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ब्लड बैग पर लिखा रक्तदाता का नाम, कार्रवाई की मांग
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मेरठ। ब्लड बैग पर रक्तदाता का नाम लिखा होने पर इसकी शिकायत ड्रग्स विभाग से की गई है। शिकायत कर्ता आईएमए के पूर्व सचिव डॉ. अनिल नौसरान हैं। उन्होंने गैरकानूनी रक्त व्यापार की आशंका जताते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
डॉ. नौसरान ने बताया कि गढ़ रोड स्थित एक निजी ब्लड बैंक में बृहस्पतिवार को एक व्यक्ति संदिग्ध परिस्थितियों में ब्लड बैग लेकर आया, जिस पर रक्तदाता का नाम लिखा हुआ था। उसने ब्लड की क्रॉस मैच रिपोर्ट बनवाने की मांग की। ब्लड बैंक स्टाफ ने नियमों के अनुसार उसे ऐसा करने से मना कर दिया। उन्होंने बताया कि किसी भी मान्यता प्राप्त ब्लड बैंक से जारी रक्त बैग पर रक्तदाता का नाम नहीं लिखा होता है, क्योंकि यह एक गोपनीय जानकारी होती है। साथ ही, उस ब्लड बैग पर एक्सपायरी डेट का भी अभाव था, जो सुरक्षा मानकों के विपरीत है। डॉ. नौसरान ने बताया कि उन्होंने इसकी जानकारी की तो पता चला कि ब्लड बैग एक निजी अस्पताल से लिया गया था और इसे दूसरे अस्पताल में भर्ती एक मरीज को चढ़ाने के लिए लाया गया था। दूसरे अस्पताल वालों ने उसे क्रॉस मैच रिपोर्ट लाने के लिए कहा, जो रक्त चढ़ाने से पहले जरूरी होती है। ये रिपोर्ट ब्लड बैंक में ही बनती है। तब वह ब्लड बैंक आया तो इसका पता चला। डॉ. नौसरान का आरोप है कि इस घटना से लगता है कि रक्त की कालाबाजारी हो रही है। इस संबंध में ड्रग्स इंस्पेक्टर पीयूष का कहना है कि इस मामले की छानबीन की जाएगी। छानबीन के बाद के ही कहा जा सकता है कि क्या मामला है।
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डॉ. नौसरान ने बताया कि गढ़ रोड स्थित एक निजी ब्लड बैंक में बृहस्पतिवार को एक व्यक्ति संदिग्ध परिस्थितियों में ब्लड बैग लेकर आया, जिस पर रक्तदाता का नाम लिखा हुआ था। उसने ब्लड की क्रॉस मैच रिपोर्ट बनवाने की मांग की। ब्लड बैंक स्टाफ ने नियमों के अनुसार उसे ऐसा करने से मना कर दिया। उन्होंने बताया कि किसी भी मान्यता प्राप्त ब्लड बैंक से जारी रक्त बैग पर रक्तदाता का नाम नहीं लिखा होता है, क्योंकि यह एक गोपनीय जानकारी होती है। साथ ही, उस ब्लड बैग पर एक्सपायरी डेट का भी अभाव था, जो सुरक्षा मानकों के विपरीत है। डॉ. नौसरान ने बताया कि उन्होंने इसकी जानकारी की तो पता चला कि ब्लड बैग एक निजी अस्पताल से लिया गया था और इसे दूसरे अस्पताल में भर्ती एक मरीज को चढ़ाने के लिए लाया गया था। दूसरे अस्पताल वालों ने उसे क्रॉस मैच रिपोर्ट लाने के लिए कहा, जो रक्त चढ़ाने से पहले जरूरी होती है। ये रिपोर्ट ब्लड बैंक में ही बनती है। तब वह ब्लड बैंक आया तो इसका पता चला। डॉ. नौसरान का आरोप है कि इस घटना से लगता है कि रक्त की कालाबाजारी हो रही है। इस संबंध में ड्रग्स इंस्पेक्टर पीयूष का कहना है कि इस मामले की छानबीन की जाएगी। छानबीन के बाद के ही कहा जा सकता है कि क्या मामला है।
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