{"_id":"688d24b35ef12ef09409fbf6","slug":"drugs-worth-rs-10-lakh-recovered-from-the-house-of-pharmacist-union-president-meerut-news-c-72-1-mrt1062-137999-2025-08-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"फार्मासिस्ट यूनियन के अध्यक्ष के घर से दस लाख रुपये की नशीली दवाएं मिलीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
फार्मासिस्ट यूनियन के अध्यक्ष के घर से दस लाख रुपये की नशीली दवाएं मिलीं
विज्ञापन
मेरठ। शास्त्रीनगर रोड निवासी फार्मासिस्ट यूनियन के अध्यक्ष आजाद अली घर से ड्रग्स विभाग की टीम ने दस लाख से अधिक कीमत की नशीली दवाएं और इंजेक्शन बरामद किए हैं। आरोपी के पास से बिल नहीं मिले हैं। ड्रग विभाग की टीम ने शुक्रवार को कार्रवाई करते हुए आरोपी को नौचंदी थाना पुलिस के सुपुर्द कर केस दर्ज कराया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख्त आदेश है कि नशीली दवाओं का दुरुपयोग न हो। आरोप है कि आजाद अली अपने लाभ के लिए नशीली दवाओं और इंजेक्शन का दुरुपयोग कर रहा था। यह दवाएंं वेस्ट यूपी के अलावा अन्य प्रदेशों में भी आपूर्ति की जा रहीं थीं। जबकि मरीजों को यह दवाएं चिकित्सक के पर्चे पर देने का नियम है। शुक्रवार को नौचंदी थाना पुलिस को साथ लेकर ड्रग इंस्पेक्टर पीयूष शर्मा, प्रियंका चौधरी ने जांच पड़ताल कर यह कार्रवाई की।
टीम ने एल्प्राजोलम, क्लोजीनाप्राम समेत कई नशीली दवाओं के डिब्बे बोरी में भरे मिले। आजाद अली से पूछताछ की गई, तो वह बिल भी मुहैया नहीं करा सका। आजाद के पक्ष में भी कई लोग नौचंदी थाने पहुंचे लेकिन पुलिस ने सभी को थाने से बाहर निकाल दिया। दवाएं कहां लाई जा रहीं थी और कहां-कहां आपूर्ति की जा रहीं थीं। इसकी पड़ताल ड्रग विभाग की टीम कर रही है।
विज्ञापन
एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह का कहना है कि मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। आरोपी पुलिस हिरासत में है। ड्रग विभाग की टीम पुलिस के साथ जांच कर रही है।
नशीली गोलियां बिना पर्चे के मार्केट में नहीं बेची जानी चाहिए। जो भी अवैध रूप से दवा कारोबार कर रहे हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। ड्रग इंस्पेक्टर की संख्या हमारे मेरठ और पूरे यूपी में कम है। इनकी संख्या बढ़ाई जानी चाहिए।
रजनीश कौशल, महामंत्री, जिला मेरठ कैमिस्टस एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन
विज्ञापन
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख्त आदेश है कि नशीली दवाओं का दुरुपयोग न हो। आरोप है कि आजाद अली अपने लाभ के लिए नशीली दवाओं और इंजेक्शन का दुरुपयोग कर रहा था। यह दवाएंं वेस्ट यूपी के अलावा अन्य प्रदेशों में भी आपूर्ति की जा रहीं थीं। जबकि मरीजों को यह दवाएं चिकित्सक के पर्चे पर देने का नियम है। शुक्रवार को नौचंदी थाना पुलिस को साथ लेकर ड्रग इंस्पेक्टर पीयूष शर्मा, प्रियंका चौधरी ने जांच पड़ताल कर यह कार्रवाई की।
विज्ञापन
टीम ने एल्प्राजोलम, क्लोजीनाप्राम समेत कई नशीली दवाओं के डिब्बे बोरी में भरे मिले। आजाद अली से पूछताछ की गई, तो वह बिल भी मुहैया नहीं करा सका। आजाद के पक्ष में भी कई लोग नौचंदी थाने पहुंचे लेकिन पुलिस ने सभी को थाने से बाहर निकाल दिया। दवाएं कहां लाई जा रहीं थी और कहां-कहां आपूर्ति की जा रहीं थीं। इसकी पड़ताल ड्रग विभाग की टीम कर रही है।
विज्ञापन
एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह का कहना है कि मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। आरोपी पुलिस हिरासत में है। ड्रग विभाग की टीम पुलिस के साथ जांच कर रही है।
नशीली गोलियां बिना पर्चे के मार्केट में नहीं बेची जानी चाहिए। जो भी अवैध रूप से दवा कारोबार कर रहे हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। ड्रग इंस्पेक्टर की संख्या हमारे मेरठ और पूरे यूपी में कम है। इनकी संख्या बढ़ाई जानी चाहिए।
रजनीश कौशल, महामंत्री, जिला मेरठ कैमिस्टस एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन