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कम से कम अपने लिए जैविक खेती जरूर करें : आलोक
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मवाना। भारतीय किसान संघ द्वारा कृषक पीजी कॉलेज में आयोजित दत्तोपंत ठेंगड़ी जन्म शताब्दी समापन समारोह सोमवार को संपन्न हो गया। क्षेत्रीय प्रचारक पश्चिम क्षेत्र राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ ने कहा कि कोरोना काल में साबित हो गया कि स्वास्थ्य के लिए जैविक खेती आवश्यक है।
मुख्य वक्ता आलोक कुमार ने दत्तोपंत ठेंगड़ी के जीवन एवं विचारों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि जब पूरा देश हरित क्रांति दौड़ में शामिल था। उसी दौरान ठेंगड़ी ने कहा कि गो आधारित जैविक खेती होनी चाहिए। उन्होंने डंकल प्रस्ताव का विरोध किया था। आपातकाल में विदेश और देश में विपक्ष ने एकजुट होकर विरोध किया वह ठेंगडी जी के कारण हुआ था। उन्होंने संकल्प दिलाया कि कम से कम अपने लिए गो आधारित जैविक खेती करके सब्जी एवं अन्न उगाएंगे।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रदेश संगठन मंत्री शिवकांत दीक्षित कहा ने कि ठेंगड़ी का मानना था कि व्यक्ति पर भाषा, वेशभूषा व खानपान का अन्य किसी संस्कृति का असर नहीं आना चाहिए। उनका कहना है कि खेती में 3.26 प्रतिशत जीडीपी रही। इसकी चर्चा कोई नहीं करता है। हालांकि इससे 90 प्रतिशत लोग जुडे़ हैं। जिस जीडीपी की चर्चा होती है। वह केवल दस फीसदी लोगों के लिए है। कार्यक्रम की अध्यक्षता कृषक पीजी कॉलेज के पूर्व प्रबंधक अतुल वर्मा ने की तथा संचालन अश्वनी त्यागी व कुलदीप ने संयुक्त रूप से किया। इस मौके पर सोहनपाल सिंह, हरवीर सिंह, राज सिंह, डॉ. धर्मपाल सिंह, दीपक मलिक, मनोज ठाकुर आदि उपस्थित रहे।
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यहां प्रभाकर केलकर के निधन पर दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गई। इस मौके पर अतिथियों, उत्कृष्ट जैविक खेती करने वाले किसानों तथा वरिष्ठ कार्यकर्ताओं को अंगवस्त्र व स्मृति चिह्न भेंटकर सम्मानित किया। यहां पूर्व विधायक गोपाल काली, पूर्व विधायक जगत सिंह, रविंद्र भड़ाना, भाजपा जिलाध्यक्ष अनुज राठी, ब्लॉक प्रमुख प्रेमपाल सिंह, महेश, जयप्रकाश गुप्ता, अशोक कुमार, कमल प्रताप, ललित शंकर, आदित्य, सीपी सिंह, अमल खटीक, अनुराग दुबलिश, पवन रस्तोगी, राजेंद्र चौहान, सुनील पोसवाल, कपिल शर्मा, प्रज्ज्वल चौहान उपस्थित रहे।
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मुख्य वक्ता आलोक कुमार ने दत्तोपंत ठेंगड़ी के जीवन एवं विचारों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि जब पूरा देश हरित क्रांति दौड़ में शामिल था। उसी दौरान ठेंगड़ी ने कहा कि गो आधारित जैविक खेती होनी चाहिए। उन्होंने डंकल प्रस्ताव का विरोध किया था। आपातकाल में विदेश और देश में विपक्ष ने एकजुट होकर विरोध किया वह ठेंगडी जी के कारण हुआ था। उन्होंने संकल्प दिलाया कि कम से कम अपने लिए गो आधारित जैविक खेती करके सब्जी एवं अन्न उगाएंगे।
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कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रदेश संगठन मंत्री शिवकांत दीक्षित कहा ने कि ठेंगड़ी का मानना था कि व्यक्ति पर भाषा, वेशभूषा व खानपान का अन्य किसी संस्कृति का असर नहीं आना चाहिए। उनका कहना है कि खेती में 3.26 प्रतिशत जीडीपी रही। इसकी चर्चा कोई नहीं करता है। हालांकि इससे 90 प्रतिशत लोग जुडे़ हैं। जिस जीडीपी की चर्चा होती है। वह केवल दस फीसदी लोगों के लिए है। कार्यक्रम की अध्यक्षता कृषक पीजी कॉलेज के पूर्व प्रबंधक अतुल वर्मा ने की तथा संचालन अश्वनी त्यागी व कुलदीप ने संयुक्त रूप से किया। इस मौके पर सोहनपाल सिंह, हरवीर सिंह, राज सिंह, डॉ. धर्मपाल सिंह, दीपक मलिक, मनोज ठाकुर आदि उपस्थित रहे।
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यहां प्रभाकर केलकर के निधन पर दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गई। इस मौके पर अतिथियों, उत्कृष्ट जैविक खेती करने वाले किसानों तथा वरिष्ठ कार्यकर्ताओं को अंगवस्त्र व स्मृति चिह्न भेंटकर सम्मानित किया। यहां पूर्व विधायक गोपाल काली, पूर्व विधायक जगत सिंह, रविंद्र भड़ाना, भाजपा जिलाध्यक्ष अनुज राठी, ब्लॉक प्रमुख प्रेमपाल सिंह, महेश, जयप्रकाश गुप्ता, अशोक कुमार, कमल प्रताप, ललित शंकर, आदित्य, सीपी सिंह, अमल खटीक, अनुराग दुबलिश, पवन रस्तोगी, राजेंद्र चौहान, सुनील पोसवाल, कपिल शर्मा, प्रज्ज्वल चौहान उपस्थित रहे।