27 मरीजों को ब्लैक फंगस की पुष्टि हो चुकी है। इनमें तीन की मौत हो गई।
विज्ञापन
मेडिकल के कोविड प्रभारी डॉ. धीरज राज ने बताया कि सोमवार को कोविड-19 अस्पताल में ब्लैक फंगस के 3 मरीज भर्ती हुए हैं। इनमें एक मुजफ्फरनगर और दो मेरठ के रहने वाले हैं। न्यूटिमा अस्पताल के एमडी और वरिष्ठ किडनी रोग विशेषज्ञ डॉक्टर संदीप गर्ग ने बताया कि उनके यहां पंजाब के पठानकोट की महिला को भर्ती कराया गया है।
विज्ञापन
आनंद अस्पताल में ब्लैक संघर्ष के मरीजों का इलाज कर रहे डॉक्टर पुनीत भार्गव ने बताया कि उन्होंने सोमवार को दो मरीजों का सफल ऑपरेशन किया है। उनकी आंखों की रोशनी जाने वाली थी, लेकिन ऑपरेशन के बाद रोशनी बच गई है।
म्यूकरमायकोसिस (ब्लैक फंगस या काली फफूंद) कोविड की पहली लहर के दौरान ऐसे मरीजों की संख्या देश में बहुत कम थी। देश में महाराष्ट्र और गुजरात में खास तौर पर म्यूकरमायकोसिस के मामले बढ़ रहे थे, लेकिन अब मेरठ और आसपास के जिलों में काफी संख्या में मरीज मिल रहे हैं।
कोविड का इलाज करने के दौरान स्ट्रॉयड के ज्यादा इस्तेमाल से और शुगर बढ़ने के कारण आंख में बहुत ज्यादा सूजन आ जाती है यह इसका मुख्य लक्षण है। मरीजों के साथ भी यही हुआ है इनकी एक- एक आंख बुरी तरह से सूजी हुई है।
म्यूकरमायकोसिस (ब्लैक फंगस या काली फफूंद) कोविड की पहली लहर के दौरान ऐसे मरीजों की संख्या देश में बहुत कम थी। देश में महाराष्ट्र और गुजरात में खास तौर पर म्यूकरमायकोसिस के मामले बढ़ रहे थे, लेकिन अब मेरठ और आसपास के जिलों में काफी संख्या में मरीज मिल रहे हैं।
कोविड का इलाज करने के दौरान स्ट्रॉयड के ज्यादा इस्तेमाल से और शुगर बढ़ने के कारण आंख में बहुत ज्यादा सूजन आ जाती है यह इसका मुख्य लक्षण है। मरीजों के साथ भी यही हुआ है इनकी एक- एक आंख बुरी तरह से सूजी हुई है।