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ईद 2022: कारी शफीकुर्रहमान बोले- पड़ोसी को तकलीफ देने वाला मुसलमान नहीं, अल्लाह के बताए रास्ते पर चलें
Tue, 03 May 2022 11:11 AM IST
Dimple Sirohi
न्यूज डेस्क अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क अमर उजाला, मेरठ
Published by: Dimple Sirohi
Updated Tue, 03 May 2022 11:11 AM IST
सार
शहरकाजी प्रोफेसर जैनुस साजिद्दीन सिद्दीकी ने कहा भाईचारा ही हमारे हिंदुस्तान की पहचान है। भाईचारे के साथ ईद-उल-फितर का त्योहार मनाएं।
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ईद की नमाज
- फोटो : amar ujala
विस्तार
मेरठ के दिल्ली रोड स्थित शाही ईदगाह में दो साल बाद ईद उल फितर की नमाज अदा हुई। जिसके लिए शहरकाजी प्रोफेसर जैनुस साजिद्दीन सिद्दीकी व कारी शफीकुर्रहमान कासमी ने लोगों को मुबारकबाद दी। कारी शफीकुर्रहमान कासमी ने तकरीर में कहा जो शख्स पड़ोसी को तकलीफ देता है वो मोमीनीन नहीं हो सकता। पड़ोसी चाहे हिंदू हो या मुसलमान उसके साथ अच्छा बर्ताव ही इस्लाम का तकाजा है। ईमान मजबूत है तो अल्लाह की मदद हमारे साथ है। कुरान में अल्लाह ने फरमाया मेरे बाद मां - बाप की फर्माबारदारी करें। आजकल के बच्चे बड़ों की इज्जत नहीं करते और मोबाइल में लगे रहते हैं।
अल्लाह के बताए रास्ते पर चलें
कारी शफीकुर्रहमान कासमी ने कहा अल्लाह के बताए रास्ते पर चलें। आज हमारे अमाल के कारण लोग मुसलमानों से नफरत करने लगे हैं। युवा बाइक स्टंट व शोर शराबा करता हुआ चलता है। कुरान की बात के अपनी जिंदगी में उतार लो, नहीं तो जीवन मे सफल नहीं हो पाओगे। अच्छे स्कूल कायम करो, अच्छी शिक्षा लो। आईपीएस और पीसीएस की तैयारी कराओ।
यह भी पढ़ें : तस्वीरों में देखें ईद की नमाज : अमन-चैन और तरक्की की दुआ में उठे हाथ, ड्रोन कैमरों से हुई निगरानी, पुलिस-फोर्स तैनात
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अल्लाह के बताए रास्ते पर चलें
कारी शफीकुर्रहमान कासमी ने कहा अल्लाह के बताए रास्ते पर चलें। आज हमारे अमाल के कारण लोग मुसलमानों से नफरत करने लगे हैं। युवा बाइक स्टंट व शोर शराबा करता हुआ चलता है। कुरान की बात के अपनी जिंदगी में उतार लो, नहीं तो जीवन मे सफल नहीं हो पाओगे। अच्छे स्कूल कायम करो, अच्छी शिक्षा लो। आईपीएस और पीसीएस की तैयारी कराओ।
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आपसी भाईचारा ही हिन्दुतान की पहचान: शहरकाजी
शहरकाजी प्रोफेसर जैनुस साजिद्दीन सिद्दीकी ने कहा भाईचारा ही हमारे हिंदुस्तान की पहचान है। भाईचारे के साथ ईद-उल-फितर का त्योहार मनाएं। हर धर्म के लोगों को ईद की खुशियों में शामिल करें। बाइक स्टंट कुरान व इस्लामी तालीम के खिलाफ है। दूसरे धर्म की कद्र न करने वाला अपने ही धर्म को नहीं मानता। उन्होंने कहा इस ईद के स्टॉल नहीं लगे, जहां हिंदू-मुस्लिम गले मिलकर बधाई देते थे। ये मुल्क हमारा है इस मुल्क को बदनाम करने बचाएंगे।
ड्रोन कैमरों की निगरानी में हुई ईद की नमाज
