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Meerut News: मिलीभगत से देखते ही देखते बस गया सेंट्रल मार्केट, अब जवाब देना पड़ रहा भारी

Sat, 18 Oct 2025 03:46 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 18 Oct 2025 03:46 AM IST
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Due to collusion, the Central Market was settled in no time, now it has to answer heavily.
शास्त्रीनगर सेंट्रल मार्केट में बनाए गए अवैध काॅम्पैक्स जिसका ध्वस्तीकरण होना है। ..... संवाद .
मेरठ। सेंट्रल मार्केट के व्यापारियों और आवास एवं विकास परिषद के अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने से मामला गरमा गया है। मिलीभगत से आवासीय भवनों को कॉमर्शियल में तब्दील करने के मामले में अब अधिकारी व व्यापारियों को जवाब देना भारी पड़ रहा है। 27 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट में अवमानना याचिका पर सुनवाई होनी है। अभी तक ध्वस्तीकरण की कार्रवाई को लेकर अधिकारियों को कोर्ट में अवगत कराना है। इस कार्रवाई का असर शुक्रवार को सेंट्रल मार्केट की सजावट पर भी देखने को मिला। बाजार में दिनभर यही चर्चा होती रही।
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सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश जेबी पारदीवाला और आर. महादेवन की खंडपीठ ने आवासीय भवन 661/6 में व्यावसायिक कांपलेक्स मामले में 17 दिसंबर 2024 को आवासीय क्षेत्र में भू-उपयोग परिवर्तन कर किए गए सभी अवैध निर्माणों के ध्वस्तीकरण के आदेश दिए थे। हाल ही में सुप्रीम आरटीआई कार्यकर्ता लोकेश खुराना की याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायाधीश जेबी पारदीवाला और केवी विश्वनाथन की खंडपीठ ने आवास एवं विकास परिषद के अधिकारियों से दो सप्ताह में जवाब मांगा। इसी के साथ 27 अक्टूबर को मामले में अब सुनवाई होनी है। इससे पहले ही एसएसपी ने दो मुकदमे दर्ज करा दिए। इनमें एक मुकदमे में 21 लोगों को नामजद और एक अज्ञात व्यापारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया। वहीं दूसरे मुकदमे में 1990 से अब तक तैनात रहे आवास विकास के 45 अधिकारियों को नामजद किया गया है। इनमें से चार की मौत हो चुकी है।
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ये है सेंट्रल मार्केट का विवादित ढांचा
उल्लेखनीय की स्कीम नंबर 7 के अंतर्गत सेक्टर 2 सेक्टर 6 में सबसे ज्यादा आवासीय भवन में व्यावसायिक गतिविधियां हो रही हैं। घर घर में शोरूम, कॉम्प्लेक्स, मर्चेंट स्टोर, रेस्टोरेंट, सैलून, बैंक, क्लीनिक, अस्पताल आदि का संचालन हो रहा है। आवास विकास के दफ्तर के पास ही तमाम ऐसी गतिविधियों की जा रही हैं। ऐसे करीब डेढ़ हजार निर्माण है जो ध्वस्तीकरण की जद में हैं।
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ये बोले व्यापारी, हमें सरकार से उम्मीद
- व्यापारी नेता किशोर वाधवा ने बताया कि शासन में वास्तुविद नियोजक को पत्र लिखकर राहत की गुहार लगाई गई है। नई आवासीय नीति 2025 के प्रावधानों के अंतर्गत शामिल करते हुए प्रक्रिया की जानकारी मांगी गई है। व्यापारी राजीव गुप्ता, अमरजीत सिंह, जगप्रीत कौर, डा. निशी गोयल, संगीता वाधवा, संदीप सिंह, चंद्र प्रकाश गोयल, संगीता जैन, प्रतीक वाधवा, संजीव मेहंदीरत्ता, राजेंद्र बड़जात्या, हरेंद्र चौहान, राकेश मदान, रजत अरोड़ा, शिखर वाधवा और अलका अरोड़ा की ओर से पत्र भेजे गए हैं।
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