ईदगाह के अंदर और बाहर चप्पे चप्पे पर पुलिस का पहरा था। ड्रोन कैमरों से नमाज की निगरानी की गई। जबकि ईदगाह की मस्जिद की छत से पुलिसकर्मी दूरबीन से नजर गड़ाए थे।
नमाज से आधा घंटा पहले ईदगाह परिसर में बंद की एंट्री
शाही ईदगाह में सुबह 7:45 बजे नमाज होनी थी। लेकिन सवा 7 बजे ही ईदगाह परिसर नमाजियों से भर गया। जिसके बाद तकरीर कर रहे कारी शफीकुर्रहमान कासमी ने लोगों से ईदगाह परिसर में न आने की अपील की। जबकि बाहर से ही फैज ए आम इंटर कॉलेज में जाने को कहा। हालांकि कुछ लोगों ने ईदगाह चौराहे वाली सड़क पर नमाज अदा की। लेकिन पुलिसकर्मी नमाजी के साथ नरमी से पेश आए। शहरकाजी जैनुस साजिद्दीन सिद्दीकी ने ईद की नमाज अदा कराई। जिसके बाद देश व दुनिया में सलामती की दुआ की।
फैज-ए-आम में ईद की नमाज कराने का निर्णय रहा सही
फैज-ए-आम इंटर कॉलेज की मस्जिद में ईद की नमाज 7 बजे हुई, जबकि मैदान पर 8 बजे हुई। ईदगाह परिसर में जगह न होने के चलते लोगों को बाहर से ही फैज ए आम के लिए भेजा गया। जिससे ईदगाह के बाहर ज्यादा भीड़ नहीं लगी और किसी की नमाज नहीं छूटी। पुलिस व जिला प्रसाशन का यह फार्मूला काम कर गया। सड़कों पर नमाज न होने के बावजूद लोगों ने इस निर्णय को स्वीकार किया और फैज ए आम में नमाज अदा की।
शहरकाजी प्रोफेसर जैनुस साजिद्दीन सिद्दीकी ने कहा भाईचारा ही हमारे हिंदुस्तान की पहचान है। भाईचारे के साथ ईद-उल-फितर का त्योहार मनाएं। हर धर्म के लोगों को ईद की खुशियों में शामिल करें। बाइक स्टंट कुरान व इस्लामी तालीम के खिलाफ है। दूसरे धर्म की कद्र न करने वाला अपने ही धर्म को नहीं मानता। उन्होंने कहा इस ईद के स्टॉल नहीं लगे, जहां हिंदू-मुस्लिम गले मिलकर बधाई देते थे। ये मुल्क हमारा है इस मुल्क को बदनाम करने बचाएंगे।
ड्रोन कैमरों की निगरानी में हुई ईद की नमाज
ईदगाह के अंदर और बाहर चप्पे चप्पे पर पुलिस का पहरा था। ड्रोन कैमरों से नमाज की निगरानी की गई। जबकि ईदगाह की मस्जिद की छत से पुलिसकर्मी दूरबीन से नजर गड़ाए थे।
नमाज से आधा घंटा पहले ईदगाह परिसर में बंद की एंट्री
शाही ईदगाह में सुबह 7:45 बजे नमाज होनी थी। लेकिन सवा 7 बजे ही ईदगाह परिसर नमाजियों से भर गया। जिसके बाद तकरीर कर रहे कारी शफीकुर्रहमान कासमी ने लोगों से ईदगाह परिसर में न आने की अपील की। जबकि बाहर से ही फैज ए आम इंटर कॉलेज में जाने को कहा। हालांकि कुछ लोगों ने ईदगाह चौराहे वाली सड़क पर नमाज अदा की। लेकिन पुलिसकर्मी नमाजी के साथ नरमी से पेश आए। शहरकाजी जैनुस साजिद्दीन सिद्दीकी ने ईद की नमाज अदा कराई। जिसके बाद देश व दुनिया में सलामती की दुआ की।
फैज-ए-आम में ईद की नमाज कराने का निर्णय रहा सही
फैज-ए-आम इंटर कॉलेज की मस्जिद में ईद की नमाज 7 बजे हुई, जबकि मैदान पर 8 बजे हुई। ईदगाह परिसर में जगह न होने के चलते लोगों को बाहर से ही फैज ए आम के लिए भेजा गया। जिससे ईदगाह के बाहर ज्यादा भीड़ नहीं लगी और किसी की नमाज नहीं छूटी। पुलिस व जिला प्रसाशन का यह फार्मूला काम कर गया। सड़कों पर नमाज न होने के बावजूद लोगों ने इस निर्णय को स्वीकार किया और फैज ए आम में नमाज अदा की।